{"_id":"6a390d81740db5446c0415b7","slug":"csr-conclave-sawai-madhopur-news-c-1-1-noi1439-4422434-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"रणथंभौर से वन मंत्री की बड़ी अपील! उद्योगपति गोद लें विस्थापित गांव, CSR फंड से बसाएं सुविधायुक्त कॉलोनियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रणथंभौर से वन मंत्री की बड़ी अपील! उद्योगपति गोद लें विस्थापित गांव, CSR फंड से बसाएं सुविधायुक्त कॉलोनियां
Mon, 22 Jun 2026 10:58 PM IST
सवाई ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: सवाई ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:58 PM IST
सार
सवाई माधोपुर के रणथंभौर में आयोजित दो दिवसीय सीएसआर कॉन्क्लेव में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ विस्थापित गांवों के विकास पर मंथन हुआ। वन मंत्री संजय शर्मा ने उद्योगपतियों से अपील की कि वे सीएसआर फंड के माध्यम से जंगलों से विस्थापित होने वाले गांवों को गोद लेकर वहां बेहतर सुविधाओं वाली कॉलोनियां विकसित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में लगातार नवाचार कर रही है।
विज्ञापन
CSR कॉन्क्लेव में वन मंत्री ने की अपील
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर में प्रदेशभर के उद्योगपति जुटे हैं। रणथंभौर स्थित होटल सवाई विलास में आयोजित दो दिवसीय सीएसआर कॉन्क्लेव में प्रदेशभर के वन अधिकारी एवं उद्योगपति वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर चर्चा के लिए जुटे हैं। रणथंभौर में आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव का उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों के विकास को प्रोत्साहित करना है।
विज्ञापन
वन संरक्षण पर जुटे उद्योगपति और वन अधिकारी
कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अरिजीत बनर्जी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए उद्योगपति और वन विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेहतर कार्य का दावा
सीएसआर कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण को लेकर बेहतर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था विकसित की है, जिसके तहत लोग बिना नर्सरी जाए ऑनलाइन पौधे मंगवा सकते हैं।
विज्ञापन
वन मेलों की नई पहल
वन मंत्री ने बताया कि राजस्थान में पहली बार संभाग स्तर पर वन मेले आयोजित किए गए हैं। आगामी समय में इन वन मेलों का आयोजन जिला स्तर पर भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा सके।
विस्थापित गांवों को गोद लेने की अपील
वन मंत्री ने कॉन्क्लेव में मौजूद उद्योगपतियों से जंगलों से विस्थापित होने वाले गांवों की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में वन विभाग ने विस्थापित परिवारों के लिए दिए जाने वाले पैकेज में बढ़ोतरी की थी, लेकिन यह अभी भी पर्याप्त नहीं है।
उबड़-खाबड़ जमीन बनी चुनौती
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विस्थापित परिवारों को जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह कई स्थानों पर उबड़-खाबड़ है। इसी कारण कई परिवार वहां बसने से हिचकिचाते हैं। ऐसे में उद्योगपति सीएसआर फंड के माध्यम से इन गांवों को गोद लेकर बेहतर सुविधाओं वाली कॉलोनियां विकसित करने में सहयोग करें।
यह भी पढ़ें: कोटा-बीकानेर के बाद अब जयपुर पर सवाल! महिला अस्पताल में जमीन पर बैठी मिली प्रसूता, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
रणथंभौर में बाघों की संख्या पर भी बोले मंत्री
रणथंभौर में क्षमता से अधिक बाघों की संख्या के सवाल पर वन मंत्री ने कहा कि फिलहाल बाघों के विस्थापन की आवश्यकता बहुत अधिक नहीं है। हालांकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर बाघों को रामगढ़ विषधारी और मुकंदरा जैसे क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान में इसकी जरूरत सीमित है।