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Sirohi News: विश्व शांति दिवस के रूप में मनाई गई ब्रह्माकुमारी संस्थान के संस्थापक की 57 वीं पुण्यतिथि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 10:12 PM IST
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सार
Sirohi News: ब्रह्माकुमारीज संस्थान के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57वीं पुण्यतिथि रविवार को मनाई गई। समारोह को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मुन्नी दीदी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा ने नारी को शक्ति स्वरूप बनाने का महान कार्य किया।
सिरोही। ब्रह्माकुमारी संस्थान के संस्थापक की 57 वीं पुण्यतिथिविश्व शांति दिवस के रूप में मनाई
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विस्तार
ब्रह्माकुमारीज संस्थान के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57वीं पुण्यतिथि रविवार को विश्व शांति दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन स्थित डायमंड हॉल में मुख्य समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सैकड़ों अनुयायियों ने भाग लिया। इस दौरान वक्ताओं ने ब्रह्मा बाबा के जीवन, आदर्शों और आध्यात्मिक योगदान पर प्रकाश डाला।
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मानव जीवन श्रेष्ठ: राजयोगिनी मुन्नी दीदी
समारोह को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मुन्नी दीदी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा ने नारी को शक्ति स्वरूप बनाने का महान कार्य किया। आज उनके बताए मार्ग पर चलकर हजारों माताओं-बहनों ने अपने जीवन को नारी शक्ति के रूप में विकसित किया है।उन्होंने कहा कि बचपन से ही बाबा के स्नेह और पालना ने उन्हें समाज सेवा का संकल्प दिया। बाबा की याद और प्यार की पालना से मानव जीवन श्रेष्ठ और महान बनता है। केवल नारी ही नहीं, बल्कि कोई भी व्यक्ति आध्यात्मिक मार्ग पर चलकर अपने जीवन के उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।
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दूरदर्शी थे ब्रह्मा बाबा
संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके संतोष दीदी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा दूरदर्शी थे। वे लोगों को देखकर यह समझ जाते थे कि भविष्य में कौन विश्व सेवा का महान माध्यम बनेगा। यही कारण है कि जो भी भाई-बहन बाबा के संपर्क में आए, उन्होंने स्वयं की पहचान की और परमात्मा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
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भक्तों ने साझा किया अनुभव
इस अवसर पर संस्थान के महासचिव बीके करुणाभाई ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बाबा के संपर्क में आते ही आत्मिक अनुभूति होने लगी थी। ऐसा लगता था कि बाबा हमारे मन की हर बात जानते हैं। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा ने जीवन को आध्यात्मिक सेवा के पथ पर आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि वर्षों कैसे मानव कल्याण में बीत गए, इसका एहसास ही नहीं हुआ। बाबा की स्मृति हमें निरंतर शक्ति और समर्थता प्रदान करती है। कार्यक्रम में संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय भाई सहित कई वरिष्ठ भाई-बहनों ने भी ब्रह्मा बाबा के साथ अपने अनुभव साझा किए।