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Sirohi News: सिरोड़ी के हर्षित बने मुनिराज हीतगुणरत्नविजय, आचार्य रविरत्नसूरी ने दिलाई दीक्षा
Sat, 27 Jun 2026 10:34 PM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
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Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2026 10:34 PM IST
सार
सिरोही जिले के सिरोड़ी गांव में मुमुक्षु हर्षित ने जैन परंपरा के अनुसार दीक्षा ग्रहण कर सांसारिक जीवन का त्याग कर संयम जीवन अपनाया। दीक्षा समारोह में बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु शामिल हुए। हर्षित गांव के 18वें साधु बने, जबकि अब तक सिरोड़ी के 52 युवक-युवतियां आध्यात्मिक जीवन अपना चुके हैं।
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सिरोड़ी के हर्षित ने ग्रहण की जैन दीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिरोही जिले के सिरोड़ी गांव में शनिवार को मुमुक्षु हर्षित ने शुभ मुहूर्त में आचार्य रविरत्नसूरी, आचार्य जयेशरत्नसूरी और पन्यास प्रवर वैराग्यरत्नविजय महाराज की उपस्थिति में जैन दीक्षा ग्रहण की। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों जैन धर्मावलंबियों ने भाग लिया। पूरे समारोह के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा।
दीक्षा से पूर्व सिरोड़ी निवासी रेखाबेन और जितेंद्र कुमार संघवी के पुत्र मुमुक्षु हर्षित को जैसे ही रजोहरण एवं ओघा प्रदान किया गया, वे भावविभोर होकर नृत्य करने लगे। इसके बाद मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ आचार्य रविरत्नसूरी महाराज ने उन्हें दीक्षा प्रदान की तथा केशलोचन संस्कार सम्पन्न कराया। साधु वेश धारण कर जब वे मंडप में पहुंचे तो श्रद्धालुओं ने अक्षत वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। आचार्यश्री ने उनका नाम मुनिराज हीरगुणरत्नविजय घोषित किया, जिसके बाद पूरा पांडाल करतल ध्वनि से गूंज उठा।
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दीक्षा से पूर्व सिरोड़ी निवासी रेखाबेन और जितेंद्र कुमार संघवी के पुत्र मुमुक्षु हर्षित को जैसे ही रजोहरण एवं ओघा प्रदान किया गया, वे भावविभोर होकर नृत्य करने लगे। इसके बाद मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ आचार्य रविरत्नसूरी महाराज ने उन्हें दीक्षा प्रदान की तथा केशलोचन संस्कार सम्पन्न कराया। साधु वेश धारण कर जब वे मंडप में पहुंचे तो श्रद्धालुओं ने अक्षत वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। आचार्यश्री ने उनका नाम मुनिराज हीरगुणरत्नविजय घोषित किया, जिसके बाद पूरा पांडाल करतल ध्वनि से गूंज उठा।
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दीक्षा लेते ही हर्षित बने मुनिराज हीरगुणरत्नविजय
- फोटो : अमर उजाला
मुनिराज हीरगुणरत्नविजय, मुनिराज जिनवररत्नविजय महाराज के शिष्य बने हैं। वे सिरोड़ी गांव के 18वें साधु हैं तथा उनके परिवार के सातवें सदस्य हैं जिन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर संयम जीवन अपनाया है। 11 बहनों के इकलौते भाई हर्षित जब साधु वेश में श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे तो उनके चेहरे का तेज सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस अवसर पर आचार्य लब्धिवल्लभसूरी महाराज ने कहा कि अब तक सिरोड़ी गांव के 52 युवक-युवतियों ने संयम जीवन अपनाकर गांव और जैन समाज का गौरव बढ़ाया है।
दीक्षा से पूर्व माता-पिता और परिजनों ने हर्षित का विजय तिलक कर भावुक विदाई दी। हाथी, घोड़े और बैंड-बाजों के साथ उनका भव्य वरघोड़ा निकाला गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उनका वधामणा कर शुभकामनाएं दीं। दीक्षा के बाद साधु जीवन में उपयोग आने वाले पात्र और उपकरण अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। समारोह के उपरांत आचार्य रविरत्नसूरी अपने शिष्यों के साथ अहमदाबाद के लिए विहार कर गए, जहां उनका चातुर्मास न्यू वासणा क्षेत्र में होगा।
दीक्षा से पूर्व माता-पिता और परिजनों ने हर्षित का विजय तिलक कर भावुक विदाई दी। हाथी, घोड़े और बैंड-बाजों के साथ उनका भव्य वरघोड़ा निकाला गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उनका वधामणा कर शुभकामनाएं दीं। दीक्षा के बाद साधु जीवन में उपयोग आने वाले पात्र और उपकरण अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। समारोह के उपरांत आचार्य रविरत्नसूरी अपने शिष्यों के साथ अहमदाबाद के लिए विहार कर गए, जहां उनका चातुर्मास न्यू वासणा क्षेत्र में होगा।
विजय तिलक के साथ दी गई भावुक विदाई
- फोटो : अमर उजाला
दीक्षा से पूर्व माता-पिता और परिजनों ने हर्षित का विजय तिलक कर भावुक विदाई दी। हाथी, घोड़े और बैंड-बाजों के साथ उनका भव्य वरघोड़ा निकाला गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उनका वधामणा कर शुभकामनाएं दीं। दीक्षा के बाद साधु जीवन में उपयोग आने वाले पात्र और उपकरण अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। समारोह के उपरांत आचार्य रविरत्नसूरी अपने शिष्यों के साथ अहमदाबाद के लिए विहार कर गए, जहां उनका चातुर्मास न्यू वासणा क्षेत्र में होगा।
सिरोड़ी के 18वें साधु बने हर्षित
- फोटो : अमर उजाला
इस अवसर पर श्रीमती तुलसीबेन गेनमलजी परिवार ने तलाजा तीर्थ से पालीताणा तीर्थ तक छह रिपालित संघ निकालने की घोषणा की और आचार्यश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन समिति और शांतिलाल पूनमचंद संघवी परिवार ने दीक्षा महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले श्रीसंघ एवं समस्त ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया।