Sirohi: अपर जिला एवं सत्र न्यायालय क्रमांक-1 का फैसला, 15 साल पुराने सड़क हादसे में दोषी की सजा बरकरार
सिरोही के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय क्रमांक-1 ने 15 वर्ष पुराने सड़क हादसे में दो लोगों की मौत के मामले में दोषी विक्रम उर्फ विक्की बारोट की अपील खारिज कर दी। अदालत ने दो वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा बरकरार रखी।
सिरोही के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय क्रमांक-1 ने 15 वर्ष पुराने सड़क हादसे में दो लोगों की मौत के मामले में दोषी विक्रम उर्फ विक्की बारोट की अपील खारिज कर दी। अदालत ने दो वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा बरकरार रखी।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायालय क्रमांक-1 के न्यायाधीश कुलदीप सूत्रधार ने 15 वर्ष पुराने सड़क हादसे के मामले में अधीनस्थ न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। दोषी विक्रम उर्फ विक्की बारोट को अब दो वर्ष के साधारण कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा भुगतनी होगी।
जानकारी के अनुसार, विक्रम उर्फ विक्की बारोट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा सुनाए गए फैसले के खिलाफ अपर जिला एवं सत्र न्यायालय क्रमांक-1 में अपील दायर कर सजा पर पुनर्विचार की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश कुलदीप सूत्रधार ने अपर लोक अभियोजक की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों को सही मानते हुए अधीनस्थ न्यायालय के फैसले को यथावत रखा। मामले में अपर लोक अभियोजक राजश्री व्यास और दिनेश खंडेलवाल ने पैरवी की।
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एक्टिवा को पीछे से मारी थी टक्कर, दो लोगों की हुई थी मौत
मामले के अनुसार, नयाखेड़ा (पोस्ट सांतपुर, आबूरोड) निवासी परिवादी गणेश आचार्य ने 20 जुलाई 2011 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसके भाई ईश्वर आचार्य और भतीजे योगेश आचार्य रात में एक्टिवा से कार्यालय से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सांतपुर निवासी विक्रम उर्फ विक्की बारोट ने तेज गति और लापरवाही से स्विफ्ट कार चलाते हुए एक्टिवा को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में ईश्वर आचार्य और योगेश आचार्य की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के प्रत्यक्षदर्शी प्रवीण और रवि राणा थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और बाद में न्यायालय में चालान पेश किया।