फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan: Students on Water Tank for 27 Hours Issue 2-Hour Deadline, Warn of Indefinite Hunger Strike

Rajasthan News: 27 घंटे से टंकी पर डटे छात्र, सरकार को दिया अल्टीमेटम- मांग नहीं मानी तो करेंगे आमरण अनशन

Fri, 31 Jul 2026 10:36 AM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Fri, 31 Jul 2026 10:36 AM IST
सार

छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़कर आंदोलन कर रहे छात्र अब पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। 27 घंटे से डटे छात्रों ने सरकार को दो घंटे की मोहलत देते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो टंकी पर ही आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
 

विज्ञापन
Rajasthan: Students on Water Tank for 27 Hours Issue 2-Hour Deadline, Warn of Indefinite Hunger Strike
27 घंटे बाद भी नहीं बनी बात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े तीन छात्र पिछले 27 घंटे से आंदोलन पर डटे हुए हैं। अब छात्रों ने अपने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि यदि अगले दो घंटे के भीतर सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तो वे टंकी पर ही आमरण अनशन शुरू कर देंगे।

विज्ञापन


अमर उजाला से बातचीत में छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल ज्ञापन सौंपना नहीं, बल्कि छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने के लिए सरकार को निर्णय लेने के लिए मजबूर करना है। उनका कहना था कि यदि सिर्फ ज्ञापन देना होता तो वे अपनी जान जोखिम में डालकर पानी की टंकी पर नहीं चढ़ते। इस बीच जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) छात्रों से मिलने पहुंचे और उन्हें सुरक्षित नीचे उतरकर ज्ञापन सौंपने का आग्रह किया। हालांकि छात्रों ने प्रशासन का प्रस्ताव ठुकराते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं देती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन


छात्रों की आमरण अनशन की चेतावनी के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। यदि छात्र भोजन और पानी का त्याग कर अनशन शुरू करते हैं, तो उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर सामान्य से नीचे जाने का खतरा रहेगा, जिससे उन्हें सुरक्षित नीचे उतारना प्रशासन के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: RU में बवाल: छात्रसंघ चुनाव को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्र शुभम को पुलिस उठाकर ले गई, SMS में कराया भर्ती


गौरतलब है कि इससे पहले भी छात्र आंदोलन के दौरान पानी की टंकी पर चढ़ चुके हैं। उस समय तत्कालीन कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा लिफ्ट के जरिए टंकी पर पहुंचे थे और छात्रों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतरने के लिए राजी कर लिया था लेकिन इस बार यदि आमरण अनशन के कारण छात्रों की शारीरिक स्थिति बिगड़ती है, तो उन्हें सुरक्षित नीचे लाना प्रशासन के लिए कहीं अधिक कठिन हो सकता है।

फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के जवाब पर टिकी हैं। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार और प्रशासन छात्रों की चेतावनी पर क्या कदम उठाते हैं और बातचीत के जरिए इस गतिरोध का समाधान निकलता है या आंदोलन नया मोड़ लेता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed