Rajasthan Weather Today: राजस्थान में अगले 5 दिन भारी बारिश; जानें आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम
बंगाल की खाड़ी से बने डिप्रेशन सिस्टम से कोटा, उदयपुर, अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी और कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान में सावन की शुरुआत के साथ मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और बाकी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 जुलाई से 5 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। ऐसे में लोगों को जलभराव, बिजली गिरने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बना डिप्रेशन सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से कोटा, उदयपुर, अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी और कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है।
बीते 24 घंटे में सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अजमेर, प्रतापगढ़ और कोटा समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक अजमेर के सरवाड़ में 45 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा सीकर के नीमकाथाना में 34 मिमी, रींगस में 29 मिमी, खंडेला में 27 मिमी, कोटा के सांगोद में 20 मिमी और झुंझुनूं के खेतड़ी में 18 मिमी बारिश हुई।
यह भी पढें- 'एडीएम आए, ज्ञापन देने को कहा, फिर नहीं हुई कोई बातचीत': टंकी पर चढ़े छात्र बोले, प्रशासन ने नहीं दिया आश्वासन
बारिश के बीच पश्चिमी राजस्थान में गर्मी बरकरार
एक ओर पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर जारी है, वहीं पश्चिमी जिलों में पश्चिमी हवाओं के कारण उमस और गर्मी बनी हुई है। गुरुवार को जैसलमेर 41.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। बाड़मेर में 40.1 डिग्री, बीकानेर में 39.6 डिग्री और फलोदी में 38.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचने को कहा गया है।