सिरोही: आदिवासी विद्यार्थियों के लिए सौगात, पिंडवाड़ा में दो साल में तैयार होगा 6 करोड़ का आधुनिक कॉलेज भवन
पिंडवाड़ा में आदिवासी क्षेत्र के करीब 600 विद्यार्थियों के लिए 6 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक कॉलेज भवन बनेगा। भामाशाह निर्मल जैन परिवार ने करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये कीमत की 4 बीघा 43 बिस्वा भूमि राज्य सरकार को भेंट की है।
विस्तार
शिक्षा के जरिए समाज का भविष्य संवारने की दिशा में पिंडवाड़ा को बड़ी सौगात मिली है। भामाशाह एवं भूमिदाता निर्मल कुमार लालचंद जैन परिवार ने उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये कीमत की 4 बीघा 43 बिस्वा भूमि राज्य सरकार को भेंट की है। अब इस भूमि पर 6 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा। गुरुवार को जयपुर में राज्य सरकार और भामाशाह परिवार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होने के साथ ही इस परियोजना को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
जर्जर कमरों में पढ़ रहे करीब 600 विद्यार्थी
पिंडवाड़ा कॉलेज में करीब 600 विद्यार्थी जर्जर कमरों में अध्ययन कर रहे हैं। नए भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। आदिवासी बहुल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एमओयू पर हस्ताक्षर की खबर मिलने के बाद पिंडवाड़ा में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोग फोन और संदेशों के जरिए भामाशाह परिवार को बधाई दे रहे हैं। यह पहल समाज के सहयोग से शिक्षा के विस्तार का प्रेरक उदाहरण है।
उपमुख्यमंत्री बोले- 36 कौमें पीढ़ियों तक याद रखेंगी योगदान
भामाशाह निर्मल जैन, उनकी पत्नी आरती जैन और पुत्र भाविक एन. जैन ने जयपुर में उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात कर कॉलेज भवन निर्माण की जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री ने परिवार का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि पिंडवाड़ा के आदिवासी क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निर्मल जैन ने बड़ी सौगात दी है। उनके इस योगदान को क्षेत्र की 36 कौमें पीढ़ी-दर-पीढ़ी याद रखेंगी। उन्होंने भामाशाह परिवार की उदारता की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया।
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25 हजार वर्गफीट में बनेगा आधुनिक कॉलेज भवन
कॉलेज शिक्षा आयुक्त आईएएस नथमल डिडेल की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। आयुक्त ने कहा कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भामाशाह परिवार का यह निर्णय क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सिरोही जिले में कॉलेज भवनों के निर्माण में भामाशाहों के योगदान को सराहनीय पहल बताया।
प्रस्तावित भवन का निर्माण 25 हजार वर्गफीट क्षेत्र में किया जाएगा। मुंबई की मांडवीवाला कुतुब एसोसिएट्स की आर्किटेक्ट मौसम जैन ने इसकी ड्राइंग और प्लान तैयार किया है। भवन की योजना में भविष्य में विज्ञान संकाय के लिए अलग भवन विकसित करने की संभावना को भी ध्यान में रखा गया है।
'माता-पिता ने पढ़ाया, अब समाज को लौटाना हमारा फर्ज'
भामाशाह निर्मल जैन ने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें शिक्षा दिलाकर आगे बढ़ाया। ऐसे में समाज को कुछ लौटाना उनका भी फर्ज है। वे चाहते हैं कि वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं मिलें, ताकि वे ज्ञान अर्जित कर अपने क्षेत्र और समाज का नाम रोशन कर सकें। उनका यह विचार शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी और जनसेवा की भावना को रेखांकित करता है।
जिले में भामाशाहों के सहयोग से बनेगा पांचवां कॉलेज भवन
इस पहल के प्रेरक एवं श्री पावापुरी ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन ने बताया कि सिरोही जिले में पिछले पांच वर्षों के दौरान भामाशाहों के सहयोग से 6-6 करोड़ रुपये की लागत वाले चार कॉलेज भवन बन चुके हैं। पिंडवाड़ा में प्रस्तावित भवन इस क्रम में पांचवां होगा। इस अवसर पर कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के संयुक्त निदेशक (प्लान) डॉ. आलोक चतुर्वेदी, पिंडवाड़ा कॉलेज के प्राचार्य मोहनलाल, समाजसेवी महावीर जैन और सुरेश रावल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
दो वर्षों में विद्यार्थियों को नए भवन की उम्मीद
भामाशाह परिवार ने उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका से भी मुलाकात की। रांका ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में कॉलेज शिक्षा के लिए आधुनिक भवन की कमी दूर करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो वर्षों में विद्यार्थियों को नया भवन उपलब्ध हो सकेगा।