J&K: किश्तवाड़ में फटा बादल, गुरेज में जमी बर्फ, आंधी के साथ बारिश... पहाड़ों पर हुई बर्फबारी; कई रास्ते बंद
जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में झमाझम बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई मार्ग बंद हो गए और जनजीवन प्रभावित हुआ। किश्तवाड़ में बादल फटने और सिन्थन टॉप पर 100 से अधिक वाहन फंसे है।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में शनिवार को मौसम का मिजाज बदला। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। कई जगह तेज आंधी चली। राजदान पास पर बर्फबारी के बाद गुरेज-बांदीपोरा मार्ग सहित कई अन्य संपर्क मार्ग एहतियात के तौर पर बंद किए गए हैं।प्रदेश के लगभग सभी जिलों में दिन का पारा सामान्य से 6 से 15 डिग्री तक गिर गया है।
उधर, खराब मौसम के चलते कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा दिनभर बाधित रही। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 4 जून तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के आसार हैं। कश्मीर घाटी में अफरवट, गुरेज घाटी, राजदान पास, मीनमर्ग, द्रास, जोजिला पास, सिंथन पास और मुगल रोड सहित अन्य कई ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हुई है।
राजधान टॉप से गुरेज घाटी तक ऊंचे इलाकों में जमकर गिरी बर्फ
बताया जाता है कि राजधान टॉप पर करीब 4 इंच, पीर की गली पर 4 इंच, मीनमर्ग और द्रास में 3-3 इंच, सिंथन पास पर 2 इंच और गुरेज घाटी में 4 इंच बर्फ गिरी है। देर शाम तक कई इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी था।
मौसम विशेषज्ञ फैजान आरिफ ने कहा कि इस सीजन में उक्त इलाकों में बर्फ गिरना चौंका देने वाला है। हालांकि इससे पहले भी इस अवधि में बर्फबारी हो चुकी है। लेकिन उक्त अधिकतम इलाके समुद्री सतह से 3500 मीटर या उससे ऊपर की ऊंचाई पर स्थित हैं इसलिए यहां ऐसी गतिविधियां होना असामान्य है।
राजदान पास पर फिसलन और धुंध से बढ़ा दुर्घटना का खतरा
राजदान पास पर बर्फबारी से फिसलन के साथ खराब दृश्यता से खतरा बढ़ा है। बर्फ हटाने का काम चल रहा है। एसडीएम गुरेज मुख्तियार अहमद ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुरेज-बांदीपोरा मार्ग को अस्थायी तौर पर बंद किया गया है। कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश हुई।
राजधानी श्रीनगर में दिन का पारा सामान्य से 12.2 डिग्री गिरकर 14.5 और न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में अधिकतम तापमान सामान्य से 14.8 डिग्री गिरकर 8.2 और गुलमर्ग में सामान्य से 10.7 डिग्री गिरकर 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जम्मू में दिन का तापमान सामान्य से 6.1 डिग्री कम, 32.9 डिग्री दर्ज
जम्मू में शनिवार तड़के चार घंटे तक रुक-रुक कर बारिश हुई। इसके बाद मौसम साफ हो गया। यहां दिन का पारा सामान्य से 6.1 डिग्री गिरकर 32.9 और न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बनिहाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 13.2 डिग्री गिरकर 14.6, बटोत में सामान्य से 9.6 डिग्री गिरकर 18.1, कटड़ा में सामान्य से 7.1 डिग्री गिरकर 28.6 और भद्रवाह में सामान्य से 10.4 डिग्री गिरकर 18.4 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया।
नदी-नालों का जलस्तर सुरक्षित सीमा के भीतर
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार कश्मीर में बारिश के बावजूद शनिवार सुबह तक सभी नदी और नालों का जलस्तर सुरक्षित सीमा के भीतर रहा। इसमें संगम पर झेलम नदी- 3.80 फीट (बाढ़ का निशान- 21 फीट), राम मुंशीबाग- 6.83 फीट (बाढ़ का निशान- 18 फीट), आशम- 5.09 फीट (बाढ़ का निशान- 14 फीट) और वुलर झील- 1575.80 मीटर (बाढ़ का निशान- 1578.00 मीटर) रहा।
कहां कितनी बारिश हुई
| कोकरनाग | 52.6 मिलीमीटर |
| पहलगाम | 45.8 |
| बनिहाल | 39.3 |
| गुलमर्ग | 33.4 |
| काजीगुंड | 31.5 |
| कटड़ा | 28.7 |
| श्रीनगर | 25.4 |
| बटोत | 17.4 |
| जम्मू | 13.4 |
सिनथन टॉप पर फंसे 100 से अधिक वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचायाकिश्तवाड़ । अनंतनाग मार्ग पर सिनथन टॉप पर बर्फबारी के कारण 100 से अधिक वाहन फंस गए। बचाव अभियान चलाकर फंसे लोगों को निकाला। वाहनों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया।
झमाझम बारिश के बीच सफर पर निकले यात्री, सिनथन टॉप पर फंसे सैकड़ों वाहन
सुबह से ही बारिश झमाझम हो रही थी परंतु दोनों तरफ लोग अपने वाहन लेकर सफर पर निकले किश्तवाड़ से अनंतनाग और कश्मीर से किश्तवाड़ की तरफ भारी संख्या में वाहन निकले कि सिनथन टॉप पर पहुंचते ही बर्फबारी में फंसे, मोबाईल से सूचना देने के बाद दोनों तरफ की पुलिस सकि्रय हुई साथ ही एनएचआईडीसीएल के अधिकारी भी बचाव अभियान में जुट गए।
हालांकि लोगों को मोसम की पूरी जानकारी थी कि बारिश और बर्फबारी हो सकती है फिर भी लोग इसी मार्ग से निकले। बचाव अभियान चलाया गया नहीं तो नुकसान भी हो सकता था। समय भी सुबह का था और लोगों को भी जानकारी मिली वह भी बचाव के लिए मौके पर पहुंचे। आज सुबह से ही झमाझम बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी हुई जिससे तापमान में भारी गिरावट महसूस की गई।
जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में झमाझम बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई मार्ग बंद हो गए और जनजीवन प्रभावित हुआ। किश्तवाड़ में बादल फटने और सिन्थन टॉप पर 100 से अधिक वाहन फंसे है।