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Tonk News: कलेक्टर टीना डाबी की मैराथन रात्रि चौपाल, साढ़े चार घंटे तक सुनीं 90 फरियादियों की समस्याएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
Published by: टोंक ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 03:29 PM IST
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सार
टोंक जिला कलेक्टर टीना डाबी की रात्रि चौपाल देर रात तक चर्चा का विषय बनी रही। करीब साढ़े चार घंटे चली इस जनसुनवाई में ग्रामीणों ने पानी संकट, अवैध खनन और भुगतान गड़बड़ी जैसी समस्याएं खुलकर सामने रखीं।
जिला कलेक्टर टीना डाबी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिला कलेक्टर टीना डाबी ने एक बार फिर रात्रि चौपाल के जरिए जनसुनवाई का अनोखा उदाहरण पेश किया। देवली-उनियारा क्षेत्र की ककोड ग्राम पंचायत में आयोजित रात्रि चौपाल करीब साढ़े चार घंटे तक चली, जिसमें 90 फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया।
मंगलवार शाम करीब 7 बजे शुरू हुई यह रात्रि चौपाल देर रात साढ़े 11 बजे तक चली। चौपाल में देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर भी पूरे समय मौजूद रहे और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित चौपाल के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। लोगों के बैठने के लिए टेंट और कुर्सियां लगाई गईं, जबकि गर्मी से राहत के लिए कूलर और ठंडे पानी की व्यवस्था भी की गई।
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रात्रि चौपाल में सबसे ज्यादा शिकायतें पेयजल संकट को लेकर सामने आईं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग हर घर जल योजना के दावों के बावजूद कई गांवों और ढाणियों तक पानी नहीं पहुंचा पा रहा है। इस पर कलेक्टर टीना डाबी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि पेयजल के मामले में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चौपाल के दौरान एक रोचक मामला भी सामने आया, जिसमें ढिकोलिया गांव के ग्रामीणों ने लाल मुंह के बंदरों को पकड़कर बाहर भेजने की मांग रखी। इस पर पंचायत समिति अधिकारी ने कहा कि बंदरों को पकड़ने से पहले उनके खाने-पीने की व्यवस्था करनी पड़ेगी। यह जवाब सुनकर कलेक्टर टीना डाबी भी मुस्कुरा उठीं और अधिकारियों से समस्या का जल्द समाधान करने को कहा।
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वहीं ग्राम पंचायत में कार्यरत दो सुरक्षा गार्डों ने आरोप लगाया कि ठेका फर्म उनसे 12 हजार रुपये के भुगतान वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाती है, लेकिन उन्हें केवल 4 हजार रुपये ही दिए जाते हैं। इस पर विधायक राजेंद्र गुर्जर ने सख्त कार्रवाई की मांग की, जिस पर प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने अवैध बजरी खनन और बजरी माफियाओं के आतंक की शिकायत भी उठाई। लोगों ने बताया कि वन विभाग की भूमि से अवैध खनन और परिवहन हो रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। इस पर विधायक राजेंद्र गुर्जर ने वन विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
मीडिया से बातचीत में कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में फरियादियों के आने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान के निर्देश दिए गए हैं। वहीं विधायक राजेंद्र गुर्जर ने कहा कि जनसुनवाई से ग्रामीणों को राहत मिली है और कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया है।