Udaipur: मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं, कांग्रेस ने बताया आदिवासी शहीदों का अपमान; BJP पर आरोप
राजस्थान के मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किए जाने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा। पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा ने इसे आदिवासी शहीदों का अपमान बताया, जबकि ताराचंद मीणा ने भाजपा की कथनी-करनी पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग दोहराई।
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विस्तार
राजस्थान के ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने योग्य नहीं मानने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता और उदयपुर के पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा ने केंद्र सरकार के रुख पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे आदिवासी समाज और स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए वीरों का अपमान बताया है।
वाद-विवाद
रघुवीर सिंह मीणा ने संसद में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस लंबे समय से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मानगढ़ धाम यात्रा के दौरान भी यह मांग प्रमुखता से उठाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किया।
मीणा ने कहा कि मानगढ़ धाम केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के आदिवासी इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन का भी एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1913 में इस स्थल पर अंग्रेजी शासन के दौरान करीब 1,500 आदिवासी शहीद हुए थे। इसलिए यह स्थान आदिवासी समाज की आस्था, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। ऐसे में केंद्र सरकार का यह जवाब शहीदों के सम्मान के विपरीत है।
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उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में आदिवासी समाज के सम्मान की बात करती है तो उसे मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने संसद में मौजूद आदिवासी सांसदों से भी इस मुद्दे पर खुलकर आवाज उठाने की अपील की।
पूर्व प्रत्याशी ताराचंद मीणा ने साधा निशाना
उधर, उदयपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी ताराचंद मीणा ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। चुनाव के समय आदिवासी समाज के सम्मान और विकास की बातें की जाती हैं, लेकिन जब ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को उचित पहचान देने का समय आता है तो सरकार पीछे हट जाती है।
ताराचंद मीणा ने कहा कि मानगढ़ धाम आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर वह सम्मान मिलना चाहिए, जिसका वह हकदार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और आदिवासी शहीदों के सम्मान के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
गौरतलब है कि मानगढ़ धाम राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी समुदायों के लिए ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का केंद्र माना जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार के जवाब के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।