सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Names Of Women Who Built Birla Women Empowerment Legacy in hindi

Birla Women Entrepreneurs: शिक्षा से मानसिक स्वास्थ्य तक, बिड़ला परिवार की इन महिलाओं ने संभाली विरासत

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Fri, 02 Jan 2026 04:46 PM IST
विज्ञापन
सार

Women Who Built Birla : बिड़ला परिवार की इन महिलाओं ने कंपनी को मजबूत बनाने के लिए एक अहम स्तंभ के तौर पर अपना योगदान दिया। इन्होंने बिड़ला परिवार की विरासत को संभाला और मानवीयता को बढ़ावा दिया।

Names Of Women Who Built Birla Women Empowerment Legacy in hindi
बिड़ला महिलाएं - फोटो : Instagram
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

Women Who Built Birla : आदित्य बिड़ला ग्रुप भारत के टाॅप व्यवयायिक कंपनियों में से एक है। बिड़ला परिवार देश के मशहूर अमीर परिवारों मे शामिल है, जिनके पुरुष दुनिया में अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता, व्यवसायिक रणनीतियों के कारण मशहूर हैं। लेकिन बिड़ला परिवार की असली कहानी सिर्फ उद्योगों की नहीं है, यह कहानी है उन महिलाओं की, जिन्होंने चुपचाप भविष्य का नक्शा बनाया। बिड़ला परिवार की महिलाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कला, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकार में अपना योगदान देकर सिर्फ मुनाफा नहीं कमाया, बल्कि महिला आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मिसाल भी पेश की।

Trending Videos


बिड़ला परिवार की ये महिलाएं मंच पर कम दिखीं, मगर असर ऐसा छोड़ा जो पीढ़ियों तक जाएगा। आइए जानते हैं बिड़ला परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने और दमदार बनाने वाली महिलाओं के योगदान के बारे में।
विज्ञापन
विज्ञापन



सरला बिड़ला : शिक्षा की पहली शिल्पकार

सरला बिड़ला बीके बिड़ला की पत्नी थीं। वह बिड़ला परिवार की प्रमुख सदस्य, शिक्षाविद और परोपकारी थीं। जब देश में उद्योगों की नींव रखी जा रही थी, तब सरला बिड़ला भविष्य की नींव रख रही थीं। उन्होंने और उनके पति ने मिलकर 45 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की सह-स्थापना की। आज आदित्य बिड़ला ग्रुप ऑफ स्कूल्स के माध्यम से 12 राज्यों में लगभग 45,000 छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पा रहे हैं।

सरला बिड़ला यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने Birla Academy of Art and Culture और संगीत कला मंदिर की स्थापना कर कला, संगीत और नृत्य को अभिजात वर्ग से निकालकर सामान्य समाज तक पहुंचाया। जब पुरुष उद्योग खड़े कर रहे थे, सरला बिड़ला सोचने वाला भारत तैयार कर रही थीं।


राजश्री बिड़ला : CSR को आत्मा देने वाली महिला

राजश्री बिड़ला दिवंगत उद्योगपति आदित्य बिड़ला की पत्नी और कुमार मंगलम बिड़ला की मां हैं। राजश्री बिड़ला को अक्सर शांत शक्ति (Silent Power) कहा जाता है। लेकिन उनका काम शांति से नहीं, गहरे असर के साथ बोलता है। 2011 में उन्हें पद्म भूषण मिला, क्योंकि उन्होंने CSR को कॉरपोरेट औपचारिकता से निकालकर मानवीय आंदोलन बना दिया। आज Aditya Birla Centre for Community Initiatives के तहत 7,000 से अधिक गांव, 90 लाख से अधिक लोग स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका कार्यक्रमों से जुड़े हैं।

अपने पति की स्मृति में उन्होंने 325 बेड का, 30 मिलियन डॉलर का अस्पताल स्थापित किया, जहां इलाज सिर्फ सुविधा नहीं, अधिकार है। राजश्री बिड़ला ने दिखाया कि केवल दान नहीं, जवाबदेही ही असली समाज सेवा है।


नीरजा बिड़ला : मानसिक स्वास्थ्य की अग्रदूत

बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला की पत्नी नीरजा बिड़ला शिक्षाविद और मानसिक स्वास्थ्य की वकालत करने वाली हैं। भारत में मानसिक स्वास्थ्य पर लंबे समय तक चुप्पी रही। नीरजा बिड़ला ने उस चुप्पी को तोड़ा। उन्होंने MPower की स्थापना कर मानसिक स्वास्थ्य को “शर्म की बात” से “जरूरी बातचीत” बनाया। उनके कारण सुरक्षाबलों में 40% तक आत्महत्या दर में कमी, स्कूलों में माइंड्स मैटर प्रोग्राम, बुलिंग, बॉडी इमेज और इमोशनल हेल्थ पर ध्यान दिया जाने लगा। नीरजा बिड़ला ने एक पूरी पीढ़ी को सिखाया कि खुद की देखभाल भी ताकत है।


अनन्या बिड़ला : परंपरा तोड़ने वाली उद्यमी

कुमार मंगलम बिड़ला की बेटी अनन्या बिड़ला ने विरासत को दोहराया नहीं, डिसरप्ट किया। सिर्फ 17 साल की उम्र में उन्होंने Swatantra Microfin शुरू की, जो ग्रामीण महिला उद्यमियों को आर्थिक आज़ादी देने का काम करती है।  आज यह 8,300 करोड़ की माइक्रो-लेंडिंग कंपनी है। उन्होंने LOVETC लॉन्च कर भारत के तेजी से बढ़ते ब्यूटी मार्केट में दबदबा बनाया। साथ ही 11 साल की उम्र में संतूर, 30 से ज्यादा गाने, ग्लोबल कोलैबोरेशन और मई 2024 में संगीत से हटकर पूरी तरह बिजनेस पर फोकस किया।

शोभना भरतिया: कांच की छत तोड़ने वाली नेता

शोभना भरतिया केके बिड़ला की बेटी हैं। 29 साल की उम्र में जब शोभना भरतिया ने जब एक राष्ट्रीय अख़बार का नेतृत्व किया तो वह ऐसा करने वाली भारत की पहली महिला CEO बनीं। उन्होंने अपने समाचार पत्र को पारंपरिक प्रिंट से मल्टीमीडिया पावरहाउस बनाया। 2016 में Forbes ने उन्हें दुनिया की 93वीं सबसे ताकतवर महिला माना। शोभना भरतिया ने न्यूज़रूम ही नहीं, लीडरशिप की परिभाषा बदली।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed