Kaamya Karthikeyan: काम्या कार्तिकेयन कौन हैं? जिन्होंंने साउथ पोल तक स्की करके रचा इतिहास
Kaamya Karthikeyan Biography : भारत की बेटी काम्या कार्तिकेयन ने एक बार फिर इतिहास रचा। 7 महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी पर फतह करने के बाद अब काम्या ने साउथ पोल पर स्की करके सफलता प्राप्त की।
विस्तार
Kaamya Karthikeyan Biography : भारत की बेटी काम्या कार्तिकेयन ने एक और रिकाॅर्ड बनाकर इतिहास रच दिया। सात महाद्वीपो की सबसे ऊंची चोटियों पर फतह करने के बाद काम्या कार्तिकेय ने स्की करते हुए साउथ पोल तक की यात्रा पूरी की है। खास बात ये हैं कि वह ऐसा करने वाली दुनिया की दूसरी और भारत की पहली सबसे कम उम्र की महिला हैं।
अंतहीन बर्फीली सफेद चादर पर -30 डिग्री की जानलेवा ठंड और तेज हवाओं की मार के बीच सांस लेना किसी संघर्ष से कम नहीं होता है। लेकिन मुंबई 18 वर्षीय काम्या कार्तिकेयन ने इतिहास रच दिया। काम्या भारत की सबसे कम उम्र की महिला बन गई हैं, जिन्होंने स्की करते हुए साउथ पोल (दक्षिण ध्रुव) तक की यात्रा पूरी की। यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि उस पीढ़ी की घोषणा है जो डर को पीछे छोड़कर सीमाएं तोड़ना जानती है।
साउथ पोल तक स्की: बर्फ पर लिखा गया इतिहास
काम्या कार्तिकेयन ने 27 दिसंबर को अंटार्कटिका में दक्षिण ध्रुव तक पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 89 डिग्री साउथ से यात्रा शुरू की और करीब 60 नॉटिकल मील (लगभग 115 किलोमीटर) की दूरी तय की। इस दौरान, तापमान गिरकर –30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तेज़ बर्फ़ीली हवाएं लगातार चुनौती बनी रहीं और खुद की एक्सपीडिशन स्लेज खींचते हुए उन्होंने हर कदम आगे बढ़ाया। इस उपलब्धि के साथ काम्या दुनिया की दूसरी सबसे कम उम्र की महिला बन गई हैं, जिन्होंने स्की करते हुए साउथ पोल को छुआ।
सेवन समिट्स चैलेंज पहले ही कर चुकी हैं पूरा
काम्या का सफ़र सिर्फ ध्रुवों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने पहले ही Seven Summits Challenge पूरा कर लिया है यानी दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ाई। कम उम्र में इतनी बड़ी पर्वत श्रृंखला को फतह करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है। सात महाद्वीप जिसपर काम्या ने फतह की, उसमें शामिल है,
- माउंट एवरेस्ट
- अकोंकागुआ
- किलिमंजारो
- एल्ब्रुस
- डेनाली
- विन्सन मासिफ
- कोसियुस्को
एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम की ओर अगला कदम
साउथ पोल अभियान काम्या के उस बड़े सपने का हिस्सा है जिसे एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम कहा जाता है। इस चुनौती में सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ाई, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव दोनों तक स्की यात्रा शामिल है। सेवन समिट्स पूरे कर चुकी काम्या अब ध्रुवों के जरिए इस ऐतिहासिक लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रही हैं।
देशभर से सराहना, भारतीय नौसेना ने भी की प्रशंसा
काम्या कार्तिकेयन की इस उपलब्धि को देश और दुनिया में सराहा जा रहा है। भारतीय नौसेना समेत कई प्रतिष्ठित संस्थाओं और व्यक्तियों ने उनके साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की खुलकर प्रशंसा की है। जहां ज्यादातर युवा अपने कम्फर्ट ज़ोन में सुरक्षित रहना चुनते हैं, वहीं काम्या ने दुनिया के सबसे खतरनाक इलाकों में जाकर खुद को साबित किया।

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