चेस्टर हिल विवाद : पूर्व मुख्य सचिव विनीत चौधरी की एंट्री से बढ़ा सियासी पारा, जानें पूरा मामला
पहले से ही नौकरशाही के भीतर खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप के चलते चर्चा में रहे इस प्रकरण ने अब सियासी रंग भी पकड़ लिया है।
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चेस्टर हिल विवाद में अब एक और पूर्व मुख्य सचिव विनीत चौधरी की एंट्री से मामला और गरमा गया है। पहले से ही नौकरशाही के भीतर खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप के चलते चर्चा में रहे इस प्रकरण ने अब सियासी रंग भी पकड़ लिया है। चौधरी ने हरियाणा में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे आईएएस अधिकारियों पर हुई त्वरित कार्रवाई का हवाला देते हुए हिमाचल सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
पूर्व मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया में अपलोड की गई पोस्ट में लिखा कि हरियाणा में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आते ही सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को निलंबित कर सख्त संदेश दिया, जबकि हिमाचल प्रदेश में उसी तरह के आरोपों को अंदरूनी खींचतान बताकर टालने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब आरोप इतने गंभीर हों, तो उन्हें महज तीन अफसरों के बीच की खटपट बताकर खारिज करना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के उस बयान पर भी सवाल उठाए गए, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है।
चौधरी ने कहा कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते ऐसी संवेदनशील शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और हफ्तों-महीनों तक जानकारी जुटाने की बात उचित नहीं ठहराई जा सकती। जिम्मेदारी अंततः मुख्यमंत्री के कार्यालय पर ही आती है।
ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उधर, इस पूरे विवाद में वर्तमान मुख्य सचिव संजय गुप्ता पहले ही दो पूर्व मुख्य सचिवों आरडी धीमान और श्रीकांत बाल्दी को घेर चुके हैं। आरोपों और पलटवारों के चलते यह मामला अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।