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हिमाचल मानसून: 67 सड़कें बंद, मंडी में सबसे ज्यादा असर; शिमला में बिजली-पानी की दो-दो योजनाएं प्रभावित
Tue, 08 Sep 2026 02:40 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:40 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश का असर जनजीवन और सार्वजनिक सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 8 सितंबर सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 67 सड़कें बंद हैं। इनमें मंडी जिले में सबसे अधिक 33 सड़कें प्रभावित हैं। कुल्लू में 11, कांगड़ा में 10 और सिरमौर में छह सड़कें बंद हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल मानसून 2026
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 8 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कुल 67 सड़कें बंद हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इस समय किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने की सूचना नहीं है।
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जिलावार स्थिति देखें तो मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां कुल 33 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज उपमंडल में 27, सुंदरनगर में एक, सरकाघाट में तीन और थलौट डिवीजन में दो सड़कें प्रभावित हैं। इसके बाद कुल्लू में 11 सड़कें बंद हैं। कुल्लू उपमंडल में चार, बंजार में दो, आनी में तीन और निरमंड में दो सड़कें बंद हैं।
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कांगड़ा में भी बारिश का असर व्यापक है। जिले में कुल 10 सड़कें बंद हैं। इनमें कांगड़ा उपमंडल की एक, शाहपुर की पांच, पालमपुर की दो, देहरा की एक और धर्मशाला की एक सड़क शामिल है। सिरमौर में छह सड़कें बंद हैं, जिनमें नाहन की चार और संगड़ाह की दो सड़कें हैं।
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इसके अलावा ऊना में तीन, शिमला में दो, सोलन में एक और लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद होने की सूचना है। बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर और किन्नौर में इस रिपोर्ट के अनुसार आज सड़क बंद होने की कोई सूचना दर्ज नहीं की गई है।
बिजली और पेयजल सेवाओं पर भी असर पड़ा है। प्रदेश में कुल दो डीटीआर बाधित हैं और दोनों शिमला जिले में हैं। वहीं शिमला में ही दो जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित बताई गई हैं। बाकी जिलों में रिपोर्ट के अनुसार डीटीआर और जलापूर्ति योजनाओं के बाधित होने की सूचना नहीं है।
मानसून में अब तक 114 मौतें
दूसरी ओर, राज्य सरकार की मानसून क्षति रिपोर्ट में 30 जून से 7 सितंबर 2026 तक प्रदेश में आपदा से 114 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में 169 लोगों की जान गई है। आपदा से होने वाली मौतों में भूस्खलन, बाढ़, डूबने, सर्पदंश, करंट और पेड़/चट्टान से गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मानसून के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। राज्य स्तर पर दर्ज कुल नुकसान 1,42,308.82 लाख रुपये यानी करीब 1,423 करोड़ रुपये है। इनमें सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का बड़ा हिस्सा शामिल है।
लगातार बारिश के बीच सबसे बड़ी चुनौती अब बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व पानी की आपूर्ति सामान्य करने की है। खासकर मंडी और कुल्लू जैसे जिलों में बड़ी संख्या में सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
दूसरी ओर, राज्य सरकार की मानसून क्षति रिपोर्ट में 30 जून से 7 सितंबर 2026 तक प्रदेश में आपदा से 114 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में 169 लोगों की जान गई है। आपदा से होने वाली मौतों में भूस्खलन, बाढ़, डूबने, सर्पदंश, करंट और पेड़/चट्टान से गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मानसून के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। राज्य स्तर पर दर्ज कुल नुकसान 1,42,308.82 लाख रुपये यानी करीब 1,423 करोड़ रुपये है। इनमें सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का बड़ा हिस्सा शामिल है।
लगातार बारिश के बीच सबसे बड़ी चुनौती अब बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व पानी की आपूर्ति सामान्य करने की है। खासकर मंडी और कुल्लू जैसे जिलों में बड़ी संख्या में सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।