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Himachal Weather : 20-21 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड की चेतावनी जारी
Sun, 19 Jul 2026 03:55 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 19 Jul 2026 03:55 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। IMD शिमला ने 19 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। 20 और 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर सहित कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग ने भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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हिमाचल मौसम।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) शिमला ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है, जिससे भूस्खलन, अचानक बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है।
आगामी दिनों में बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 23 जुलाई तक मानसून प्रदेश में सक्रिय रहेगा। विशेष रूप से 20 और 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जैसे जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में भूस्खलन, कीचड़ खिसकने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा सबसे अधिक रहेगा। इसके अलावा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला और सोलन में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
वर्तमान मौसमी स्थिति
बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वर्तमान मौसमी आंकड़ों के अनुसार, ऊना में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रहा। यह दर्शाता है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में भिन्नता बनी हुई है।
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आगामी दिनों में बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 23 जुलाई तक मानसून प्रदेश में सक्रिय रहेगा। विशेष रूप से 20 और 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जैसे जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में भूस्खलन, कीचड़ खिसकने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा सबसे अधिक रहेगा। इसके अलावा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला और सोलन में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
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वर्तमान मौसमी स्थिति
बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वर्तमान मौसमी आंकड़ों के अनुसार, ऊना में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रहा। यह दर्शाता है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में भिन्नता बनी हुई है।
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संभावित खतरे और प्रभाव
भारी बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और कीचड़ खिसकने की आशंका है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सड़कों पर फिसलन बढ़ने की संभावना है, जो यातायात को बाधित कर सकती है और यात्रा को असुरक्षित बना सकती है। बिजली आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं के भी प्रभावित होने की आशंका है।
लोगों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। सलाह दी गई है कि:
भारी बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और कीचड़ खिसकने की आशंका है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सड़कों पर फिसलन बढ़ने की संभावना है, जो यातायात को बाधित कर सकती है और यात्रा को असुरक्षित बना सकती है। बिजली आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं के भी प्रभावित होने की आशंका है।
लोगों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। सलाह दी गई है कि:
- खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूरी बनाए रखें।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
- ट्रेकिंग और अनावश्यक यात्राओं से परहेज करें।
- प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी की गई सलाह का पालन करें।
चुराह के मिलगू जंगल में बादल फटा, वन निगम को करोड़ों के नुकसान की आशंका
चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत चरड़ा के मिलगू जंगल में शनिवार तड़के बादल फटने और मूसलाधार बारिश से वन निगम के कार्यस्थल पर भारी तबाही मच गई। घटना के समय यहां वन निगम के लॉट नंबर 17/2025-27 के तहत लकड़ी निकासी का कार्य चल रहा था। अचानक आई तेज बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में वन निगम के स्लीपर बह गए, जिससे निगम को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
घटना के समय कार्यस्थल पर करीब 25 से 30 मजदूर मौजूद थे। शुरुआती सूचना में कुछ मजदूरों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बन गया। हालांकि बाद में सभी मजदूर सुरक्षित पाए गए और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और वन निगम के अधिकारी मौके पर सक्रिय हो गए। प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है तथा नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। फिलहाल अधिकारियों की ओर से नुकसान के संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बादल फटने के बाद अचानक आए तेज बहाव ने कार्यस्थल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लकड़ी के स्लीपर पानी में बह गए और कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया।
चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत चरड़ा के मिलगू जंगल में शनिवार तड़के बादल फटने और मूसलाधार बारिश से वन निगम के कार्यस्थल पर भारी तबाही मच गई। घटना के समय यहां वन निगम के लॉट नंबर 17/2025-27 के तहत लकड़ी निकासी का कार्य चल रहा था। अचानक आई तेज बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में वन निगम के स्लीपर बह गए, जिससे निगम को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
घटना के समय कार्यस्थल पर करीब 25 से 30 मजदूर मौजूद थे। शुरुआती सूचना में कुछ मजदूरों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बन गया। हालांकि बाद में सभी मजदूर सुरक्षित पाए गए और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और वन निगम के अधिकारी मौके पर सक्रिय हो गए। प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है तथा नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। फिलहाल अधिकारियों की ओर से नुकसान के संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बादल फटने के बाद अचानक आए तेज बहाव ने कार्यस्थल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लकड़ी के स्लीपर पानी में बह गए और कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया।