HP Cabinet Decisions: हिमाचल में शुरू होंगी हवाई सेवाएं, इन नीतियों में होगा बदलाव, जानें 25 बड़े फैसले
मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए।
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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल की बैठक में डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में अत्याधुनिक कैंसर केयर सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने इस सेंटर में 11 नए विभागों की स्थापना तथा विभिन्न श्रेणियों के आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को भी मंजूरी प्रदान की। बैठक में सामाजिक सुरक्षा (पेंशन एवं भत्ता) नियम 2010 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया, ताकि लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जा सके। वहीं हिमाचल प्रदेश में हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार 30 अप्रैल से पहले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव होंगे। इस संबंध में मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा हुई।
जियोथर्मल एनर्जी पर राष्ट्रीय नीति को अपनाने की भी मंजूरी
मंत्रिमंडल ने राज्य में उपलब्ध जियो थर्मल ऊर्जा संसाधनों की खोज व इनके दोहन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति को अपनाने की स्वीकृति प्रदान की। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए ऊर्जा निदेशालय को नोडल एजेंसी अनुमोदित किया गया तथा स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति 2021 में भू-तापीय ऊर्जा से संबंधित दिशा-निर्देश शामिल करने के लिए संशोधनों को भी मंजूरी दी गई।
पेट्रोल और हाईस्पीड डीजल पर अनाथ और विधवा सेस लगाने की मंजूरी
अनाथों एवं विधवाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल के प्वाइंट ऑफ फर्स्ट सेल पर ‘अनाथ और विधवा उपकर’ लगाने के लिए अध्यादेश लाने की स्वीकृति दी। यह सेस उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना इन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करेगा। बैठक में 25 मेगावाट तक की चार जल विद्युत परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सफल बोली कर्त्ताओं को आवंटित करने को मंजूरी दी गई।
नड्डी में बनेगी एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले में धर्मशाला के समीप 7.41 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की 4.3 किलोमीटर लंबी नड्डी जिपलाइन परियोजना के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की। यह एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन होगी और क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी।
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर पॉलिसी में बदलाव को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीति में संशोधन को मंजूरी प्रदान की। इसके अंतर्गत 66.66 प्रतिशत कोटा इन सर्विस जीडीओ, एमओ के लिए तथा 33.33 प्रतिशत सीटें डायरेक्ट अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित की गई हैं। पात्र अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता की स्थिति में सीटों का आपसी विनिमय (इंटरचेंज) भी किया जा सकेगा।
इन पदों को भरा जाएगा, सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों को मिलेगी पुनर्नियुक्ति
मंत्रिमंडल ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त के 11 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के हीरानगर स्थित मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के आवासीय संस्थान में विभिन्न श्रेणियों के 11 पदों को जॉब ट्रेनी के रूप में भरने का निर्णय लिया है। बैठक में राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ में विभिन्न श्रेणियों के 11 पद सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी गई। राजस्व विभाग में तहसीलदार के छह पद भरने का भी निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों को निश्चित मानदेय पर पुनर्नियुक्ति करने का भी निर्णय लिया गया।
सहायक स्टाफ नर्स भर्ती के लिए पॉलिसी के प्रावधानों में बदलाव
त्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर (बागवानी) के चार पद जॉब ट्रेनी के रूप में भरने का निर्णय लिया। बैठक में हमीरपुर जिला के भरेड़ी में वॉलीबाल खेल छात्रावास के लिए विभिन्न श्रेणियों के चार पदों को सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने सहायक स्टाफ नर्स पद से संबंधित नीति के प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति दी। संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत आयु सीमा 18 वर्ष से 45 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि एससी/एसटी एवं अन्य पात्र श्रेणियों के उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी। इससे पूर्व आयु सीमा 21 वर्ष से 32 वर्ष निर्धारित की गई थी।
एम्स बिलासपुर के कैंपस में आठ और ब्लॉक बनाने की इजाजत
मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य अवसंरचना को सदृढ़ करने के उद्देश्य से एम्स अस्पताल बिलासपुर परिसर में आठ अतिरिक्त ब्लॉकों के निर्माण की अनुमति दी। राज्य में सतत औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा निवेश आकर्षित करने के लिए हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति 2019 को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के ढली स्थित दिव्यांग बच्चों के संस्थान को सैद्धांतिक रूप से प्रदेश सरकार के अधीन लेने का निर्णय लिया है।
क्रेच वर्कर और क्रेच हेल्पर की भर्ती एसओपी को मंजूरी
बैठक में मंत्रिमंडल ने राज्य में क्रेच वर्करों एवं क्रेच हेल्परों की भर्ती के लिए मानक संचालन प्रक्रिया, दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने न्यूट्रिशनल प्रोफाइलिंग तथा खाद्य परीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चार नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये प्रयोगशालाएं कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन के बद्दी में स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त सोलन जिला के कंडाघाट स्थित समग्र परीक्षण प्रयोगशाला के उन्नयन के साथ-साथ आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया है।
दिल्ली-शिमला-दिल्ली तथा शिमला-धर्मशाला-शिमला रूट पर चलेंगे 46 सीटर विमान
मंत्रिमंडल ने एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड को दिल्ली-शिमला-दिल्ली तथा शिमला-धर्मशाला-शिमला मार्गों पर पूरे सप्ताह 46 सीटर विमान संचालन की अनुमति दी। मंत्रिमंडल ने शिमला में नए आइस स्केटिंग रिंक के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में राजस्व अधिकारियों के कार्य संचालन तथा ग्राम अधिकारियों की नियुक्ति, कर्त्तव्य, वेतन-भत्ते एवं दंड से संबंधित प्रावधानों को विनियमित करने के लिए मंत्रिमंडल ने हिमाचल भूमि राजस्व नियम 2025 को मंजूरी प्रदान की गई।
हिमाचल में सुचारु होंगी हवाई सेवाएं
हिमाचल में हवाई सेवाएं सुचारु होंगी। प्रदेश सरकार ने एलायंस एयर कंपनी को वायबिलिटी गैप फंडिंग को लेकर 30 से 32 करोड़ रुपये जारी करने का फैसला लिया है। सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को लाया गया। दिल्ली- शिमला, शिमला-धर्मशाला, धर्मशाला-शिमला और शिमला से दिल्ली हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। हवाई सेवाओं को लेकर एलायंस एयर, केंद्र और राज्य सरकार के बीच उड़ान योजना का समझौता सितंबर में खत्म हो गया है, जिसके चलते कंपनी ने सेवाएं बंद कर दी हैं। शिमला और धर्मशाला के बीच उड़ानों पर हिमाचल सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) देती है, जो स्थानीय रूटों पर सेवाओं की लागत और सस्ते किराये के बीच अंतर को पूरा करने के लिए विमान कंपनियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता है। हालांकि, एलायंस एयर ने सेवाएं बंद करने के पीछे रनवे की समस्या और मौसम की बाधा को भी कारण बताया है। कंपनी का तर्क है कि दिल्ली-शिमला रूट पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। कंपनी ने सरकार से करोड़ों वायबिलिटी गैप फंडिंग की मांग की है। उड़ान योजना के तहत राज्य और केंद्र सरकार दोनों वित्तीय सहायता देने के लिए उत्तरदायी है। इसलिए मामला अटका हुआ है।