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हिमाचल: कुल्लू में प्रसूता की मौत मामले में जांच जारी, सीएम सुक्खू बोले- दोषी नहीं बख्शे जाएंगे
Mon, 31 Aug 2026 03:08 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 31 Aug 2026 03:08 PM IST
सार
प्रश्नकाल के दौरान नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने यह मामला उठाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक की जांच में प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव महिला की मृत्यु का प्रमुख कारण सामने आया है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच अभी जारी है।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कुल्लू अस्पताल में डिलीवरी के बाद 23 वर्षीय रजनी शर्मा उर्फ मंजू शर्मा की मौत के मामले में मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्वयं रजनी के पति से बातचीत की है। घटना के बाद कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
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सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने यह मामला उठाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक की जांच में प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव महिला की मृत्यु का प्रमुख कारण सामने आया है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच अभी जारी है। सरकार का उद्देश्य दोषियों को सजा दिलाना है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि कोई निर्दोष कार्रवाई की जद में न आए।
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सोशल मीडिया पर अपील के बाद कुल्लू अस्पताल में हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के समय अस्पताल में 218 मरीज भर्ती थे और 18 मरीज आपातकालीन सेवाओं में थे। मरीजों और अस्पताल सेवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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उधर, रजनी शर्मा की मौत का मामला सोमवार को विधानसभा में खूब गूंजा। जयराम ठाकुर ने मामले की जांच, चिकित्सीय लापरवाही और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा। जयराम ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि मामले में विभिन्न जांच रिपोर्टों के निष्कर्ष एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
उन्होंने कहा कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और एसडीएम स्तर की जांच में अलग-अलग तथ्य सामने आए हैं। डॉक्टर के व्यवहार और अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध न होने जैसे गंभीर सवाल सामने आए हैं। यदि जांच में लापरवाही की बात सामने आई है तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
अस्पताल परिसर में हुए प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर का मुद्दा भी उन्होंने सदन में उठाया। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि मामले की जांच जारी है और प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माने गए डॉक्टर को निलंबित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और अस्पताल स्तर पर दो अलग-अलग जांच कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और एसडीएम स्तर की जांच में अलग-अलग तथ्य सामने आए हैं। डॉक्टर के व्यवहार और अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध न होने जैसे गंभीर सवाल सामने आए हैं। यदि जांच में लापरवाही की बात सामने आई है तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
अस्पताल परिसर में हुए प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर का मुद्दा भी उन्होंने सदन में उठाया। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि मामले की जांच जारी है और प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माने गए डॉक्टर को निलंबित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और अस्पताल स्तर पर दो अलग-अलग जांच कराई जा रही हैं।