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शिमला: शहरवासियों को महंगे पेयजल से मिल सकती है राहत, एमसी सदन ने पारित किए दो प्रस्ताव

Sat, 29 Aug 2026 06:18 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 29 Aug 2026 06:18 PM IST
सार

नगर निगम सदन ने राजधानी में पीने का पानी सस्ता करने से जुड़े दो प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। अब इन्हें अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा।

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Shimla: City residents may get relief from high Drinking water costs; MC House passes two proposals.
महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में हुई एमसी की बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिमला शहरवासियों को महंगे पानी से राहत मिल सकती है। नगर निगम सदन ने राजधानी में पीने का पानी सस्ता करने से जुड़े दो प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। अब इन्हें अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही शहर में पीने का पानी सस्ता हो जाएगा। महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में पेयजल संकट को लेकर मचे हंगामे के बीच कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने इसका प्रस्ताव रखा।

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कहा कि जब तक एक ओर पेयजल कंपनी तीसरे और चौथे दिन पानी दे रही है तो दूसरी ओर पानी की दरें हर साल आठ फीसदी बढ़ाई जा रही है। सदन ने प्रस्ताव पारित किया कि अगले साल से अब पानी की दरें तभी बढ़ाई जाएंगी जब लोगों को 24 घंटे पानी मिलेगा। महापौर ने भी भरोसा दिलाया कि अगले साल से अब पानी की दरें पहले की तरह नहीं बढ़ेंगी। इस प्रस्ताव को अब सरकार को भेजा जाएगा। पार्षद रामरत्न वर्मा ने महंगे व्यावसायिक कनेक्शन को सस्ते कनेक्शन में बदलने का प्रस्ताव रखा।

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कहा कि शहर में सैकड़ों उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके पानी के व्यावसायिक कनेक्शन हैं। ये लोग भी बाकियों की तरह घरेलू इस्तेमाल के लिए ही पानी ले रहे हैं लेकिन बिल महंगी दरों पर चुका रहे हैं। पार्षद ने निगम के उस प्रस्ताव का हवाला दिया जिसमें साल 2003 से पहले के व्यावसायिक कनेक्शनों को घरेलू में बदला गया था। पार्षद ने प्रस्ताव रखा कि साल 2003 के बाद 2012 तक के ऐसे व्यावसायिक कनेक्शन जिनका इस्तेमाल घरेलू कार्य के लिए हो रहा है, उन्हें सस्ते कनेक्शन में बदला जाए। हालांकि, प्रशासन ने कहा कि नियमों के अनुसार यह सही नहीं है लेकिन सदन की सर्वसम्मति के बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा।

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पार्षद बोले- 24 घंटे वाले वार्डाे में अब पांचवें दिन आ रहा पानी
सदन में पानी की राशनिंग पर खूब हंगामा हुआ। पार्षद विशाखा मोदी, कमलेश मेहता ने कहा कि उनके वार्डाें में नई लाइनें बिछने के बाद 24 घंटे पानी देने का दावा किया था लेकिन हकीकत यह है कि यहां पांचवें दिन पानी आ रहा है। पार्षदों ने खोदे गए सड़कें-रास्ते दुरुस्त न करने पर भी सवाल उठाए। पार्षद नरेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र ठाकुर, कांता सुयाल, उर्मिला कश्यप, आशा शर्मा ने भी पानी की राशनिंग को लेकर सवाल उठाए। कहा कि कब लोगों को नियमित पानी मिलेगा।

सरकार को तीन साल में निगम ने भेजे 22 प्रस्ताव, एक को भी नहीं मिली मंजूरी
राजधानी में कांग्रेस की डबल इंजन सरकार में भी नगर निगम के हाथ खाली है। निगम की ओर से भेजे जा रहे प्रस्तावों की फाइलें शहरी विकास विभाग से लेकर प्रदेश सचिवालय में धूल फांक रही हैं। इन प्रस्तावों को सरकार मंजूरी नहीं दे रही है। हालत यह है कि तीन साल के भीतर अब तक नगर निगम कुल 22 प्रस्ताव सरकार को भेज चुका है। इनमें से एक पर भी अभी तक मंजूरी नहीं आई है। कांग्रेस पार्षद रामरत्न वर्मा की ओर से शनिवार को नगर निगम सदन में पूछे गए सवाल के जवाब से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 

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