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अमर उजाला संवाद: जाम और पार्किंग से जूझ रहा शिमला, कारोबारियों ने कहा- मंडियां शिफ्ट हों, बने मोटर मार्केट

Mon, 24 Aug 2026 12:12 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 24 Aug 2026 12:12 PM IST
सार

शिमला में पर्यटन और कारोबार की चुनौतियों पर आयोजित ‘अमर उजाला संवाद’ में कारोबारियों ने जाम, पार्किंग, पुरानी मंडियों और पर्यटन सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने शहर से बाहर मंडियां शिफ्ट करने, अलग मोटर मार्केट बनाने, पर्यटकों के लिए बेहतर पार्किंग और सूचना व्यवस्था करने की मांग की। जाखू एस्केलेटर सुबह सात बजे से चलाने, प्री-पेड टैक्सी और फर्जी गाइडों पर रोक की मांग भी उठी।

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shimla tourism traffic parking motor market traders demands
अमर उजाला संवाद में शिमला के पर्यटन और कारोबार की चुनौतियों पर चर्चा करते कारोबारी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

अपनी खूबसूरती और स्वच्छ आबोहवा के लिए दुनियाभर में चर्चित हिल्स क्वीन शिमला में लंबा यातायात जाम और पार्किंग की कमी से पर्यटक परेशान होकर लाैट रहे हैं। उन्हें न बेहतर जानकारी मिल रही है और न ही सुविधाएं। कारोबार को बचाने के लिए कई चुनौतियां हैं। अंग्रेजों के जमाने में बसाई मंडियों पर संकट खड़ा हो गया है। बड़े कारोबारी अब थड़ी पर आ गए हैं। कारोबार बढ़ाने में किसी सरकार ने नहीं सोचा। उनकी समस्याओं को हल करने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। कड़े नियमों के चलते कारोबारी अपनी दुकानों की मरम्मत तक नहीं करवा पाते हैं। राजधानी में पर्यटन को बढ़ावा देने और कारोबार की चुनौतियों को लेकर अमर उजाला शिमला संस्करण की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रविवार को कार्यालय में संवाद का आयोजन किया गया। इसमें कारोबारियों ने बेबाकी से अपनी बात रखी।

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अलग बने मोटर मार्केट कम होगा जाम
पर्यटकों को जाम के कारण शोघी से शिमला पहुंचने में दो घंटे लग जाते हैं। घोड़ा चौकी और कच्ची घाटी से मोटर मार्केट को अलग जगह शिफ्ट करने से जाम की समस्या कम होगी। मनीमाजरा की तर्ज पर अलग मोटर मार्केट बनने से कारोबार भी बढ़ेगा और जाम की समस्या भी कम होगी।  -मदन शर्मा, महासचिव, कच्ची घाटी-घोड़ा चौकी कारोबारी संघ

पर्यटकों के लिए सुविधाओं पर काम करे विभाग
पर्यटन विभाग शिमला और इसके आसपास के पर्यटक स्थलों में सुविधाओं का विस्तार करे। पर्यटकों के साथ होने वाली लूट को रोकने के लिए कार्य करे, फिर चाहे वह शौचालय का शुल्क हो, घोड़ों के रेट हों या टैक्सी का किराया। गाइडों के लिए बाकायदा प्रशिक्षण देकर लाइसेंस जारी किए जाएं, जिससे पर्यटकों को सही व्यक्ति से सही जानकारी मिल सके। -हरविंद्र सिंह, टैक्सी ऑपरेटर
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स्थानीय पर्यटन स्थलों की सड़कों की सुधरे दशा
राजधानी शिमला के आसपास के पर्यटक स्थलों की सड़कों की हालत को सुधारा जाना जरूरी है। शिमला शहर में जाम में फंसने के बाद जब पर्यटक आसपास के पर्यटक स्थलों तक पहुंचते हैं, तो खराब सड़कों के कारण उन्हें भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे पर्यटक परेशान होते हैं। -प्रवीण भारद्वाज टैक्सी ऑपरेटर

पर्यटकों से कम हो लूट सही मार्गदर्शन मिले 
पर्यटकों से टैक्सी किराया के रूप में होने वाली लूट को रोकने के लिए निर्धारित दरों पर प्री-पेड टैक्सी सर्विस को बढ़ावा देना जरूरी है। फर्जी टूरिस्ट गाइड बनकर पर्यटकों को गुमराह किया जा रहा है, उस पर सरकार अंकुश लगाए। इन स्थलों को और विकसित करें। -राजेंद्र ठाकुर, महासचिव, ऑल हिमाचल कमर्शियल व्हीकल ज्वाइंट एक्शन कमेटी
 

कारोबार घट रहा चुनौतियां बढ़ रहीं 
शहर के कारोबार के समक्ष कई चुनौतियां हैं जिन्हें एक साथ समाप्त नहीं किया जा सकता। शहर का कारोबार दिनों-दिन कम हो रहा है। जाम की समस्या बढ़ी है। पुरानी मंडियों के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं मिली हैं। मंडियां शिफ्ट करने की योजना 15 साल से सुन रहे हैं। इस पर कोई सरकार काम नहीं कर रही। गंज मंडी में लोडिंग-अनलोडिंग तक की सुविधा नहीं है। मार्केट फीस का पैसा तो लेते हैं लेकिन गंज की मंडी पर आज तक एक भी पैसा नहीं लगाया। -संजीव ठाकुर, अध्यक्ष, व्यापार मंडल

पर्यटकों के लिए बढ़ानी होंगी सुविधाएं
शिमला की आबादी 25 हजार से बढ़कर चार लाख हो गई, पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी, लेकिन उस अनुपात में ढांचागत विकास नहीं हुआ। पर्यटकों को मालरोड और रिज तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था करनी होगी। आईएसबीटी क्रॉसिंग में पार्किंग तो बनी, लेकिन वहां दफ्तर खुल गए। पर्यटक यदि सुबह 7:00 बजे जाखू मंदिर की आरती के लिए जाएं तो वहां एस्केलेटर बंद मिलता है। -दीपक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष, शिमला व्यापार मंडल
 

दुकान से थड़ी पर आ गए बड़े कारोबारी
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोई बड़ा काम नहीं हुआ। बाबा भलखू के समय में बनी रेलवे लाइन को हम एक इंच आगे नहीं बढ़ा पाए। उन्हीं पुरानी मंडियों में कारोबार चल रहा है। नई मंडियां नहीं बनीं। व्यावसायिक परिसर बनाए नहीं जिससे कारोबार आगे नहीं बढ़ रहा। हालत यह है कि बड़े दुकानदार अब थड़ियों पर आ गए हैं। पर्यटकों के लिए होर्डिंग्स आदि लगने चाहिए जिसमें पार्किंग, पर्यटन स्थलों की जानकारी हो। शहर में पुरानी इमारतों को नया रूप और मजबूती मिलनी चाहिए। -नितिन सोहल, महासचिव, शिमला व्यापार मंडल

बाजार से दूर खोले जाएं मार्ट, बनें योजनाएं
शहर में कारोबार को बचाने के लिए जरूरी है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों और अन्य मार्ट बाजार से दूर खोले जाएं। इनके खुलने से छोटे कारोबारी का काम चौपट हो रहा है। कारोबार और पर्यटन विकास के लिए योजनाएं बनाने में कारोबारियों व पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों की राय ली जाए। पर्यटकों को सुरक्षित माहौल और परिवहन की सुविधाएं मुहैया करवाने के साथ ही गुणवत्ता को बनाए रखना भी जरूरी है। शिमला में हवाई सेवाएं नियमित करना भी आवश्यक है। -सुरेंद्र ठाकुर, अध्यक्ष, टूट मार्केट वेलफेयर कमेटी

ये दिए सुझाव
  • नए पर्यटन स्थल विकसित हों, उनका प्रचार हो
  • शहर में आवाजाही आसान की जाए, पार्किंग बने
  • प्रवेशद्वारों पर पार्किंग, पर्यटन स्थलों की मिले जानकारी
  • कारोबार बढ़ाने को ये मिले सुझाव
  • शहर से बाहर शिफ्ट हों मंडियां, चौड़ी की जाएं सड़कें
  • ऑनलाइन कारोबार पर लगे शुल्क, बंद हो प्लास्टिक
  • मंडियों पर खर्च हो मार्केट फीस का पैसा, मिलें सुविधाएं
  • लोडिंग-अनलोडिंग की मंडी के भीतर मिले सुविधा
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