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हिमाचल: सीमेंट प्लांट तक मुफ्त जाना था प्लास्टिक कचरा, फिर भी फर्म को दिए 1.56 लाख रुपये; ऑडिट में उठे सवाल
Mon, 21 Sep 2026 10:33 AM IST
Ankesh Dogra
सुरेश शांडिल्य, शिमला।
सुरेश शांडिल्य, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:33 AM IST
सार
हमीरपुर के सुजानपुर नगर परिषद में प्लास्टिक कचरे को अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट बाघा तक पहुंचाने के लिए 1,56,016 रुपये के भुगतान पर ऑडिट ने सवाल उठाए हैं। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2023 के समझौते में सीमेंट की आपूर्ति के बाद लौटने वाले ट्रकों की खाली क्षमता से प्लास्टिक कचरे की निशुल्क ढुलाई का प्रावधान था। इसके बावजूद नगर परिषद ने निजी फर्म से परिवहन कराया और 14 चक्करों के लिए भुगतान किया। पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
सुजानपुर से सीमेंट प्लांट बाघा तक निशुल्क प्लास्टिक कचरा ले जाना था। फिर भी एक फर्म को 1.56 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह मामला नगर परिषद सुजानपुर में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग सामग्री के परिवहन का है। अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बाघा के साथ शहरी निकायों के समझौता ज्ञापन के अनुसार प्लास्टिक कचरे की निशुल्क ढुलाई होनी थी। परिषद की अप्रैल 2024 से लेकर मार्च 2025 की ऑडिट रिपोर्ट ने इस मामले में दुर्विनियोजन की आशंका व्यक्त की है।
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नगर परिषद पर अनावश्यक और अनधिकृत वित्तीय भार डालने वाला बताते हुए इस राशि की वसूली करने को कहा गया है। अंकेक्षण के दौरान चार मार्च 2025 के वाउचर संख्या 1176 की जांच में पाया गया कि नगर परिषद ने मैसर्स न्यू प्रेम रोड लाइन को सुजानपुर से अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट बाघा तक प्लास्टिक रिसाइक्लिंग सामग्री पहुंचाने के लिए 1,56,016 रुपये का भुगतान किया। यह भुगतान दो बिलों के आधार पर 14 ट्रिप के लिए किया गया।
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ऑडिट के अनुसार आठ दिसंबर 2023 को अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों के बीच हुए एमओयू की धारा बी (10) में प्रावधान था कि सीमेंट की आपूर्ति के बाद लौटने वाले ट्रकों की बैकलोड क्षमता से प्लास्टिक कचरे का परिवहन निशुल्क किया जाएगा। बावजूद नगर परिषद ने प्लास्टिक कचरे के परिवहन के लिए निविदा आमंत्रित कर दी। निविदा में परिवहन की दर 9,950 रुपये प्रति ट्रिप सभी करों समेत निर्धारित थी। 14 ट्रिप के लिए 1,39,300 रुपये का भुगतान बनता था, लेकिन नगर परिषद ने 12 प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी के रूप में 16,716 रुपये जोड़कर कुल 1,56,016 रुपये का भुगतान कर दिया। ऑडिट ने अतिरिक्त जीएसटी के भुगतान पर भी आपत्ति दर्ज की है।
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अल्ट्राटेक के वाहनों से ही भेजा गया प्लास्टिक कचरा
ऑडिट में नगर परिषद की ओर से अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को भेजे गए पत्रों की भी जांच की गई। इनमें स्पष्ट उल्लेख था कि प्लास्टिक कचरा अल्ट्राटेक के प्लांट की ओर से उपलब्ध कराए गए वाहनों में ही भेजा गया। 28 अगस्त से 22 नवंबर 2024 के बीच भेजे गए 14 पत्रों में संबंधित वाहनों के नंबर भी दर्ज हैं। ऐसे में भी परिवहन का खर्च नगर परिषद को वहन नहीं करना था। रिपोर्ट के अनुसार मामले को अंकेक्षण अधियाचना संख्या 2025-26/64 के माध्यम से 19 नवंबर 2025 को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के ध्यान में लाया गया। ऑडिट के समाप्त होने तक नगर परिषद की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
सीमेंट प्लांट कई बार चालू नहीं होता तो ऐसी स्थिति में हमारे पास कोई चारा नहीं बचता है। हमें इसलिए यह वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। प्लास्टिक कचरा जब ज्यादा हो जाए तो ऐसा किया जाता है। बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण विधायन करके परिवहन के लायक प्लास्टिक सामग्री तैयार भी नहीं हो पाती है। - हर्षित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
ऑडिट में नगर परिषद की ओर से अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को भेजे गए पत्रों की भी जांच की गई। इनमें स्पष्ट उल्लेख था कि प्लास्टिक कचरा अल्ट्राटेक के प्लांट की ओर से उपलब्ध कराए गए वाहनों में ही भेजा गया। 28 अगस्त से 22 नवंबर 2024 के बीच भेजे गए 14 पत्रों में संबंधित वाहनों के नंबर भी दर्ज हैं। ऐसे में भी परिवहन का खर्च नगर परिषद को वहन नहीं करना था। रिपोर्ट के अनुसार मामले को अंकेक्षण अधियाचना संख्या 2025-26/64 के माध्यम से 19 नवंबर 2025 को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के ध्यान में लाया गया। ऑडिट के समाप्त होने तक नगर परिषद की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
सीमेंट प्लांट कई बार चालू नहीं होता तो ऐसी स्थिति में हमारे पास कोई चारा नहीं बचता है। हमें इसलिए यह वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। प्लास्टिक कचरा जब ज्यादा हो जाए तो ऐसा किया जाता है। बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण विधायन करके परिवहन के लायक प्लास्टिक सामग्री तैयार भी नहीं हो पाती है। - हर्षित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद