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Chaitra Amavasya 2026 Date: कब है चैत्र अमावस्या 18 या 19 मार्च, जानिए तिथि, महत्व और स्नान-दान मुहूर्त
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Vinod Shukla
Updated Mon, 16 Mar 2026 01:14 PM IST
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सार
Chaitra Amavasya 2026 Date: हिंदू धर्म में चैत्र अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इसमें गंगा स्नान, पूजा-पाठ और पितरों को तर्पण करने के विशेष महत्व होता है।
Chaitra Amavasya 2026
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Chaitra Amavasya 2026 Date: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। यह तिथि हर माह आती है, जो पितरों की समर्पित होती है। चैत्र माह की अमावस्या तिथि पर स्नान, दान, पूजा-पाठ और पितरों को तर्पण करने का विशेष विधान होता है। इस वर्ष चैत्र माह की अमावस्या 19 मार्च को पड़ रही है। इस अमावस्या पर कई तरह के शुभ योगों का भी निर्माण हो रहा है। आइए जानते हैं इसके दान-स्नान, पूजा-पाठ और महत्व के बारे में विस्तार से।
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चैत्र अमावस्या तिथि 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष चैत्र माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 मार्च को सुबह 08 बजकर 25 मिनट से आरंभ होगी, जिसका समापन 19 मार्च 2026 को सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर चैत्र अमावस्या तिथि 19 मार्च को मनाई आएगी।
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चैत्र अमावस्या दान और स्नान का मुहूर्त
अमावस्या तिथि पर गंगा स्नान और फिर दान करने का विशेष महत्व होता है। विशेष मुहूर्त में स्नान और दान करने से सभी सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द से जल्द पूरी हो जाती है।
ब्रह्रा मुहूर्त- सुबह 5 बजकर 08 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक।
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से लेकर 01 बजकर 11 मिनट तक।
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 47 मिनट से 03 बजकर 36 मिनट तक।
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चैत्र अमावस्या तिथि का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में चैत्र अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इससें पितरों को तर्पण और पिंडदन करने से पितरगण बहुत ज्यादा प्रसन्न होते हैं और परिवार जनों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। अमावस्या तिथि पर गंगास्ना, दान और पीपल के पेड़ की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन तिल और गुड़ का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अमावस्या तिथि पर कौवे, कुत्ते, गाय और गरीबों को भोजन करवाना बहुत ही शुभ माना जाता है।
चैत्र अमावस्या उपाय
- पवित्र नदियों में स्नान करें।
- सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
- पीपल के पेड़ की पूजा करें और दीपक अर्पित करें।
- जरूरतमंदों को दान करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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