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Hariyali Teej 2026: शुभ योगों में हरियाली तीज कल, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व
Fri, 14 Aug 2026 05:12 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 14 Aug 2026 05:12 PM IST
सार
Hariyali Teej 2026: हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष महत्व होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रखते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
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Hariyali Teej 2026
- फोटो : अमर उजाला AI
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विस्तार
Hariyali Teej 2026 : शनिवार, 15 अगस्त 2026 को हरियाली तीज का पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं व्रत रखती हैं और भगवान शिव-मां पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं। इस वर्ष हरियाली तीज पर दो शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। पंचांग के अनुसार, इस दिन शिव और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिष में इन योगों को बहुत ही शुभ योग माना जाता है। इस योग में हरियाली तीज पर पूजा करना बहुत ही शुभ फलदायी साबित होगा। आइए जानते हैं हरियाली तीज पूजा-विधि और शुभ मुहूर्त।
हरियाली तीज पर शुभ योग कब
हिंदू पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज पर शिव और सिद्ध योग बनेगा। इस दिन शिव योग सुबह 7 बजकर 9 मिनट तक रहेगा ,वहीं सिद्ध योग शिव योग के बाद शुरू होगा जो अगले दिन की सुबह 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
हरियाली तीज शुभ मुहूर्त 2026
पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज 14 अगस्त 2026 को शाम 6 बजकर 46 मिनट से शुरू होकर 15 अगस्त की शाम 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर हरियाली तीज का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा। हरियाली तीज पर शुभ मुहूर्त में पूजा करना फलदायी रहेगा।
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ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04:24 मिनट से 05:07 तक
प्रातः सन्ध्या - सुबह 04:45 मिनट से 05:50 तक
अभिजित मुहूर्त -दोपहर 11:59 मिनट से 12:52 तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02:37 मिनट से 03:30 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 07:01 मिनट से 07:22 मिनट तक
अमृत काल - रात 08:18 मिनट से 09:53 मिनट तक
हरियाली तीज पूजा विधि
हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं स्त्रियां मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाती हैं। सुहाग की सामग्री जैसे चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, कंघी आदि थाली में सजाकर माता पार्वती को अर्पित किया जाता है। नैवेद्य में खीर, पूरी, हलुआ या मालपुए चढ़ाए जाते हैं। पूजा के पश्चात शिव-पार्वती की कथा सुनना आवश्यक होता है। अंत में प्रतिमाओं का नदी या किसी पवित्र जल में विसर्जन किया जाता है। शास्त्रों में वर्णन है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से स्त्रियों को सुख, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
हरियाली तीज का महत्व
सुहागिन महिलाओं के लिए हरियाली तीज का खास महत्व होता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और हरे रंग के कपड़े पहनती हैं। हरियाली तीज पर सास अपनी बहू को हरे रंग के कपड़े, मेहंदी, श्रृंगार का सामान, मेहंदी और मिठाइयां भेंट स्वरूप देती है। हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान होता है। धार्मिक मान्यतआओं के अनुसार हरियाली तीज पर पूजा और व्रत रखने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज का रखने जा रही हैं व्रत ? जानें सही विधि और इसके नियम
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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हरियाली तीज पर शुभ योग कब
हिंदू पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज पर शिव और सिद्ध योग बनेगा। इस दिन शिव योग सुबह 7 बजकर 9 मिनट तक रहेगा ,वहीं सिद्ध योग शिव योग के बाद शुरू होगा जो अगले दिन की सुबह 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
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हरियाली तीज शुभ मुहूर्त 2026
पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज 14 अगस्त 2026 को शाम 6 बजकर 46 मिनट से शुरू होकर 15 अगस्त की शाम 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर हरियाली तीज का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा। हरियाली तीज पर शुभ मुहूर्त में पूजा करना फलदायी रहेगा।
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ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04:24 मिनट से 05:07 तक
प्रातः सन्ध्या - सुबह 04:45 मिनट से 05:50 तक
अभिजित मुहूर्त -दोपहर 11:59 मिनट से 12:52 तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02:37 मिनट से 03:30 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 07:01 मिनट से 07:22 मिनट तक
अमृत काल - रात 08:18 मिनट से 09:53 मिनट तक
हरियाली तीज पूजा विधि
हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं स्त्रियां मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाती हैं। सुहाग की सामग्री जैसे चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, कंघी आदि थाली में सजाकर माता पार्वती को अर्पित किया जाता है। नैवेद्य में खीर, पूरी, हलुआ या मालपुए चढ़ाए जाते हैं। पूजा के पश्चात शिव-पार्वती की कथा सुनना आवश्यक होता है। अंत में प्रतिमाओं का नदी या किसी पवित्र जल में विसर्जन किया जाता है। शास्त्रों में वर्णन है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से स्त्रियों को सुख, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
हरियाली तीज का महत्व
सुहागिन महिलाओं के लिए हरियाली तीज का खास महत्व होता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और हरे रंग के कपड़े पहनती हैं। हरियाली तीज पर सास अपनी बहू को हरे रंग के कपड़े, मेहंदी, श्रृंगार का सामान, मेहंदी और मिठाइयां भेंट स्वरूप देती है। हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान होता है। धार्मिक मान्यतआओं के अनुसार हरियाली तीज पर पूजा और व्रत रखने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज का रखने जा रही हैं व्रत ? जानें सही विधि और इसके नियम
Hariyali Teej 2026: पहली बार रख रही हैं हरियाली तीज व्रत? जानें व्रत की संपूर्ण विधि और धार्मिक महत्व
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।