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Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी आज, जानिए आज भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए क्या करें
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:17 PM IST
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सार
Jaya Ekadashi 2026: आज जया एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में एकादशी के त्योहार का विशेष महत्व होता है। जया एकादशी पर व्रत रखने से पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
एकादशी 2026
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
Jaya Ekadashi 2026: आज, गुरुवार 29 जनवरी को जया एकादशी है। इस एकादशी को कई जगहों पर भीष्म एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य के उत्तरायण होने पर बाणों की शैया पर लेटे भीष्म पितामह ने इसी एकादशी पर अपने प्राण त्यागे थे। जिस कारण से भीष्म एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार एकादशी तिथि को भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है। माघ मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह एकादशी विशेष रूप से पापों से मुक्ति, मन की शुद्धि और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली मानी गई है। शास्त्रों में उल्लेख है कि जया एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के जाने-अनजाने किए गए दोष शांत होते हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
क्या है एकादशी का महत्व
एकादशी व्रत का मूल उद्देश्य केवल उपवास नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलना है। इस दिन मन, वाणी और कर्म की पवित्रता पर विशेष बल दिया गया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा के साथ इस एकादशी का पालन करता है, उसके जीवन से भय, तनाव और अशांति धीरे-धीरे दूर होने लगती है। घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है और पारिवारिक संबंधों में मधुरता आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी के दिन किए गए दान, जप और पूजा का फल कई गुना होकर प्राप्त होता है। यही कारण है कि शास्त्रों में इसे अत्यंत पुण्यदायी एकादशी बताया गया है।
जया एकादशी पर क्या करें
1. तुलसी मिश्रित जल से विष्णु अभिषेक
जया एकादशी की सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु या शालिग्राम पर तुलसी दल के साथ शुद्ध जल अर्पित करें। तुलसी को विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है। यह उपाय घर में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा को शांत करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। ध्यान रहें इस दिन तुलसी पत्र नहीं तोड़े।
इस दिन किसी जरूरतमंद को पीले वस्त्र, चने की दाल या बेसन का दान करना शुभ माना गया है। पीला रंग गुरु और विष्णु तत्व का प्रतीक है। इससे घर में आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सौहार्द बढ़ता है।
3. विष्णु सहस्रनाम या ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जप
जया एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ या कम से कम 108 बार ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करने से मानसिक तनाव दूर होता है और मन एकाग्र होता है।
शाम के समय भगवान विष्णु के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पारिवारिक कलह कम होती है।
5. ब्राह्मण या वृद्ध को भोजन कराना
जया एकादशी के दिन किसी ब्राह्मण, साधु या वृद्ध व्यक्ति को श्रद्धापूर्वक भोजन कराना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। यह उपाय पितृ दोष और पारिवारिक बाधाओं को शांत करने में सहायक होता है।
पूजा के समय शंख में जल भरकर मंत्रोच्चार के साथ शंख ध्वनि करें और उस जल का छिड़काव घर में करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार शंख की ध्वनि और जल से वातावरण शुद्ध होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
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क्या है एकादशी का महत्व
एकादशी व्रत का मूल उद्देश्य केवल उपवास नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलना है। इस दिन मन, वाणी और कर्म की पवित्रता पर विशेष बल दिया गया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा के साथ इस एकादशी का पालन करता है, उसके जीवन से भय, तनाव और अशांति धीरे-धीरे दूर होने लगती है। घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है और पारिवारिक संबंधों में मधुरता आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी के दिन किए गए दान, जप और पूजा का फल कई गुना होकर प्राप्त होता है। यही कारण है कि शास्त्रों में इसे अत्यंत पुण्यदायी एकादशी बताया गया है।
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जया एकादशी पर क्या करें
1. तुलसी मिश्रित जल से विष्णु अभिषेक
जया एकादशी की सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु या शालिग्राम पर तुलसी दल के साथ शुद्ध जल अर्पित करें। तुलसी को विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है। यह उपाय घर में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा को शांत करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। ध्यान रहें इस दिन तुलसी पत्र नहीं तोड़े।
Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी आज, जानें मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती और व्रत पारण का समय
2. पीले अनाज या वस्त्र का दानइस दिन किसी जरूरतमंद को पीले वस्त्र, चने की दाल या बेसन का दान करना शुभ माना गया है। पीला रंग गुरु और विष्णु तत्व का प्रतीक है। इससे घर में आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सौहार्द बढ़ता है।
3. विष्णु सहस्रनाम या ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जप
जया एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ या कम से कम 108 बार ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करने से मानसिक तनाव दूर होता है और मन एकाग्र होता है।
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4. शुद्ध घी का दीपक और धूप अर्पणशाम के समय भगवान विष्णु के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पारिवारिक कलह कम होती है।
5. ब्राह्मण या वृद्ध को भोजन कराना
जया एकादशी के दिन किसी ब्राह्मण, साधु या वृद्ध व्यक्ति को श्रद्धापूर्वक भोजन कराना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। यह उपाय पितृ दोष और पारिवारिक बाधाओं को शांत करने में सहायक होता है।
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6. शंख जल से गृह शुद्धिपूजा के समय शंख में जल भरकर मंत्रोच्चार के साथ शंख ध्वनि करें और उस जल का छिड़काव घर में करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार शंख की ध्वनि और जल से वातावरण शुद्ध होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
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