{"_id":"697b0517106888852706c4ec","slug":"holi-2026-date-timing-on-3rd-or-4th-march-know-the-right-date-holika-dahan-muhurat-and-importance-2026-01-29","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Holi 2026: 3 या 4 मार्च होली कब है? यहां जानिए सही डेट,महत्व और होलिका दहन का शुभ मुहूर्त","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Holi 2026: 3 या 4 मार्च होली कब है? यहां जानिए सही डेट,महत्व और होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:42 PM IST
सार
Holi Kab Hai: होली का पर्व लोगों के बीच प्रेम और भाईचारे को बढ़ाता है। होलिका दहन के अगले दिन रंगों और गुलाल के साथ होली मनाई जाती है। इस दिन लोग पुराने मतभेद भूलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और त्योहार का आनंद उठाते हैं।
विज्ञापन
4
1 of 6
holi 2026
- फोटो : amar ujala
Link Copied
Holi 2026 Date: होली का पर्व खुशियों, रंगों और आपसी प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं और हर्षोल्लास के साथ होली की शुभकामनाएं देते हैं। फाल्गुन माह में मनाया जाने वाला यह त्योहार सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे फगुआ, धुलंडी और रंगवाली होली जैसे नामों से भी जाना जाता है।
इस बार त्योहार 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।
- फोटो : instagram
होली कब मनाई जाएगी?
होली 2026 की तारीख को लेकर हर साल लोगों में थोड़ी उलझन रहती है। इस बार त्योहार 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा, न कि 3 मार्च को। इस दिन लोग रंगों और गुलाल के साथ होली खेलने का आनंद उठाएंगे। यह दिन केवल खेल-कूद का नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। होली का उत्सव लोगों के बीच प्रेम, भाईचारे और सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक है।
2-2
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 6
मथुरा, वृंदावन, काशी और उज्जैन जैसे स्थानों में होली का उत्सव मनाया जाता है।
- फोटो : PTI
रंगों और उत्सव का आनंद
होली के दिन न केवल रंगों के उत्सव का आनंद लिया जाता है, बल्कि यह धार्मिक रीति-रिवाजों का भी अवसर है। मथुरा, वृंदावन, काशी और उज्जैन जैसे स्थानों में होली का उत्सव बेहद भव्य और अनोखे रंगों के साथ मनाया जाता है। जहां बाहर हवा में गुलाल और रंग उड़ते हैं, वहीं घरों में लोग पारंपरिक पकवान और मिठाइयों का आनंद भी लेते हैं। बिहार में खास तौर पर मालपुआ बनाए जाते हैं, जबकि अन्य हिस्सों में होली में गुजिया अनिवार्य मानी जाती है। इसके अलावा, ठंडाई इस त्योहार का प्रमुख पेय पदार्थ है, जो होली के स्वाद और आनंद को दोगुना कर देता है।
4 of 6
होलिका दहन 3 मार्च 2026 को किया जाएगा।
- फोटो : अमर उजाला
होलिका दहन पूजा मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे आरंभ होगी और 3 मार्च की शाम 5:07 बजे समाप्त होगी। इसी तिथि के अनुसार होलिका दहन 3 मार्च 2026 को किया जाएगा। इस दिन का शुभ मुहूर्त शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक रहेगा। होलिका दहन का महत्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। लोग अपने घर या मंदिर के आस-पास होलिका दहन करके नकारात्मक ऊर्जा और पुराने कष्टों को दूर करते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
होली का त्योहार सिर्फ रंगों का नहीं बल्कि पूजा-पाठ का भी अवसर है।
- फोटो : chineni news
होली पूजा का महत्व
होली का त्योहार सिर्फ रंगों का नहीं बल्कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का भी अवसर है। इस दिन राधा-कृष्ण, माता लक्ष्मी और भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करना शुभ माना जाता है। सबसे पहले पूजा में रंग, गुलाल, मिठाई और फूल देवी-देवताओं को अर्पित किए जाते हैं। ऐसा करने से व्रत और त्योहार का धार्मिक महत्व पूर्ण होता है और शुभ फल प्राप्त होते हैं।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।