एशियन गेम्स: नीरू का गोल्ड, 4x400 रिले में सोना और गुलवीर के तीन पदक, 10वें दिन भारत का कैसा रहा प्रदर्शन?
एशियन गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने शूटिंग और एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन किया। नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि भारतीय महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने भी गोल्ड अपने नाम किया। गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य जीतकर एक ही एशियाड में अपना तीसरा व्यक्तिगत पदक हासिल किया। बॉक्सिंग में परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल फाइनल में पहुंचे, जबकि नरेंदर ने कांस्य पदक पक्का किया। भारत ने महिला ट्रैप टीम में रजत और एथलेटिक्स में कई अन्य पदक भी जीते।
विस्तार
नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में 30 में से 28 निशाने लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन की यूनॉन्ग सुन ने 26 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता। नीरू ने इस प्रदर्शन के साथ एशियन रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इससे पहले महिला ट्रैप के व्यक्तिगत फाइनल में एशियन रिकॉर्ड 24 का था।
नीरू का स्वर्ण इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियाई खेल पदक भी है। महिला ट्रैप 1990 से एशियन गेम्स का हिस्सा है, लेकिन भारत को इस इवेंट में अब तक कोई पदक नहीं मिला था। नीरू ने 36 साल के इंतजार को खत्म करते हुए सीधे स्वर्ण पदक दिलाया। यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का पांचवां स्वर्ण था।
नीरू ढांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारतीय टीम ने क्वालिफिकेशन में कुल 328 अंक हासिल किए। चीन ने 346 अंक के साथ स्वर्ण और कुवैत ने 325 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में नीरू 118 अंक के साथ शीर्ष पर रहीं और फाइनल में पहुंचीं थीं। आशिमा 106 अंक के साथ 16वें और मनीषा 104 अंक के साथ 23वें स्थान पर रहीं।
महिला 65 किग्रा वर्ग में परवीन हुड्डा ने चीन की ली शु को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही उनका कम से कम रजत पदक पक्का हो गया। पुरुष 80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंघाल ने उज्बेकिस्तान के फज्लिद्दीन एर्किनबोएव को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले में प्रवेश किया।
अंकुश ने पहला राउंड गंवाने के बाद जोरदार वापसी की और अगले राउंड में अपनी गति और सटीक पंचों के दम पर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। वहीं, पुरुष 90+ किग्रा वर्ग में नरेंदर को कजाखस्तान के ऐबेक ओरलबाय के खिलाफ 0-5 से हार मिली। सेमीफाइनल में पहुंचने के कारण नरेंदर को कांस्य पदक मिला।
गुलवीर सिंह ने पुरुष 5000 मीटर फाइनल में 13:32.75 सेकेंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता। यह मौजूदा एशियन गेम्स में उनका तीसरा व्यक्तिगत पदक है। इससे पहले उन्होंने 10,000 मीटर और 1500 मीटर में रजत पदक जीते थे। इस तरह गुलवीर एक ही एशियाड में तीन व्यक्तिगत पदक जीतने वाले भारतीय पुरुष एथलीटों में नया अध्याय जोड़ने में सफल रहे। 5000 मीटर में बहरीन के बिरहानु बालेव ने स्वर्ण और जापान के तोमोनोरी यामागुची ने रजत जीता।
भारत ने महिला 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीता। भारतीय टीम ने 3:29.69 सेकेंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। टीम में किरण पाहल, पूवम्मा माचेत्तिरा, प्राची और विथ्या रामराज शामिल थीं। बहरीन ने 3:30.21 के समय के साथ रजत और चीन ने 3:31.02 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। यह एशियन गेम्स 2026 में एथलेटिक्स में भारत का पहला स्वर्ण था।
भारत ने पुरुष 4x400 मीटर रिले में 3:01.61 के सीजन के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। भारतीय चौकड़ी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर जगह बनाई। जापान ने 3:00.75 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कतर ने 3:00.93 के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। भारत स्वर्ण पदक विजेता जापान से 0.86 सेकंड पीछे रहा। जापान की जीत के साथ मौजूदा चैंपियन टीम का भी खिताब छिन गया। भारत ने दमदार प्रदर्शन के साथ रिले में पोडियम पूरा किया।
पूजा ने ऊंची कूद में जीता कांस्य, 1.84 मीटर की छलांग के साथ पदक पक्का
भारत की पूजा ने महिला ऊंची कूद फाइनल में 1.84 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने 1.84 मीटर तक की सभी ऊंचाइयों को बिना किसी असफल प्रयास के पार किया। हालांकि, पूजा 1.87 मीटर की ऊंचाई को तीनों प्रयासों में पार नहीं कर सकीं। उज्बेकिस्तान की सैफुल्लाएवा और कजाखस्तान की ओवचिन्निकोवा ने 1.87 मीटर की ऊंचाई पार कर क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीता। पूजा ने पूरे फाइनल में संयमित प्रदर्शन किया और भारत के खाते में एक और पदक जोड़ दिया।
मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले में भारत ने जीता कांस्य
मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले में भारत ने 41.06 सेकंड का सीजन बेस्ट समय निकालते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रेस में तीसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 40.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि थाईलैंड 40.87 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रहा। भारत का समय विजेता चीन से 0.28 सेकंड पीछे रहा और टीम ने कांस्य पदक पक्का किया।
भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने दो सेट से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए कतर को 3-2 से हराया। भारत ने पहले दो सेट 26-28 और 25-27 से गंवाए, लेकिन तीसरे और चौथे सेट में 25-23, 25-20 से वापसी की। निर्णायक पांचवें सेट में भारत ने 26-24 से जीत दर्ज की।
व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में भारत के तीन तीरंदाज क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। महिला वर्ग में कुमकुम महोद ने बांग्लादेश की सलाह सलमा उद्दीन को 6-0 से हराया, जबकि कीर्ति शर्मा को दक्षिण कोरिया की कांग चाएयंग से 3-7 से हार मिली। पुरुष वर्ग में धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। नीरज ने राउंड ऑफ 16 में दक्षिण कोरिया के तीन बार के ओलंपिक चैंपियन किम जे देओक को 6-4 से हराया।
सर्फिंग में भारत का अभियान बिना पदक के समाप्त हुआ। पुरुष शॉर्टबोर्ड के क्वार्टर फाइनल में किशोर कुमार अनबरसु को फिलीपींस के टोबी एस्पेजोन ने 8.53-5.37 से हराया। किशोर ने इससे पहले चीन के मा वेनसोंग को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। महिला वर्ग में कमाली प्रकाश और सुगर शांति गायेन भी तीसरे दौर में बाहर हो गईं। पुरुष वर्ग में शिवराज बाबू भी तीसरे दौर से आगे नहीं बढ़ सके।
भारतीय ट्रैक साइकिलिंग टीमें पुरुष और महिला टीम स्प्रिंट तथा महिला टीम परसूट में पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। महिला टीम स्प्रिंट में भारतीय चौकड़ी ने 50.431 सेकेंड और पुरुष टीम स्प्रिंट में भारतीय टीम ने 44.374 सेकेंड का समय दर्ज किया।
कुश्ती में सुजीत कलकल, अंतिम पंघाल और अमन सहरावत पर भारत की नजरें रहेंगी। सुजीत 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में उतरेंगे, जबकि अंतिम 53 किग्रा महिला वर्ग और अमन 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में चुनौती पेश करेंगे। सुजीत के ड्रॉ में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका हैं और संभावित क्वार्टर फाइनल में उनका सामना ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेह से हो सकता है। अंतिम के हिस्से में चीन की झांग जिन हैं, जबकि अमन के सामने शुरुआती दौर में उज्बेकिस्तान के गुलोमजोन अब्दुल्लाएव या जापान के यामातो ओगावा की चुनौती आ सकती है। महिला वर्ग में निशा दहिया, मनीषा भनवाला, मानसी अहलावत, प्रिया मलिक और दीपांशी भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। ग्रीको-रोमन में सुनील कुमार और नितेश सिवाच पर भी नजरें रहेंगी।