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एशियाई खेल 2026: बीएफआई की बड़ी घोषणा, पदक जीतने पर विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में मिलेगा सीधा प्रवेश
Wed, 16 Sep 2026 06:47 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 16 Sep 2026 06:47 PM IST
सार
भारतीय मुक्केबाजों के लिए बीएफआई ने बड़ी घोषणा की है। बीएफआई ने बताया है कि एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले मुक्केबाजों को अगले साल होने वाली विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए सीधा प्रवेश मिलेगा।
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भारतीय मुक्केबाज
- फोटो : IANS
विस्तार
एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज अगले साल होने वाली विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए सीधे क्वालिफाई करेंगे जो 2028 लॉस एंजिलिस खेलों के लिए पहला ओलंपिक क्वालिफायर होगी। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने बुधवार को यह जानकारी दी। बीएफआई ने लॉस एंजिलिस खेलों में अधिक से अधिक मुक्केबाजों के क्वालिफाई करने पर केंद्रित एक विस्तृत चयन नीति जारी की है।
बीएफआई ने कहा कि कि यह नीति विश्व मुक्केबाजी द्वारा विकसित और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) द्वारा स्वीकृत क्वालिफिकेशन प्रणाली पर आधारित चार चरणों वाली प्रक्रिया तय करती है। विश्व मुक्केबाजी के मानदंडों के अनुसार 2027 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप पहली क्वालिफाइंग प्रतियोगिता होगी जिसके बाद चीन में एशियाई क्वालिफायर और 2028 में दो विश्व क्वालिफाइंग टूर्नामेंट होंगे। बीएफआई द्वारा इस हफ्ते जारी सर्कुलर के अनुसार, एशियाई खेल 2026 के पदक विजेताओं को उनके संबंधित वजन वर्ग में मुख्य प्रविष्टि के तौर पर चुना जाएगा। 10वीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता उस वजन वर्ग में रिजर्व प्रविष्टि होंगे।
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बीएफआई ने कहा कि कि यह नीति विश्व मुक्केबाजी द्वारा विकसित और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) द्वारा स्वीकृत क्वालिफिकेशन प्रणाली पर आधारित चार चरणों वाली प्रक्रिया तय करती है। विश्व मुक्केबाजी के मानदंडों के अनुसार 2027 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप पहली क्वालिफाइंग प्रतियोगिता होगी जिसके बाद चीन में एशियाई क्वालिफायर और 2028 में दो विश्व क्वालिफाइंग टूर्नामेंट होंगे। बीएफआई द्वारा इस हफ्ते जारी सर्कुलर के अनुसार, एशियाई खेल 2026 के पदक विजेताओं को उनके संबंधित वजन वर्ग में मुख्य प्रविष्टि के तौर पर चुना जाएगा। 10वीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता उस वजन वर्ग में रिजर्व प्रविष्टि होंगे।
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क्या है नीति?
नीति के अनुसार जिन वजन वर्ग में भारत ने एशियाई खेलों में कोई पदक नहीं जीता है और लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के उन वजन वर्ग के लिए जो एशियाई खेलों का हिस्सा नहीं हैं, उनके लिए 10वीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता को मुख्य प्रविष्टि के तौर पर चुना जाएगा। जो मुक्केबाज कोटा दौर के मुकाबले में पहुंचते हैं लेकिन विश्व चैंपियनशिप में कोटा स्थान नहीं जीत पाते उन्हें एशियाई क्वालिफायर में सीधा प्रवेश मिलेगा। बाकी स्थान राष्ट्रीय शिविर में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के बीच रैंकिंग चयन ट्रायल के जरिए भरे जाएंगे।
नीति के अनुसार जिन वजन वर्ग में भारत ने एशियाई खेलों में कोई पदक नहीं जीता है और लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के उन वजन वर्ग के लिए जो एशियाई खेलों का हिस्सा नहीं हैं, उनके लिए 10वीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता को मुख्य प्रविष्टि के तौर पर चुना जाएगा। जो मुक्केबाज कोटा दौर के मुकाबले में पहुंचते हैं लेकिन विश्व चैंपियनशिप में कोटा स्थान नहीं जीत पाते उन्हें एशियाई क्वालिफायर में सीधा प्रवेश मिलेगा। बाकी स्थान राष्ट्रीय शिविर में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के बीच रैंकिंग चयन ट्रायल के जरिए भरे जाएंगे।
बीएफआई अध्यक्ष ने दी जानकारी
इटली और हंगरी में 2028 होने वाले दो विश्व क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के लिए भी ऐसी ही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, यह नीति हमारे मुक्केबाजों को लॉस एंजिलिस 2028 तक पहुंचने का एक स्पष्ट और व्यवस्थित रास्ता देने के लिए बनाई गई है जो राष्ट्रीय कोचिंग शिविर और विश्व मुक्केबाजी की क्वालिफाइंग प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छे प्रदर्शन पर आधारित है। राष्ट्रीय कोचिंग शिविर की शुरुआत 10वीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पदक विजेताओं, एशियाई खेलों के पदक विजेताओं और बीएफआई चयन समिति द्वारा चुने गए किसी भी वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी के साथ होगी। गैर ओलंपिक वजन वर्ग के लिए राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता 2027 विश्व चैंपियनशिप में मुख्य प्रविष्टि के तौर पर शामिल होंगे जबकि रजत पदक विजेता रिजर्व के तौर पर रहेंगे।
इटली और हंगरी में 2028 होने वाले दो विश्व क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के लिए भी ऐसी ही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, यह नीति हमारे मुक्केबाजों को लॉस एंजिलिस 2028 तक पहुंचने का एक स्पष्ट और व्यवस्थित रास्ता देने के लिए बनाई गई है जो राष्ट्रीय कोचिंग शिविर और विश्व मुक्केबाजी की क्वालिफाइंग प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छे प्रदर्शन पर आधारित है। राष्ट्रीय कोचिंग शिविर की शुरुआत 10वीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पदक विजेताओं, एशियाई खेलों के पदक विजेताओं और बीएफआई चयन समिति द्वारा चुने गए किसी भी वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी के साथ होगी। गैर ओलंपिक वजन वर्ग के लिए राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता 2027 विश्व चैंपियनशिप में मुख्य प्रविष्टि के तौर पर शामिल होंगे जबकि रजत पदक विजेता रिजर्व के तौर पर रहेंगे।