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CWG 2026: खेल मंत्री ने किया पदक विजेताओं को सम्मानित, खिलाड़ियों से कहा- अगली पीढ़ी के मार्गदर्शक बनें
Tue, 04 Aug 2026 09:12 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Tue, 04 Aug 2026 09:12 PM IST
सार
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग, जूडो और पैरा एथलेटिक्स में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उन्हें नकद पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल जीवन के बाद खेल अकादमियां स्थापित कर अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने तथा एशियाई खेल 2026 में और बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।
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पदक विजेताओं का हुआ सम्मान
- फोटो : PTI
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विस्तार
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में बॉक्सिंग, जूडो और पैरा एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि वे अपने खेल जीवन के बाद भी देश के लिए योगदान देते हुए अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करें और खेल अकादमियां स्थापित करें।
खिलाड़ियों को दी गई नकद पुरस्कार राशि
सम्मान समारोह में स्वर्ण पदक विजेताओं को 30 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
बॉक्सिंग में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारतीय बॉक्सिंग टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण और 3 रजत सहित कुल 10 पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
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खिलाड़ियों को दी गई नकद पुरस्कार राशि
सम्मान समारोह में स्वर्ण पदक विजेताओं को 30 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
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बॉक्सिंग में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारतीय बॉक्सिंग टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण और 3 रजत सहित कुल 10 पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
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पदक विजेताओं का हुआ सम्मान
- फोटो : PTI
स्वर्ण पदक जीतने वाले मुक्केबाज
रजत पदक विजेता
- प्रीति पवार (54 किग्रा)
- जैसमीन लम्बोरिया (57 किग्रा)
- साक्षी चौधरी (51 किग्रा)
- प्रिया घांघस (60 किग्रा)
- अरुंधति चौधरी (70 किग्रा)
- सचिन सिवाच (60 किग्रा)
- अंकुश पंघाल (80 किग्रा)
रजत पदक विजेता
- जादुमणि सिंह (55 किग्रा)
- लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)
- नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा)
पदक विजेताओं का हुआ सम्मान
- फोटो : PTI
जूडो में रचा नया इतिहास
भारतीय जूडो दल ने भी इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ कॉमनवेल्थ प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 4 पदक जीते। खेलो इंडिया खिलाड़ी अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने भारत के लिए जूडो में पहला कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। अस्मिता कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनीं, जबकि हर्ष सिंह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने।
पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों को भी किया सम्मानित
समारोह में पैरा एथलेटिक्स टीम को भी सम्मानित किया गया। ग्लासगो में भारतीय पैरा खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भारतीय पैरा खेलों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया।
खिलाड़ियों से खेल अकादमी शुरू करने की अपील
मांडविया ने खिलाड़ियों से कहा कि उनका लक्ष्य केवल पदक जीतकर सरकारी नौकरी हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि खेल से संन्यास लेने के बाद देश में नई प्रतिभाओं को तैयार करने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संशोधित खेलो इंडिया योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे देश में खेलों के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे भविष्य में अपनी खेल अकादमियां शुरू करें और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दें।
एशियाई खेल 2026 के लिए दिया लक्ष्य
खेल मंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की सफलता को एशियाई खेल 2026 में भी दोहराएं। उन्होंने कहा कि रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी स्वर्ण जीतने का लक्ष्य रखें, जबकि स्वर्ण पदक विजेता अपने प्रदर्शन को लगातार बनाए रखें।
गुरुओं का सम्मान करने की सीख
मांडविया ने खिलाड़ियों को अपने कोचों के योगदान को कभी न भूलने की सलाह देते हुए कहा कि एक गुरु का मार्गदर्शन खिलाड़ी को जीवनभर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
सरकारी योजनाओं का मिला लाभ
कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को खेलो इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टीओपीएस), एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन (एसीटीसी), भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, उपकरण और कोचिंग जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।
भारतीय जूडो दल ने भी इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ कॉमनवेल्थ प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 4 पदक जीते। खेलो इंडिया खिलाड़ी अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने भारत के लिए जूडो में पहला कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। अस्मिता कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनीं, जबकि हर्ष सिंह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने।
पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों को भी किया सम्मानित
समारोह में पैरा एथलेटिक्स टीम को भी सम्मानित किया गया। ग्लासगो में भारतीय पैरा खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भारतीय पैरा खेलों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया।
खिलाड़ियों से खेल अकादमी शुरू करने की अपील
मांडविया ने खिलाड़ियों से कहा कि उनका लक्ष्य केवल पदक जीतकर सरकारी नौकरी हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि खेल से संन्यास लेने के बाद देश में नई प्रतिभाओं को तैयार करने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संशोधित खेलो इंडिया योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे देश में खेलों के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे भविष्य में अपनी खेल अकादमियां शुरू करें और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दें।
एशियाई खेल 2026 के लिए दिया लक्ष्य
खेल मंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की सफलता को एशियाई खेल 2026 में भी दोहराएं। उन्होंने कहा कि रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी स्वर्ण जीतने का लक्ष्य रखें, जबकि स्वर्ण पदक विजेता अपने प्रदर्शन को लगातार बनाए रखें।
गुरुओं का सम्मान करने की सीख
मांडविया ने खिलाड़ियों को अपने कोचों के योगदान को कभी न भूलने की सलाह देते हुए कहा कि एक गुरु का मार्गदर्शन खिलाड़ी को जीवनभर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
सरकारी योजनाओं का मिला लाभ
कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को खेलो इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टीओपीएस), एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन (एसीटीसी), भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, उपकरण और कोचिंग जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।