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FIFA World Cup: गिल्बर्टो मोरा का कीर्तिमान, फीफा विश्वकप में मेक्सिको के लिए खेलने वाले बने सबसे युवा खिलाड़ी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेक्सिको सिटी
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 12 Jun 2026 09:17 AM IST
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सार
मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले के साथ ही फीफा विश्व कप 2026 का आगाज हो गया है। सह-मेजबान मेक्सिको ने पहले ही मैच में जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की, लेकिन 17 साल की उम्र में युवा खिलाड़ी गिल्बर्टो मोरा ने कीर्तिमान रच दिया।
गिल्बर्टो मोरा
- फोटो : IANS
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विस्तार
मेक्सिको सिटी स्टेडियम में फीफा विश्व कप 2026 के शुरू होते ही इतिहास रच दिया गया। सिर्फ 17 साल की उम्र में युवा खिलाड़ी गिल्बर्टो मोरा ने मेक्सिको के फुटबॉल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। मोरा मैदान पर उतरते ही विश्व कप में मेक्सिको का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। यह पल मैच के 65वें मिनट में आया जब मोरा को बेंच से बाहर बुलाया गया। उनके आते ही घरेलू दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं, जिसमें बॉक्सिंग मेगास्टार कैनेलो अल्वारेज भी शामिल थे।
विश्व कप में हिस्सा लेने वाले छठे युवा
17 साल और 240 दिन की उम्र में मोरा विश्व कप में खेलने वाले छठे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। पेले (17 साल और 235 दिन), सॉलोमन ओलेम्बे (17 साल और 185 दिन), फेमी ओपाबुनमी (17 साल और 101 दिन), सैमुअल इटो (17 साल और 99 दिन), और नॉर्मन व्हाइटसाइड (17 साल और 41 दिन) वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुके हैं।
दक्षिणी मेक्सिको के टक्सटला गुटिरेज में जन्मे और तिजुआना में पले-बढ़े मोरा ने 16 साल की उम्र से ठीक दो महीने पहले शीर्ष स्तर पर डेब्यू किया था। मोरा ने 2025 के फीफा अंडर-20 विश्व कप चिली 2025 में अपने खेल से खासा प्रभावित किया था। इस टूर्नामेंट में मेक्सिको क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा और मोरा ने अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्व खेल दिखाया।
17 साल और 240 दिन की उम्र में मोरा विश्व कप में खेलने वाले छठे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। पेले (17 साल और 235 दिन), सॉलोमन ओलेम्बे (17 साल और 185 दिन), फेमी ओपाबुनमी (17 साल और 101 दिन), सैमुअल इटो (17 साल और 99 दिन), और नॉर्मन व्हाइटसाइड (17 साल और 41 दिन) वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुके हैं।
दक्षिणी मेक्सिको के टक्सटला गुटिरेज में जन्मे और तिजुआना में पले-बढ़े मोरा ने 16 साल की उम्र से ठीक दो महीने पहले शीर्ष स्तर पर डेब्यू किया था। मोरा ने 2025 के फीफा अंडर-20 विश्व कप चिली 2025 में अपने खेल से खासा प्रभावित किया था। इस टूर्नामेंट में मेक्सिको क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा और मोरा ने अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्व खेल दिखाया।
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2025 में सीनियर टीम के लिए की शुरुआत
मेक्सिको की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए उनकी शुरुआत 2025 के कॉनकाकाफ गोल्ड कप में हुई। कोच जेवियर एगुइरे उन पर भरोसा जताया और उन्होंने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए शानदार प्रदर्शन किया। मोरा ने क्वार्टर फाइनल में सऊदी अरब के खिलाफ अपना डेब्यू किया, और मेक्सिको की सीनियर नेशनल टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के फुटबॉलर बन गए। सेमीफाइनल में उन्होंने राउल जिमेनेज के लिए निर्णायक गोल बनाने में मदद की। 17 साल का यह खिलाड़ी खेल को पढ़ने और अंदाजा लगाने, लाइनों के बीच से रिसीव करने, दबाव से बचने, और सही टाइमिंग के साथ बॉल छोड़ने की अपनी काबिलियत के लिए जाना जाता है। वह सिर्फ एक असाधारण टैलेंट नहीं है; उनके पास दबाव होने पर बॉल पाने का धैर्य, रचनात्मकता, और हिम्मत है।
मेक्सिको की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए उनकी शुरुआत 2025 के कॉनकाकाफ गोल्ड कप में हुई। कोच जेवियर एगुइरे उन पर भरोसा जताया और उन्होंने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए शानदार प्रदर्शन किया। मोरा ने क्वार्टर फाइनल में सऊदी अरब के खिलाफ अपना डेब्यू किया, और मेक्सिको की सीनियर नेशनल टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के फुटबॉलर बन गए। सेमीफाइनल में उन्होंने राउल जिमेनेज के लिए निर्णायक गोल बनाने में मदद की। 17 साल का यह खिलाड़ी खेल को पढ़ने और अंदाजा लगाने, लाइनों के बीच से रिसीव करने, दबाव से बचने, और सही टाइमिंग के साथ बॉल छोड़ने की अपनी काबिलियत के लिए जाना जाता है। वह सिर्फ एक असाधारण टैलेंट नहीं है; उनके पास दबाव होने पर बॉल पाने का धैर्य, रचनात्मकता, और हिम्मत है।