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FIFA World Cup: विश्व कप में ईरान के खेलने पर गहराया संकट, मैक्सिको में मैच कराने पर फीफा से बातचीत जारी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sovit Chaturvedi
Updated Tue, 17 Mar 2026 04:03 PM IST
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सार
अमेरिका-इस्राइल के साथ चल रहे संघर्ष के बीच ईरान फुटबॉल टीम का इस साल होने वाले फीफा विश्व कप में खेलना संदिग्ध है। ईरान अपने मुकाबले अमेरिका के बजाए मैक्सिको में कराने को लेकर फीफा से बात कर रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप और इंफेंटिनो
- फोटो : PTI
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विस्तार
ईरान का फीफा विश्व कप 2026 में हिस्सा लेना मुश्किल नजर आ रहा है। ईरान का फुटबॉल महासंघ बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के कारण अमेरिका में होने वाले अपने मैचों को मैक्सिको में शिफ्ट करने के लिए फीफा से बातचीत कर रहा है। ईरानी फुटबॉल प्रेसिडेंट मेहदी ताज ने इस बात की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा आश्वासन एक बड़ा मुद्दा है।
ताज ने मैक्सिको में ईरानी दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' से शेयर किए गए एक पोस्ट में कहा, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरानी राष्ट्रीय टीम की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो हम निश्चित रूप से अमेरिका नहीं जाएंगे। हम ईरान के विश्व कप मैच मैक्सिको में कराने के लिए फीफा से बातचीत कर रहे हैं।
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ताज ने मैक्सिको में ईरानी दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' से शेयर किए गए एक पोस्ट में कहा, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरानी राष्ट्रीय टीम की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो हम निश्चित रूप से अमेरिका नहीं जाएंगे। हम ईरान के विश्व कप मैच मैक्सिको में कराने के लिए फीफा से बातचीत कर रहे हैं।
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अमेरिका-इस्राइल से चल रहा है तनाव
ये चिंताएं ईरान पर अमेरिका-इस्राइल के हवाई हमलों के बाद चल रहे संघर्ष से पैदा हुई हैं, जो फरवरी के आखिर में शुरू हुए थे। इन हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है। ईरान के खेल मंत्री ने पहले स्थिति की गंभीरता का संकेत देते हुए कहा था कि राष्ट्रीय टीम शायद प्लान के मुताबिक टूर्नामेंट में हिस्सा न ले पाए। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान को हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उन्होंने इस मामले की गंभीरता को भी समझा। उन्होंने कहा कि टीम का स्वागत है पर साथ ही यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए अमेरिका में खेलना उनके लिए सही नहीं होगा।
ये चिंताएं ईरान पर अमेरिका-इस्राइल के हवाई हमलों के बाद चल रहे संघर्ष से पैदा हुई हैं, जो फरवरी के आखिर में शुरू हुए थे। इन हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है। ईरान के खेल मंत्री ने पहले स्थिति की गंभीरता का संकेत देते हुए कहा था कि राष्ट्रीय टीम शायद प्लान के मुताबिक टूर्नामेंट में हिस्सा न ले पाए। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान को हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उन्होंने इस मामले की गंभीरता को भी समझा। उन्होंने कहा कि टीम का स्वागत है पर साथ ही यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए अमेरिका में खेलना उनके लिए सही नहीं होगा।
ईरान ने आसानी से किया था क्वालिफाई
ईरान ने अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की सह-मेजबानी वाले 48 टीमों के इस बड़े टूर्नामेंट के लिए आसानी से क्वालिफाई कर लिया था। 25 मार्च 2025 को ईरान विश्व कप में अपनी जगह पक्की करने वाली पहली एशियन टीम बना था। मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक उसे लॉस एंजिलिस में दो ग्रुप मैच और सिएटल में एक मैच खेलना है। हालांकि, दिन-प्रतिदिन बिगड़ते हालातों को देखते हुए ईरान की अचानक टूर्नामेंट से हटने की संभावना काफी बढ़ गई है। ईरान अगर टूर्नामेंट से अपना नाम वापस लेता है तो फीफा को आखिरी समय में रिप्लेसमेंट का फैसला लेना पड़ सकता है। हालांकि, एशियाई फुटबॉल परिसंघ का कहना है कि ईरान के टूर्नामेंट से हटने की अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। ईरानी महासंघ ने हिस्सा लेने के अपने इरादे की पुष्टि की है, लेकिन तेजी से बदलते हालात उनके आखिरी फैसले को लेकर अभी भी अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं।
ईरान ने अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की सह-मेजबानी वाले 48 टीमों के इस बड़े टूर्नामेंट के लिए आसानी से क्वालिफाई कर लिया था। 25 मार्च 2025 को ईरान विश्व कप में अपनी जगह पक्की करने वाली पहली एशियन टीम बना था। मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक उसे लॉस एंजिलिस में दो ग्रुप मैच और सिएटल में एक मैच खेलना है। हालांकि, दिन-प्रतिदिन बिगड़ते हालातों को देखते हुए ईरान की अचानक टूर्नामेंट से हटने की संभावना काफी बढ़ गई है। ईरान अगर टूर्नामेंट से अपना नाम वापस लेता है तो फीफा को आखिरी समय में रिप्लेसमेंट का फैसला लेना पड़ सकता है। हालांकि, एशियाई फुटबॉल परिसंघ का कहना है कि ईरान के टूर्नामेंट से हटने की अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। ईरानी महासंघ ने हिस्सा लेने के अपने इरादे की पुष्टि की है, लेकिन तेजी से बदलते हालात उनके आखिरी फैसले को लेकर अभी भी अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं।