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FIFA World Cup: बेल्जियम से मुकाबले से पहले क्यों भड़के ईरानी कोच? अमेरिका पर लगाया अन्याय और भेदभाव का आरोप

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लॉस एंजिल्स Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 21 Jun 2026 04:23 PM IST
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सार

फीफा वर्ल्ड कप में बेल्जियम के खिलाफ मैच से पहले ईरान के कोच आमिर गलेनोई ने मेजबान अमेरिका पर भेदभाव, वीजा रिजेक्शन और कड़े यात्रा प्रतिबंध लगाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

FIFA World Cup: Iran Coach Amir Ghalenoei Accuses Host US of Unfair Treatment Ahead of Belgium Match
ईरान फुटबॉल टीम - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

फीफा वर्ल्ड कप में बेल्जियम के खिलाफ अपने दूसरे मैच से ठीक पहले ईरान के मुख्य कोच आमिर गलेनोई ने मेजबान देश अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोच का कहना है कि यात्रा प्रतिबंधों और वीजा देने से इनकार कर अमेरिकी प्रशासन उनकी टीम के साथ लगातार अनुचित व्यवहार कर रहा है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि फीफा अगले हफ्ते तक अमेरिकियों को इन कड़े नियमों में ढील देने के लिए मना लेगा।



कोच गलेनोई ने कहा "मुझे बहुत खुशी है कि ईरानी देश हमारे पीछे खड़ा है। हमारे देश के जो शहीद हैं, हम उनके लिए खेलते हैं। लेकिन मैं जानता हूं कि इस तरह के व्यवहार ने हमारे लोगों को ठेस पहुंचाई है। अगर हम अरबों डॉलर भी खर्च कर दें, तो भी हम अपने लोगों को न्याय नहीं दिला पाएंगे। यह सिर्फ यह दिखाता है कि हम एक उत्पीड़ित देश हैं। इसके बावजूद, मुझे उम्मीद है कि हम शांति हासिल करेंगे और उम्मीद है कि वर्ल्ड कप में इस तरह का व्यवहार संस्थागत  नहीं होगा।"

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ट्रेनिंग में आई बाधा और बेल्जियम की चुनौती
ईरान की टीम रविवार को बेल्जियम के खिलाफ होने वाले अपने दूसरे मैच के लिए शनिवार को लॉस एंजिल्स क्षेत्र में लौट आई। फीफा रैंकिंग में 10वें नंबर की मजबूत टीम बेल्जियम के खिलाफ इस मुश्किल मुकाबले से पहले घलेनोइ को अपनी टीम की ट्रेनिंग बीच में ही रोकनी पड़ी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को यात्रा करने के उनके अनुरोध को खारिज कर दिया गया था।

कोच ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा "हमें लॉस एंजिल्स में 24 घंटे की जरूरत थी, लेकिन उन्होंने हमें 16 घंटे से भी कम का समय दिया। इसी वजह से हमें अपनी ट्रेनिंग आधी ही छोड़कर आना पड़ा। इन पाबंदियों ने हमारे लिए चीजें बहुत मुश्किल कर दी हैं।"


अन्य 47 कोचों से की आवाज उठाने की अपील
घलेनोइ ने वर्ल्ड कप के अन्य देशों के कोचों से भी ईरानी टीम के साथ हो रहे इस व्यवहार के खिलाफ खुलकर बोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैंने अन्य 47 कोचों से एक सवाल पूछा है, लेकिन किसी ने भी मुझे जवाब नहीं दिया। हम यहां फुटबॉल के लिए हैं, राजनीति के लिए नहीं और हम यह बात दोबारा कह रहे हैं। हमारी शिकायत सिर्फ उस तरीके से है जैसा व्यवहार उन्होंने हमारे साथ किया है। मुझे अन्य कोचों से कुछ सुनने को नहीं मिला है और मुझे यकीन है कि वे व्यस्त हैं और अपनी टीमों की तैयारी कर रहे हैं, हम उनसे किसी प्रतिक्रिया की उम्मीद भी नहीं करते। लेकिन अगर मैंने किसी और टीम के साथ ऐसा व्यवहार होते देखा होता, तो मैं जरूर कुछ कहता।

क्यों लगे हैं ईरान की टीम पर इतने कड़े प्रतिबंध?
ईरानी टीम इस समय अमेरिका द्वारा तय किए गए कड़े यात्रा प्रतिबंधों के तहत काम कर रही है, जो 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा शुरू किए गए युद्ध के बाद लगाए गए थे। 'टीम मेली' (ईरान टीम) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने मैच के ठीक एक दिन पहले अमेरिका के लिए उड़ान भरें और मैच खत्म होने के तुरंत बाद टिजुआना (मेक्सिको) स्थित अपने ट्रेनिंग बेस पर वापस लौट जाएं।

हालांकि अन्य टीमें स्वेच्छा से इतने कम समय में यात्रा करती हैं और इसे भारी नहीं मानतीं, लेकिन घलेनोइ इस व्यवस्था से खुश नहीं हैं। मेक्सिको से एक छोटी उड़ान के बाद ईरानी टीम ने शनिवार दोपहर को ला गैलेक्सी के घरेलू स्टेडियम में अभ्यास किया। ईरान के मिडफील्डर सईद एजतोलाही ने भी इस पर दुख जताते हुए कहा कि आप इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि हमारी स्थिति बाकी टीमों जैसी नहीं रही है। अन्य सभी टीमें अपनी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने में सफल रही हैं, जबकि हमें अपना बहुत सारा समय सिर्फ यात्रा (कम्यूटिंग) में बिताना पड़ा है।

बेल्जियम के खिलाड़ी ने जताई सहानुभूति
दूसरी ओर, बेल्जियम के राइट बैक थॉमस मेनियर ने ईरान की इस परिस्थिति पर सहानुभूति व्यक्त की। इस घटना ने उन्हें रूसी आक्रमण के बाद यूक्रेन का सामना करने की याद दिला दी। मेनियर ने कहा कि हम आमतौर पर फुटबॉल को राजनीति के साथ नहीं मिलाते हैं, लेकिन यह सच है कि दोनों को अलग करना काफी चुनौतीपूर्ण है। मेरी राय में, यह मुश्किल समय ईरानी टीम को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। जब हम नेशंस लीग में यूक्रेन के खिलाफ खेले थे, तो उनमें प्रेरणा और ऊर्जा बहुत अधिक थी। वे अपने लोगों को गौरवान्वित करना चाहते हैं और अपने देश की रक्षा करना चाहते हैं। हमारे लिए यह एक अतिरिक्त चुनौती है। मैं कल्पना कर सकता हूं कि कुछ ईरानी खिलाड़ियों के परिवार इस युद्ध से सीधे प्रभावित हुए हैं, और हम जाहिर तौर पर इन लोगों के लिए महसूस करते हैं।

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