{"_id":"696f29949df981b2d207e53d","slug":"ukraine-oleksandra-oliynykova-proud-janice-tjen-1st-indonesian-casper-ruud-to-walk-away-from-australian-open-2026-01-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Australian Open: टूर्नामेंट से नाम वापस लेंगे कैस्पर रूड? ऐसा करने वाली 28 साल में पहली इंडोनेशियाई बनीं जैनिस","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Australian Open: टूर्नामेंट से नाम वापस लेंगे कैस्पर रूड? ऐसा करने वाली 28 साल में पहली इंडोनेशियाई बनीं जैनिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 20 Jan 2026 12:37 PM IST
विज्ञापन
सार
ऑस्ट्रेलियन ओपन के एक ही दिन विश्व टेनिस ने तीन अनोखे पल देखे। इंडोनेशिया की जैनिस त्जेन ने इतिहास रचते हुए 28 साल बाद जीत दर्ज की, यूक्रेन की ओलेक्सांद्रा ओलिन्यकोवा हार के बावजूद अपने सैनिक पिता को गर्व महसूस कराने के लिए मुस्कुराती रहीं, जबकि नॉर्वे के कैस्पर रूड अपने तीसरे राउंड में पहुंचने के बावजूद हर पल घर से आने वाली डिलीवरी कॉल का इंतजार करते दिखे।
जैनिस, यूक्रेन की ओलिन्यकोवा और कैस्पर रूट पत्नी के साथ
- फोटो : Instagram
विज्ञापन
विस्तार
इंडोनेशिया की युवा टेनिस खिलाड़ी जैनिस त्जेन ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में मंगलवार को एक ऐसा उपलब्धि हासिल किया, जिसका इंतज़ार 1998 से था। त्जेन ने कनाडा की 22वीं वरीयता प्राप्त लेला फर्नांडीज को सीधे सेटों में 6-2, 7-6(7/1) से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। 23 वर्षीय त्जेन इस जीत के साथ 28 साल बाद पहली इंडोनेशियाई खिलाड़ी बन गईं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन में मुख्य ड्रॉ मैच जीता। इससे पहले यह उपलब्धि यायुक बासुकी ने 1998 में हासिल की थी।
पिछले साल 413 रैंक की खिलाड़ी अब विश्व नंबर 59 पर पहुंच चुकी हैं। 2025 उनके करियर के लिए ब्रेकथ्रू सीजन साबित हुआ, जहां उन्होंने:
Trending Videos
पिछले साल 413 रैंक की खिलाड़ी अब विश्व नंबर 59 पर पहुंच चुकी हैं। 2025 उनके करियर के लिए ब्रेकथ्रू सीजन साबित हुआ, जहां उन्होंने:
- यूएस ओपन में वेरोनिका कुदेरमेतोवा को हराया
- WTA Chennai टाइटल जीता (2002 के बाद पहली इंडोनेशियाई विजेता)
- उनकी यह जीत दक्षिण-पूर्व एशिया के टेनिस फैंस के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आई है।
यूक्रेन की ओलिन्यकोवा और साहस की कहानी
दूसरी ओर, यूक्रेन की ओलेक्सांद्रा ओलिन्यकोवा ने भले ही डिफेंडिंग चैंपियन मैडिसन कीज़ से 7-6(8/6), 6-1 से हार झेली, लेकिन उनका साहस पूरे एरेना को भावुक कर गया। 25 वर्षीय ओलिन्यकोवा ने कहा, 'यह मेरे करियर का सबसे अच्छा अनुभव है। इसे मैं जिंदगी भर याद रखूंगी।' ओलिन्यकोवा ने यूएस ओपन से पहले अपनी ट्रेनिंग कीव में ही जारी रखी, जबकि शहर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में रहा। उन्होंने साझा किया, 'एक विस्फोट मेरे घर के पास हुआ। ड्रोन मेरे सामने वाली बिल्डिंग से टकराया। मेरा अपार्टमेंट धमाके से हिल रहा था।'
उनके पिता यूक्रेनी सेना में तैनात हैं। हार के बाद भी वह मुस्कुराती रहीं और बोलीं, 'मुझे पता है कि यह उनका सपना था मुझे इस कोर्ट पर खेलने का। मैंने उनका सपना पूरा किया। अब मैं उन्हें और ज्यादा गर्व महसूस कराना चाहती हूं।' यह मैच सिर्फ टेनिस नहीं, बल्कि युद्धकाल में मानवीय दृढ़ता की कहानी था।
दूसरी ओर, यूक्रेन की ओलेक्सांद्रा ओलिन्यकोवा ने भले ही डिफेंडिंग चैंपियन मैडिसन कीज़ से 7-6(8/6), 6-1 से हार झेली, लेकिन उनका साहस पूरे एरेना को भावुक कर गया। 25 वर्षीय ओलिन्यकोवा ने कहा, 'यह मेरे करियर का सबसे अच्छा अनुभव है। इसे मैं जिंदगी भर याद रखूंगी।' ओलिन्यकोवा ने यूएस ओपन से पहले अपनी ट्रेनिंग कीव में ही जारी रखी, जबकि शहर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में रहा। उन्होंने साझा किया, 'एक विस्फोट मेरे घर के पास हुआ। ड्रोन मेरे सामने वाली बिल्डिंग से टकराया। मेरा अपार्टमेंट धमाके से हिल रहा था।'
उनके पिता यूक्रेनी सेना में तैनात हैं। हार के बाद भी वह मुस्कुराती रहीं और बोलीं, 'मुझे पता है कि यह उनका सपना था मुझे इस कोर्ट पर खेलने का। मैंने उनका सपना पूरा किया। अब मैं उन्हें और ज्यादा गर्व महसूस कराना चाहती हूं।' यह मैच सिर्फ टेनिस नहीं, बल्कि युद्धकाल में मानवीय दृढ़ता की कहानी था।
विज्ञापन
विज्ञापन
कैस्पर रूड टूर्नामेंट से हट सकते हैं
दूसरी ओर नॉर्वे के कैस्पर रूड ऑस्ट्रेलियन ओपन में दूसरे दौर में पहुंच चुके हैं, लेकिन उनका मन पूरी तरह कोर्ट पर नहीं है। रूड जल्द ही पिता बनने वाले हैं और उनकी पत्नी मारिया किसी भी समय डिलीवरी पर जा सकती हैं। रूड ने कहा, 'मुझे मारिया का शुक्रिया करना होगा कि उन्होंने मुझे आने दिया। मेरे फोन की रिंगर हर समय ऑन रहती है। अगर वह लेबर में गईं, तो मैं अगले दिन यहां नहीं रहूंगा।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'जिंदगी में सिर्फ टेनिस ही सब कुछ नहीं है। मैं यहां तब तक रहूंगा, जब तक मारिया चाहेंगी।' टेनिस में प्रोफेशनलिज्म और निजी जीवन के बीच संतुलन का यह एक मानवीय उदाहरण है। एक तरफ त्जेन ने इतिहास रचा, दूसरी तरफ ओलिन्यकोवा ने साहस दिखाया, और रूड ने साबित किया कि खिलाड़ी भी इंसान हैं।
दूसरी ओर नॉर्वे के कैस्पर रूड ऑस्ट्रेलियन ओपन में दूसरे दौर में पहुंच चुके हैं, लेकिन उनका मन पूरी तरह कोर्ट पर नहीं है। रूड जल्द ही पिता बनने वाले हैं और उनकी पत्नी मारिया किसी भी समय डिलीवरी पर जा सकती हैं। रूड ने कहा, 'मुझे मारिया का शुक्रिया करना होगा कि उन्होंने मुझे आने दिया। मेरे फोन की रिंगर हर समय ऑन रहती है। अगर वह लेबर में गईं, तो मैं अगले दिन यहां नहीं रहूंगा।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'जिंदगी में सिर्फ टेनिस ही सब कुछ नहीं है। मैं यहां तब तक रहूंगा, जब तक मारिया चाहेंगी।' टेनिस में प्रोफेशनलिज्म और निजी जीवन के बीच संतुलन का यह एक मानवीय उदाहरण है। एक तरफ त्जेन ने इतिहास रचा, दूसरी तरफ ओलिन्यकोवा ने साहस दिखाया, और रूड ने साबित किया कि खिलाड़ी भी इंसान हैं।