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Sports Budget: एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ खेल के कारण बढ़ेगा बजट? जानिए पिछली बार खेलों को मिली थी कितनी राशि
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sat, 31 Jan 2026 04:20 PM IST
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सार
केंद्रीय वित्त मंत्री रविवार को 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी। एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स को देखते हुए खेल बजट में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
खेल बजट 2026-27
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार यानी 1 फरवरी को 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी। इसमें खेल बजट के बढ़ने की उम्मीद है। इस साल एशियन गेम्स (19 सितंबर-4 अक्तूबर, जापान) और कॉमनवेल्थ गेम्स (23 जुलाई-2 अगस्त, ग्लासगो) का आयोजन होगा, जिसको देखते हुए बजट में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
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खेल बजट
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल हुई थी वृद्धि
पिछली बार केंद्र सरकार ने खेल बजट में 352 करोड़ रुपये की वृद्धि की थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए खेलों को 3794.30 करोड़ रुपये मिले थे, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 के 3442.32 करोड़ से 352 करोड़ ज्यादा था। पिछले साल खेल मंत्रालय को 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
पिछली बार केंद्र सरकार ने खेल बजट में 352 करोड़ रुपये की वृद्धि की थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए खेलों को 3794.30 करोड़ रुपये मिले थे, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 के 3442.32 करोड़ से 352 करोड़ ज्यादा था। पिछले साल खेल मंत्रालय को 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
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पिछली बार खेलो इंडिया को हुआ था सर्वाधिक फायदा
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में खेलो इंडिया को 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जबकि 2024-25 में खेलो इंडिया को 900 करोड़ आवंटित किए गए। इस तरह खेलो इंडिया को पिछली बार सर्वाधिक 100 करोड़ फायदा हुआ था।
- सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में खेलो इंडिया में भारी निवेश किया है क्योंकि यह कार्यक्रम देश के सभी हिस्सों से प्रतिभाओं को सामने लाने का काम करता है।
- वित्तीय वर्ष 2022-23 में खेलो इंडिया का वास्तविक आवंटन 596.39 करोड़ रुपये था। अगले साल (2023-24) के बजट में लगभग 400 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था। बाद में इसे हालांकि संशोधित कर 880 करोड़ रुपये किया गया था।
- खेलो इंडिया युवा खेलों 2018 (केआईवाईजी) की शुरुआत के बाद से सरकार ने इसमें और खेल आयोजनों को जोड़ना जारी रखा है। मंत्रालय ने उसी वर्ष खेलो इंडिया शीतकालीन खेल और 2023 में खेलो इंडिया पैरा खेलों शुरू करने के साथ 2020 में खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेलों की शुरुआत की।
- देश भर में सैकड़ों खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र (केआईएससीई) स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य प्रतिभाशाली उदीयमान खिलाड़ियों को सुविधाएं प्रदान करना है। खेलो इंडिया के कई एथलीट ओलंपिक दल में भी शामिल होते हैं। धिनिधि देसिंघु इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।
