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Apple का बड़ा फैसला: एपल का नया Siri AI इन देशों में नहीं होगा लॉन्च, करोड़ों iPhone यूजर्स को झटका

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे Published by: Suyash Pandey Updated Mon, 15 Jun 2026 07:58 PM IST
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सार

Apple Blocks Siri AI in EU and China: एपल ने अपना नया Siri AI फिलहाल यूरोप और चीन में लॉन्च न करने का बड़ा फैसला लिया है। जानिए, क्या है पूरा मामला और क्यों आईफोन यूजर्स को इस एआई फीचर के लिए फिलहाल लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

Why Apple’s Siri AI Is Not Launching in EU Countries and China
ईयू बनाम चीन - फोटो : एआई
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विस्तार

एपल और यूरोपियन यूनियन (ईयू) के बीच विवाद का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इस बार विवाद के केंद्र में है एपल का नया सिरी एआई, जिसे हाल ही में WWDC 2026 इवेंट में पेश किया गया था।



एपल ने साफ कर दिया है कि उसका यह नया और पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट वॉयस असिस्टेंट फिलहाल चीन और यूरोप (ईयू) के देशों में लॉन्च नहीं होगा। आइए जानते हैं आखिर एपल ने इन देशों में अपना एडवांस सिरी क्यों नहीं लॉन्च किया?

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चीन में क्यों अटका सिरी एआई?

चीन की बात करें तो वहां मामला पूरी तरह से कानूनी नियमों का है। एपल को चीन में अपनी एआई सर्विस देने के लिए एक स्थानीय एआई पार्टनर के साथ मिलकर काम करना होगा। कंपनी फिलहाल इस पर काम कर रही है, ताकि इसे चीन के सख्त नियमों के दायरे में रहकर लॉन्च किया जा सके।

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यूरोप के आईफोन यूजर्स को क्यों करना पड़ेगा इंतजार?

यूरोप में मामला थोड़ा ज्यादा पेचीदा है। यहां एपल और यूरोप की सरकार आमने-सामने हैं। एपल ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि यूरोप के डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) नाम के कड़े कानून की वजह से, वे आने वाले आईओएस 27 और आईपैडओएस 27 अपडेट के साथ सिरी एआई को यूरोप में नहीं दे पाएंगे। कंपनी का आरोप है कि पिछले कई महीनों से उन्होंने यूरोपियन रेगुलेटर्स को कई समाधान सुझाए, लेकिन उन्होंने एपल की एक नहीं सुनी।


यह रोक सिर्फ आईफोन और आईपैड के लिए है। यूरोप के लोग अभी भी अपने मैक कंप्यूटर या विजन प्रो हेडसेट पर नए अपडेट के साथ सिरी एआई का इस्तेमाल कर सकेंगे, क्योंकि ये डिवाइस इस नियम के दायरे में अलग तरह से आते हैं।


एपल बनाम ईयू

इस पूरे झगड़े की जड़ यूरोप का DMA कानून है। इस कानून के तहत:

  • ईयू की मांग: यूरोप के टेक नियम कहते हैं कि एपल को अपने सिरी एआई का एक्सेस प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को भी देना होगा।
  • एपल की चिंता: एपल इसके सख्त खिलाफ है। कंपनी का कहना है कि अगर वे सिरी एआई का एक्सेस दूसरों को देंगे, तो यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। इसमें यूजर्स के मैसेज पढ़ना, ऑनलाइन पेमेंट करना और पर्सनल फाइल एक्सेस करना जैसी चीजें शामिल हैं।

एपल का साफ कहना है कि जब तक यूजर्स की सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक यूरोप के आईफोन और आईपैड यूजर्स के लिए सिरी एआई का कोई टाइमलाइन नहीं है।


इस पर यूरोपियन यूनियन (ईयू) का क्या जवाब है?

ईयू के रेगुलेटर्स एपल के इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि एपल ने बीच का कोई रास्ता निकालने की कोशिश ही नहीं की। ईयू के प्रवक्ता थॉमस रेग्नियर ने कहा, "एपल ने नियमों के हिसाब से काम करने का कोई तरीका खोजने के बजाय, सीधे यूरोपियन कमिशन से 18 महीने तक इन नियमों से छूट मांग ली।"



इस पूरी कानूनी लड़ाई में सबसे बड़ा नुकसान आम यूजर्स का हो रहा है। एपल अपनी सुरक्षा और प्राइवेसी की नीतियों से समझौता नहीं करना चाहता और यूरोपियन यूनियन अपने बनाए कानून पर अड़ा है। ऐसे में यूरोप में रहने वाले आईफोन यूजर्स को इस शानदार एआई फीचर के लिए एक लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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