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Meta Alert: असली जैसा दिखने वाला नकली व्हाट्सएप चुरा रहा है आपका डाटा; मेटा ने जारी की चेतावनी, ऐसे बचें आप

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Thu, 02 Apr 2026 05:33 PM IST
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सार

WhatsApp Fake App Spyware Italy: अगर आप भी आधिकारिक एप स्टोर के बजाय किसी अंजान लिंक या थर्ड पार्टी वेबसाइट से व्हाट्सएप डाउनलोड करते हैं, तो सावधान हो जाइए। क्योंकि  इटली में लगभग 200 यूजर्स एक ऐसे खतरनाक स्पाईवेयर का शिकार हुए हैं, जो उनके फोन कॉल्स रिकॉर्ड करने से लेकर कैमरा तक कंट्रोल कर सकता था। मेटा ने अब इन प्रभावित यूजर्स को लॉगआउट कर कड़ा अलर्ट जारी किया है।
 

WhatsApp Spyware Scam: Meta Warns Users Against Fake App Built Surveillance Firm
WhatsApp - फोटो : Adobe stock
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विस्तार

Meta warning for malicious WhatsApp: मेटा की सुरक्षा टीम ने इटली में एक सोशल इंजीनियरिंग अटैक का पर्दाफाश किया है, जिसमें यूजर्स को एक मॉडिफाइड (नकली) व्हाट्सएप डाउनलोड करने के लिए लालच दिया गया। इस फर्जी एप के पीछे इटली की सर्विलांस कंपनी एसआईओ और उनके कुछ सहयोगियों का हाथ बताया जा रहा है। यह मैलवेयर इतना ताकतवर है कि यह यूजर के फोन का माइक्रोफोन और कैमरा रिमोटली ऑन कर सकता है। मेटा अब इस स्पाईवेयर कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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 WhatsApp security alert 2026: कैसे बुना गया नकली एप का जाल?

1. सोशल इंजीनियरिंग और फर्जी डाउनलोड
हमलावरों ने यूजर्स को सीधा निशाना बनाने के बजाय सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लिया। इसमें यूजर्स को पहले विश्वास दिलाया गया कि वे व्हाट्सएप का एक बेहतर या खास वर्जन डाउनलोड कर रहे हैं। यह एप गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर पर उपलब्ध नहीं था, बल्कि इसे थर्ड-पार्टी लिंक के जरिए फैलाया गया। जैसे ही यूजर्स ने इसे इंस्टॉल किया, हमलावरों को उनके फोन का पूरा एक्सेस मिल गया।
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2. ASIGINT और Spyrtacus स्पाईवेयर का खतरा
इस जाल के पीछे ASIGINT नामक कंपनी का नाम आया है, जो सरकारों के लिए इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर बनाती है। रिपोर्ट के अनुसार, इस नकली एप में स्पार्टाकस (Spartacus)नाम का स्पाईवेयर छिपा था। यह स्पाईवेयर फोन कॉल्स को बीच में सुन सकता है, बिना बताए माइक्रोफोन चालू कर सकता है और गैलरी के फोटो-वीडियो तक पहुंच सकता है। पिछले साल भी इसी स्पाईवेयर ने कई एंड्रॉइड डिवाइसों को निशाना बनाया था, जहां यह फेक कस्टमर सपोर्ट टूल बनकर डेटा चोरी कर रहा था।

3. मेटा की सख्त कार्रवाई
मेटा ने प्रभावित 200 यूजर्स की पहचान कर उन्हें तुरंत सुरक्षित करने के लिए लॉगआउट कर दिया है। व्हाट्सएप की स्पोक्सपर्सन मार्गरिटा फ्रैंकलिन ने साफ कहा है कि उनकी प्राथमिकता उन यूजर्स की प्राइवेसी बचाना है जिन्हें धोखा दिया गया। कंपनी ने इस स्पाईवेयर कंपनी को कानूनी नोटिस भेजने का फैसला किया है ताकि भविष्य में ऐसे मैलेशियल क्लाइंट्स पर लगाम लगाई जा सके।

How to identify fake WhatsApp app: खतरों से कैसे बचें?
  • ऑफिशियल स्टोर ही चुनें: कभी भी व्हाट्सएप या कोई अन्य एप एपीके लिंक या अननोन वेबसाइट से डाउनलोड न करें। हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोरस का उपयोग करें।
  • परमिशन चेक करें: अगर कोई साधारण एप आपसे कैमरा या माइक्रोफोन की अनावश्यक परमिशन मांगे, तो सावधान हो जाएं।
  • अज्ञात लिंक से बचें: व्हाट्सएप  का नया गोल्ड वर्जन या एक्स्ट्रा फीचर्स वाला व्हाट्सएप जैसे लुभावने मैसेज वाले लिंक पर क्लिक न करें।
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