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AI Security: टेक दिग्गजों को सता रहा साइबर सुरक्षा का खतरा, 100 से अधिक कंपनियों ने मिलाया हाथ, क्या है वजह?

Sat, 29 Aug 2026 09:41 AM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Sat, 29 Aug 2026 09:41 AM IST
सार

दुनिया की 100 से अधिक टेक कंपनियां एआई-आधारित साइबर हमलों के खिलाफ एक साथ आई हैं। ओपनएआई के अनुसार, आने वाले महीनों में ये हमले बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। तो क्या कंपनियां और सरकारें इस नए खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं? आइए जानते है इस लेख में विस्तार से...
 

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100 Tech Companies Unite Against Rising AI Cyber Threats, OpenAI Calls Urgent Action
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

एक तरफ एआई जहां तकनीक की दुनिया में तेजी से बदलाव कर रहा है, दूसरी तरफ अब इसके गलत इस्तेमाल को लेकर साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स और टेक कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। ओपनएआई की ओर से जारी एक्शन ऑन साइबर डिफेंस ओपन लेटर के तहत दुनिया की 100 से ज्यादा बड़ी टेक कंपनियां एक साथ आई हैं।
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इन कंपनियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में एआई आधारित साइबर हमले ज्यादा आम, जटिल और खतरनाक हो सकते हैं। कंपनियों का कहना है कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तैयारी और कार्रवाई का समय अब बहुत सीमित है।
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ओपनएआई के साथ कौन-सी कंपनियां शामिल हुई हैं?
इस साइबर हमले से लड़ने के लिए ओपनएआई के साथ एन्थ्रोपिक, अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस), गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों का फोकस एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर है, ताकि एआई का इस्तेमाल करने वाले संगठनों को नए तरह के साइबर खतरों से बचाया जा सके।
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कैसे मजबूत होगी सुरक्षा?
ओपनएआई की मानें तो उसने साइबर सुरक्षा में एआई के इस्तेमाल पर ही खास जोर दिया है। कंपनी का कहना है कि जिस तकनीक का इस्तेमाल साइबर हमलों को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए किया जा सकता है, उसी एआई का इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में भी किया जा सकता है। इसके लिए कंपनियों से सुरक्षा उपकरण, तकनीकी जानकारी और प्रमाणित समाधान आपस में साझा करने की अपील की गई है।

गंभीर कमजोरियों को जल्द दूर करने पर जोर
  • इसी के साथ ओपनएआई लेटर में संगठनों से अपनी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद गंभीर कमजोरियों को जल्द से जल्द दूर करने को कहा गया है। इसके साथ ही पहुंच नियंत्रण यानी एक्सेस कंट्रोल को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
  • इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि संवेदनशील सिस्टम और डेटा तक केवल अधिकृत लोगों या सिस्टम की ही पहुंच हो।

सरकारों और टेक कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी
  • ओपनएआई और अन्य कंपनियों ने साइबर सुरक्षा के लिए सिर्फ निजी कंपनियों की कोशिशों को पर्याप्त नहीं माना है। इसके लिए सरकारों, टेक कंपनियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई गई है।
  • यह सहयोग स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिए, ताकि AI आधारित साइबर खतरों से तेजी से निपटा जा सके।

साइबर सिक्योरिटी कंपनियों से एआई आधारित समाधान बनाने की अपील
  • ओपन लेटर में साइबर सुरक्षा कंपनियों से एआई आधारित सुरक्षा उपाय विकसित करने की अपील भी की गई है। यानी एआई को सिर्फ संभावित हमलावर तकनीक के तौर पर देखने के बजाय उसे साइबर डिफेंस के लिए भी इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है।
  • कंपनियों ने संगठनों से सुरक्षा को प्राथमिकता देने और बदलते साइबर खतरे के हिसाब से अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करने की अपील की है।

क्यों जरूरी है यह पहल?
  • एआई की क्षमताएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में इसके गलत इस्तेमाल से साइबर हमलों के तरीके भी ज्यादा जटिल हो सकते हैं। यही वजह है कि ओपनएआई के तहत में 100 से ज्यादा टेक कंपनियों का एक साथ आना इस खतरे की गंभीरता को दिखाता है।
  • अब कंपनियों के सामने चुनौती सिर्फ एआई को तेजी से विकसित करने की नहीं है, बल्कि एआई के दौर में साइबर सुरक्षा को भी उतनी ही तेजी से मजबूत करने की है।
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