फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   apple child safety features age based in device adult content blocking under 13 strict parental controls

एपल ने सख्त किए सेफ्टी नियम: नहीं खुलेंगी एडल्ट साइट्स, डिवाइस उम्र की पहचान कर खुद ब्लॉक करेगा अश्लील कंटेंट

Fri, 09 Oct 2026 05:53 PM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Fri, 09 Oct 2026 05:53 PM IST
सार

एपल अपने डिवाइस पर बच्चों को ऑनलाइन अश्लील और अनुचित कंटेंट से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय सख्त कर रहा है। डिवाइस खुद यूजर की उम्र के हिसाब से एडल्ट वेबसाइट, एप्स और दूसरी सामग्री पर रोक लगाएगा। 13 साल से कम उम्र के बच्चों को नई वेबसाइट खोलने से पहले माता-पिता की मंजूरी भी लेनी पड़ सकती है। जानें, स्क्रीन टाइम से लेकर वेब ब्राउजिंग तक कौन से बदलाव लागू होंगे।

विज्ञापन
apple child safety features age based in device adult content blocking under 13 strict parental controls
एपल एडल्ट कंटेंट को लेकर सख्त कर रहा है नियम। - फोटो : Apple

विस्तार

बच्चों को इंटरनेट पर मौजूद अश्लील और अनुचित कंटेंट से बचाने के लिए एप्पल अपने डिवाइस पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर रहा है। कंपनी बच्चों की उम्र के हिसाब से अकाउंट और डिवाइस पर अलग-अलग सेफ्टी सेटिंग्स लागू कर रही है। इनकी मदद से एडल्ट वेबसाइटों तक पहुंच सीमित की जा सकेगी। साथ ही, माता-पिता को बच्चों के स्क्रीन टाइम, एप्स, गेम्स और इंटरनेट इस्तेमाल पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा।
विज्ञापन


इस व्यवस्था में 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए एडल्ट कंटेंट को सीमित करने पर जोर दिया गया है। वहीं, 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कुछ अतिरिक्त सुरक्षा उपाय शामिल हैं। इनमें नई वेबसाइट खोलने से पहले माता-पिता की मंजूरी लेने वाला फीचर भी शामिल है।
विज्ञापन


उम्र के हिसाब से लागू होंगी सुरक्षा सेटिंग्स
एपल अपने चाइल्ड अकाउंट में उम्र के आधार पर सुरक्षा सेटिंग्स लागू कर रहा है। इसका मकसद बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से सही डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराना और अनुचित सामग्री से दूर रखना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन सेटिंग्स की मदद से एडल्ट वेबसाइटों को सीमित किया जा सकता है। इसके अलावा, एप्स, गेम्स और दूसरे डिजिटल कंटेंट के लिए उम्र की सीमा तय करने का विकल्प भी मिलता है। इससे माता-पिता बच्चों के डिवाइस पर उपलब्ध सामग्री को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं।

एडल्ट वेबसाइटों को ब्लॉक करने का विकल्प
एपल के ‘लिमिट एडल्ट वेबसाइट्स’ फीचर की मदद से बच्चों की वेब ब्राउजिंग के दौरान वयस्कों के लिए बनी वेबसाइटों तक पहुंच सीमित की जा सकती है। यह सुविधा खास तौर पर उन माता-पिता के लिए उपयोगी हो सकती है, जो चाहते हैं कि बच्चे इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय अनुचित सामग्री से दूर रहें।

हालांकि, कंटेंट फिल्टर हर वेबसाइट या हर तरह की सामग्री को पहचानने में पूरी तरह सफल हो, इसकी गारंटी नहीं होती। इसलिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए तकनीकी सेटिंग्स के साथ अभिभावकों की निगरानी भी जरूरी है।

13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए खास फीचर
एपल ने छोटे बच्चों की वेब ब्राउजिंग पर माता-पिता का नियंत्रण बढ़ाने के लिए ‘आस्क टू ब्राउज’ फीचर भी दिया है। इसके तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों को नई वेबसाइट खोलने से पहले माता-पिता की अनुमति लेनी पड़ सकती है।

इस सुविधा से अभिभावक यह तय कर सकेंगे कि बच्चा किस वेबसाइट पर जा सकता है। इससे बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर नजर रखना और अनजान या अनुचित वेबसाइटों तक उनकी पहुंच सीमित करना आसान हो सकता है।

संवेदनशील फोटो और वीडियो पर भी मिलेगी चेतावनी
एपल के कम्युनिकेशन सेफ्टी फीचर का मकसद बच्चों को संवेदनशील तस्वीरों और वीडियो से बचाना है। यह फीचर संवेदनशील सामग्री की पहचान होने पर चेतावनी दे सकता है और तस्वीर या वीडियो को धुंधला करके दिखा सकता है।

इसका उद्देश्य बच्चों को अचानक ऐसी सामग्री देखने से बचाना है, जो उनकी उम्र के हिसाब से उचित नहीं है। यह सुविधा बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में जागरूक करने में भी मदद कर सकती है।

स्क्रीन टाइम और एप्स पर भी रहेगा पैरेंट्स का कंट्रोल
एपल के पैरेंटल कंट्रोल के जरिए माता-पिता बच्चों के स्क्रीन टाइम, ऐप्स और गेम्स के इस्तेमाल को सीमित कर सकते हैं। इसके अलावा, उम्र के आधार पर कंटेंट की उपलब्धता को नियंत्रित करने के विकल्प भी मिलते हैं।

इन सुविधाओं से अभिभावक बच्चों के डिवाइस इस्तेमाल करने का समय तय कर सकते हैं और यह सीमित कर सकते हैं कि वे किस तरह के एप्स या कंटेंट तक पहुंचें। इससे बच्चों की डिजिटल आदतों को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा क्यों जरूरी है?
बच्चे पढ़ाई, मनोरंजन और दोस्तों से बातचीत के लिए तेजी से डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में उनके सामने उम्र के हिसाब से अनुचित सामग्री आने का जोखिम भी बना रहता है। पैरेंटल कंट्रोल और कंटेंट फिल्टर इस जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।


एपल की उम्र आधारित सुरक्षा व्यवस्था इसी दिशा में एक कदम है। हालांकि, कोई भी तकनीकी फीचर बच्चों को इंटरनेट पर मौजूद हर तरह के जोखिम से पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर सकता। इसलिए डिवाइस सेटिंग्स के साथ बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में समझाना और उनके इंटरनेट इस्तेमाल पर नजर रखना भी जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed