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Apple Pay: भारत आ रहा है एपल पे, अक्टूबर में हो सकता है लॉन्च; लेकिन शुरुआत में नहीं मिलेगा UPI का सपोर्ट
Wed, 12 Aug 2026 10:42 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Wed, 12 Aug 2026 10:42 AM IST
सार
Apple Pay के भारत में लॉन्च का इंतजार खत्म होने वाला है। iPhone यूजर्स जल्द ही शानदार टैप-एंड-पे फीचर का मजा ले सकेंगे, लेकिन एक बड़ी सर्विस की कमी शुरुआत में आपके डिजिटल पेमेंट के अनुभव को थोड़ा फीका कर सकती है। जानिए क्या है एपल की पूरी योजना।
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Apple Pay
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विस्तार
लंबे समय से भारत में एपल पे (Apple Pay) के लॉन्च की अटकलें लगाई जा रही थीं, और अब ऐसा लगता है कि यह इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। टेक इंडस्ट्री की ताजा हलचलों के मुताबिक, टेक दिग्गज एपल (Apple) इस साल अक्टूबर में अपनी बहुप्रतीक्षित पेमेंट सर्विस भारत में पेश कर सकती है। हालांकि, शुरुआत में एपल पे में भारत के सबसे लोकप्रिय और घर-घर में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल पेमेंट सिस्टम यानी यूपीआई (UPI) का सपोर्ट शायद देखने को नहीं मिलेगा।
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एपल
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बैंकों से चल रही है बातचीत
शुरुआती चरण में, एपल पे मुख्य रूप से वीजा और मास्टरकार्ड के क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर निर्भर करेगा। इसका सीधा मतलब है कि आईफोन और एपल वॉच का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक दुकानों पर एनएफसी-सक्षम (NFC) मशीनों पर सिर्फ अपना डिवाइस टैप करके आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। इस सर्विस को सुचारू रूप से शुरू करने के लिए कंपनी ने देश के बड़े निजी बैंकों जैसे एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक के साथ बातचीत को लगभग अंतिम रूप दे दिया है।
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शुरुआत में नहीं मिलेगा यूपीआई का सपोर्ट
- फोटो : Adobe Stock
शुरुआत में UPI क्यों नहीं मिलेगा?
- अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस देश में यूपीआई डिजिटल लेनदेन की रीढ़ बन चुका है, वहां एपल बिना इसके बाजार में क्यों उतर रहा है? दरअसल, इसके पीछे कुछ गहरी तकनीकी और व्यावसायिक पेचीदगियां हैं। सबसे बड़ी बाधा ऑथेंटिकेशन को लेकर है।
- एपल अपने पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए 'फेस आईडी' या 'टच आईडी' को ही सबसे अहम मानता है। दूसरी तरफ, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की पहचान संबंधी आवश्यकताएं देश के अपने बुनियादी ढांचे पर आधारित हैं। इन दोनों अलग-अलग सिक्योरिटी सिस्टम्स के बीच तकनीकी तालमेल बैठाने में अभी वक्त लग रहा है।
iPhone
- फोटो : croma
मुनाफे का मॉडल भी बना चुनौती
इसके अलावा, मुनाफे का मॉडल भी एपल के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्लोबल मार्केट में एपल पे हर ट्रांजैक्शन पर अपनी फीस वसूलता है, जो लगभग 0.15 से 0.20 फीसदी तक होता है। वहीं, भारत में यूपीआई ग्राहकों और दुकानदारों के लिए पूरी तरह से मुफ्त है। ऐसे में एपल को भारतीय बाजार के अर्थशास्त्र के हिसाब से अपनी नीतियों में बड़े समझौते करने पड़ेंगे।प्रीमियम iPhone यूजर्स पर फोकस
फिलहाल, ऐसा माना जा रहा है कि एपल की नजर अपने उन प्रीमियम आईफोन यूजर्स पर है, जो कार्ड से पेमेंट करना पसंद करते हैं। यदि कंपनी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार सितंबर में नई आईफोन सीरीज पेश करती है, तो अक्टूबर में एपल पे का लॉन्च इस रणनीति के बिल्कुल सटीक बैठेगा। भले ही शुरुआत में यूपीआई का सपोर्ट न मिले, लेकिन डिजिटल पेमेंट के दुनिया के सबसे बड़े बाजार में एपल की यह एंट्री भविष्य में कई बड़े बदलावों की नींव जरूर रखेगी।
iPhone 18 (सांकेतिक)
- फोटो : एआई जनरेटेड
iPhone 18 लॉन्च के बाद Apple Pay की एंट्री?
- एपल आमतौर पर सितंबर में अपनी नई iPhone सीरीज पेश करता है। अगर कंपनी इसी पैटर्न पर चलते हुए iPhone 18 सीरीज को सितंबर में लॉन्च करती है, तो उसके ठीक बाद अक्टूबर में एपल पे की एंट्री का समय काफी दिलचस्प होगा।
- इससे नए iPhone खरीदने वाले यूजर्स को भारत में एपल की नई पेमेंट सर्विस का फायदा मिल सकता है। हालांकि, यह फिलहाल रिपोर्ट्स पर आधारित संभावना है और एपल की ओर से कोई आधिकारिक लॉन्च डेट सामने नहीं आई है।
- काउंटरपॉइंट रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, एपल ने 2025 में भारत में करीब 1.4 करोड़ iPhone शिप किए थे। देश के कुल स्मार्टफोन बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी वॉल्यूम के आधार पर लगभग 9 फीसदी रही।