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Budget 2026: बजट में बैटरी इंडस्ट्री को बड़ी राहत का एलान, लिथियम-आयन सेल के कच्चे माल पर सीमा शुल्क माफ
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:45 PM IST
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सार
Lithium-ion Cell: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अहम फैसला लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिथियम-आयन सेल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट देने की घोषणा की।
लिथियम सेल को लेकर बड़ा एलान
- फोटो : AI
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विस्तार
बजट 2026 में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऊर्जा भंडारण क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान लिथियम-आयन सेल के निर्माण में उपयोग होने वाली चुनिंदा वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट देने का एलान किया है।
लिथियम सेल के घरेलू निर्मान को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के इस फैसले का मकसद देश में बैटरी निर्माण को सस्ता और प्रतिस्पर्धी बनाना है। इससे न सिर्फ घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की आयात पर निर्भरता भी कम होगी। लिथियम-आयन बैटरियां इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए बेहद अहम मानी जाती हैं।
लिथियम बैटरी की लागत होगी कम
सीमा शुल्क में छूट मिलने से बैटरी बनाने वाली कंपनियों की लागत घटेगी, जिसका सीधा फायदा स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इंडस्ट्री को मिलेगा। इससे भारत में स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें कम हो सकती हैं और हरित ऊर्जा को अपनाने की रफ्तार तेज होगी। बजट में की गई यह घोषणा ‘मेक इन इंडिया’ और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
यह भी पढ़ें: Budget 2026: सेमीकंडक्टर में 'मिशन 2.0' का एलान, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए खुला 40,000 करोड़ का पिटारा
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के लिए भी बड़ी घोषणा
केंद्र सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना देना चाहती है। बजट 2026 में इस क्षेत्र के लिए बड़ा एलान किया गया है। अपने भाषण में वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिटक्स घटक विनिर्माण योजना में लक्ष्य से पहले ही दोगुना निवेश हुआ है। बजट 2026 में बड़ा एलान करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना में खर्च को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
यह भी पढ़ें: किसानों के लिए लॉन्च हुआ ‘भारत विस्तार’ AI प्लेटफॉर्म, स्थानीय भाषाओं में देगा खेती की सलाह
दुर्लभ खनिजों में बढ़ेगा निवेश
इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और सेमीकंडक्टर के उत्पादन के लिए दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ मिनरल) काफी अहम हैं। फिलहाल भारत अपनी दुर्लभ खनिजों की जरुरत का एक बड़ा हिस्सा चीन से आयात करता है। इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए बजट 2026 में बड़ी घोषणा की गई है।
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लिथियम सेल के घरेलू निर्मान को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के इस फैसले का मकसद देश में बैटरी निर्माण को सस्ता और प्रतिस्पर्धी बनाना है। इससे न सिर्फ घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की आयात पर निर्भरता भी कम होगी। लिथियम-आयन बैटरियां इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए बेहद अहम मानी जाती हैं।
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लिथियम बैटरी की लागत होगी कम
सीमा शुल्क में छूट मिलने से बैटरी बनाने वाली कंपनियों की लागत घटेगी, जिसका सीधा फायदा स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इंडस्ट्री को मिलेगा। इससे भारत में स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें कम हो सकती हैं और हरित ऊर्जा को अपनाने की रफ्तार तेज होगी। बजट में की गई यह घोषणा ‘मेक इन इंडिया’ और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के लिए भी बड़ी घोषणा
केंद्र सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना देना चाहती है। बजट 2026 में इस क्षेत्र के लिए बड़ा एलान किया गया है। अपने भाषण में वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिटक्स घटक विनिर्माण योजना में लक्ष्य से पहले ही दोगुना निवेश हुआ है। बजट 2026 में बड़ा एलान करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना में खर्च को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
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दुर्लभ खनिजों में बढ़ेगा निवेश
इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और सेमीकंडक्टर के उत्पादन के लिए दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ मिनरल) काफी अहम हैं। फिलहाल भारत अपनी दुर्लभ खनिजों की जरुरत का एक बड़ा हिस्सा चीन से आयात करता है। इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए बजट 2026 में बड़ी घोषणा की गई है।
