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बजट 2026 में बड़ा दांव: चार राज्यों में बनेंगे रेयर अर्थ कॉरिडोर, चीन पर निर्भरता होगी कम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:02 PM IST
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सार
Budget 2026 में केंद्र सरकार ने दुर्लभ खनिजों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे खनन, शोध और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
दुर्लभ खनिज (सांकेतिक)
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
बजट 2026 में दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ मिनरल) को लेकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए बताया कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज संपन्न राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे।
आसान होगा दुर्लभ खनिजों का खनन
इन कॉरिडोर के जरिए न सिर्फ दुर्लभ खनिजों का खनन आसान होगा, बल्कि शोध और प्रोसेसिंग सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए जरूरी खनिजों की घरेलू आपूर्ति मजबूत की जाए।
चीन पर निर्भरता होगी कम
फिलहाल भारत अपनी जरूरत के बड़े हिस्से के लिए चीन से दुर्लभ खनिजों का आयात करता है। ऐसे में यह कदम चीन पर आयात निर्भरता कम करने और रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वर्ष नवंबर 2025 में दुर्लभ खनिजों के विकास के लिए एक विशेष योजना शुरू की थी। अब बजट 2026 में इस योजना को और मजबूत करते हुए खनिज कॉरिडोर स्थापित करने के लिए राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहयोग देने का प्रस्ताव रखा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के लिए भी बड़ी घोषणा
केंद्र सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना देना चाहती है। बजट 2026 में इस क्षेत्र के लिए बड़ा एलान किया गया है। वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिटक्स घटक विनिर्माण योजना में लक्ष्य से पहले ही दोगुना निवेश हुआ है। बजट 2026 में बड़ा एलान करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना में खर्च को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
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आसान होगा दुर्लभ खनिजों का खनन
इन कॉरिडोर के जरिए न सिर्फ दुर्लभ खनिजों का खनन आसान होगा, बल्कि शोध और प्रोसेसिंग सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए जरूरी खनिजों की घरेलू आपूर्ति मजबूत की जाए।
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चीन पर निर्भरता होगी कम
फिलहाल भारत अपनी जरूरत के बड़े हिस्से के लिए चीन से दुर्लभ खनिजों का आयात करता है। ऐसे में यह कदम चीन पर आयात निर्भरता कम करने और रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वर्ष नवंबर 2025 में दुर्लभ खनिजों के विकास के लिए एक विशेष योजना शुरू की थी। अब बजट 2026 में इस योजना को और मजबूत करते हुए खनिज कॉरिडोर स्थापित करने के लिए राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहयोग देने का प्रस्ताव रखा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के लिए भी बड़ी घोषणा
केंद्र सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना देना चाहती है। बजट 2026 में इस क्षेत्र के लिए बड़ा एलान किया गया है। वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिटक्स घटक विनिर्माण योजना में लक्ष्य से पहले ही दोगुना निवेश हुआ है। बजट 2026 में बड़ा एलान करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना में खर्च को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
