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Budget 2026: आईटी सेक्टर के लिए बजट में कई बड़े एलान, विदेशी क्लाउड कंपनियों पर 2047 तक नहीं लगेगा टैक्स
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:34 PM IST
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सार
Budget 2026 में सरकार ने विदेशी क्लाउड कंपनियों को भारत की ओर आकर्षित करने के लिए बड़ा एलान किया है। विदेशी क्लाउड कंपनियों को भारत में डेटा सेंटर लगाने पर 2047 तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है। आइए जानते हैं बजट 2026 में देश के आईटी सेक्टर के लिए क्या एलान किए गए हैं।
बजट 2026
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाने का एलान किया है। बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि जो विदेशी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर भारत के डेटा सेंटर के जरिए दुनियाभर के ग्राहकों को सेवाएं देंगे, उन्हें वर्ष 2047 तक टैक्स में पूरी छूट दी जाएगी। यानी कंपनियों को अगले 21 साल तक टैक्स नहीं भरना होगा। यह फैसला देश में डेटा सेंटर और क्लाउड में निवेश को बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस प्रस्ताव का सीधा मतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन जैसी ग्लोबल क्लाउड कंपनियों को टैक्स लाभ पाने के लिए अपनी क्लाउड सेवाएं भारतीय डेटा सेंटर से संचालित करनी होंगी और इन्हें किसी भारतीय इकाई के माध्यम से उपलब्ध कराना होगा।
सेफ हार्बर नियम होगा लागू
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी कंपनियों को भारतीय ग्राहकों को सेवाएं देने के लिए एक भारतीय रीसेलर या पार्टनर के जरिए काम करना होगा। इसके अलावा, यदि डेटा सेंटर सेवा देने वाली कंपनी उसी समूह से जुड़ी है, तो उस पर लागत का 15 प्रतिशत ‘सेफ हार्बर’ नियम लागू किया जाएगा, जो अधिकतम 2000 करोड़ रुपये तक हो सकता है।
यह भी पढ़ें: बजट 2026 में बड़ा दांव: चार राज्यों में बनेंगे रेयर अर्थ कॉरिडोर, चीन पर निर्भरता होगी कम
क्यों अहम है यह फैसला
अनुमान है कि वैश्विक डेटा सेंटर बाजार 2026 में 430 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 1.1 ट्रिलियन डॉलर का हो सकता है। इस दौरान एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे तेज ग्रोथ देखने को मिलेगी। ऐसे में 2047 तक टैक्स-न्यूट्रल क्लाउड हब के रूप में भारत को पेश करना सरकार की रणनीतिक चाल मानी जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी राहत
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव का संकेत भी दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बॉन्डेड वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट स्टोर करने वाली विदेशी कंपनियों को 2 प्रतिशत प्रॉफिट मार्जिन पर सेफ हार्बर दिया जाएगा, जिससे टैक्स करीब 0.7 प्रतिशत ही रह जाएगा।
यह भी पढ़ें: बजट में बैटरी इंडस्ट्री को बड़ी राहत का एलान, लिथियम-आयन सेल के कच्चे माल पर सीमा शुल्क माफ
भारत में तेजी से बढ़ रहा है डेटा सेंटर में निवेश
पिछले छह महीनों में भारत में डेटा सेंटर सेक्टर में जबरदस्त निवेश देखने को मिला है। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी कंपनियों के साथ-साथ टाटा ग्रुप, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी ग्रुप और ग्रीनको ग्रुप जैसी भारतीय कंपनियां भी इस क्षेत्र में उतर चुकी हैं। 2025 में डेटा सेंटर से जुड़े निवेश प्रस्ताव 75 अरब डॉलर को पार कर चुके हैं।
हाल ही में केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि फरवरी में होने वाले ग्लोबल AI समिट के दौरान AI इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर डेटा सेंटर में निवेश दोगुना होने की संभावना है।
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इस प्रस्ताव का सीधा मतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन जैसी ग्लोबल क्लाउड कंपनियों को टैक्स लाभ पाने के लिए अपनी क्लाउड सेवाएं भारतीय डेटा सेंटर से संचालित करनी होंगी और इन्हें किसी भारतीय इकाई के माध्यम से उपलब्ध कराना होगा।
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सेफ हार्बर नियम होगा लागू
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी कंपनियों को भारतीय ग्राहकों को सेवाएं देने के लिए एक भारतीय रीसेलर या पार्टनर के जरिए काम करना होगा। इसके अलावा, यदि डेटा सेंटर सेवा देने वाली कंपनी उसी समूह से जुड़ी है, तो उस पर लागत का 15 प्रतिशत ‘सेफ हार्बर’ नियम लागू किया जाएगा, जो अधिकतम 2000 करोड़ रुपये तक हो सकता है।
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क्यों अहम है यह फैसला
अनुमान है कि वैश्विक डेटा सेंटर बाजार 2026 में 430 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 1.1 ट्रिलियन डॉलर का हो सकता है। इस दौरान एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे तेज ग्रोथ देखने को मिलेगी। ऐसे में 2047 तक टैक्स-न्यूट्रल क्लाउड हब के रूप में भारत को पेश करना सरकार की रणनीतिक चाल मानी जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी राहत
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव का संकेत भी दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बॉन्डेड वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट स्टोर करने वाली विदेशी कंपनियों को 2 प्रतिशत प्रॉफिट मार्जिन पर सेफ हार्बर दिया जाएगा, जिससे टैक्स करीब 0.7 प्रतिशत ही रह जाएगा।
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भारत में तेजी से बढ़ रहा है डेटा सेंटर में निवेश
पिछले छह महीनों में भारत में डेटा सेंटर सेक्टर में जबरदस्त निवेश देखने को मिला है। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी कंपनियों के साथ-साथ टाटा ग्रुप, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी ग्रुप और ग्रीनको ग्रुप जैसी भारतीय कंपनियां भी इस क्षेत्र में उतर चुकी हैं। 2025 में डेटा सेंटर से जुड़े निवेश प्रस्ताव 75 अरब डॉलर को पार कर चुके हैं।
हाल ही में केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि फरवरी में होने वाले ग्लोबल AI समिट के दौरान AI इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर डेटा सेंटर में निवेश दोगुना होने की संभावना है।
