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NCPR Portal: बढ़ते साइबर हमलों से बचाएगा यह पोर्टल; जानें अपनी प्राइवेसी और डेटा सुरक्षित रखने की प्रक्रिया

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Wed, 25 Feb 2026 07:18 AM IST
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सार

Cyber Security Awareness Campaign: बढ़ते साइबर अपराधों के बीच आकाशवाणी ने एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) के जरिए अब कोई भी नागरिक घर बैठे हैकिंग, वित्तीय धोखाधड़ी और डीपफेक जैसे अपराधों की रिपोर्ट कर सकता है। खास बात यह है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए 'गुमनाम शिकायत की सुविधा भी दी गई है।
 

Cyber Safety Shield: Use this Govt Portal Protect Your Privacy Personal Data from Online Attack tech newsCyber
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार

आकाशवाणी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए स्मार्टफोन यूजर्स को सतर्क किया है। पोस्ट में बताया है कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही आपको हैकर्स के जाल में फंसा सकती है। इसका उद्देश्य नागरिकों को पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है।
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पोर्टल के बारे में?
ये एक आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म हैं जहां कोई भी नागरिक वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, डीपफेक या ब्लैकमेल व महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कर सकता है। इसमें खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में गुमनाम शिकायत भी की जा सकती है।
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पोर्टल की खासियत
यह पोर्टल सिर्फ शिकायत दर्ज करने का जरिया नहीं है, बल्कि अपराधियों का डेटाबेस भी है:
  1. संदिग्ध रिपॉजिटरी: यहां आप संदिग्ध फोन नंबर, ईमेल और बैंक अकाउंट चेक कर सकते हैं।
  2. रिपोर्ट सस्पेक्ट: अगर आपको किसी व्हाट्सएप नंबर या टेलीग्राम हैंडल पर शक है, तो उसे यहां रिपोर्ट कर सकते हैं।
  3. गुमनाम रिपोर्टिंग: महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों में पहचान उजागर किए बिना शिकायत संभव है।
  4. रियल-टाइम ट्रैकिंग: शिकायत दर्ज होते ही स्थानीय पुलिस को भेजी जाती है और आप ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं।
  5. लर्निंग कॉर्नर: नए तरह के फ्रॉड (जैसे डिजिटल अरेस्ट, डीपफेक) से बचने के टिप्स यहां उपलब्ध हैं।
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क्या कहते हैं आंकड़ें? 
पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधों का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ा है, जोकि काफी चिंताजनक माना जा रहा है:
  • 2024 में: कुल 23 लाख शिकायतें दर्ज हुईं (2021 की तुलना में 5 गुना ज्यादा)।
  • 2025 (जून तक): केवल 6 महीनों में 12.5 लाख मामले सामने आ चुके हैं।
  • प्रभावित राज्य: महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और दिल्ली साइबर ठगों के रडार पर सबसे ऊपर हैं।
ठगी हो जाए तो क्या करें? 
साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट ने ठगी पीड़ित होने की स्थिति में कुछ उपाय बताए हैं, जैसे:
  • वेबसाइट पर जाएं: पोर्टल आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉगिन करें।
  • कैटेगरी चुनें: रिपाेर्ट साइबर क्राइम पर क्लिक कर अपराध का प्रकार (फाइनेंसियल या अन्य) चुनें।
  • सबूत दें: स्क्रीनशॉट, ट्रांजेक्शन आईडी या कॉल रिकॉर्ड अपलोड कर सबमिट करें।
  • अगर वित्तीय धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। शुरुआती 1-2 घंटों (Golden Hour) में रिपोर्ट करने पर पैसे फ्रीज होने की संभावना बढ़ जाती है।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
एक्सपर्ट कहते हैं कि आज एआई आधारित टूल्स, डीपफेक, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और फिशिंग हमले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल के समय में जियोस्पाई जैसे इमेज-एनालिसिस टूल्स और सोशल इंंजीनियरिंग फ्रॉड ने प्राइवेसी को नया खतरा दिया है। ऐसे समय में एनसीपीआर पोर्टल सिर्फ शिकायत नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा की पहली कानूनी ढाल बन सकते हैं।
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