NCPR Portal: बढ़ते साइबर हमलों से बचाएगा यह पोर्टल; जानें अपनी प्राइवेसी और डेटा सुरक्षित रखने की प्रक्रिया
Cyber Security Awareness Campaign: बढ़ते साइबर अपराधों के बीच आकाशवाणी ने एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) के जरिए अब कोई भी नागरिक घर बैठे हैकिंग, वित्तीय धोखाधड़ी और डीपफेक जैसे अपराधों की रिपोर्ट कर सकता है। खास बात यह है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए 'गुमनाम शिकायत की सुविधा भी दी गई है।
विस्तार
पोर्टल के बारे में?
ये एक आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म हैं जहां कोई भी नागरिक वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, डीपफेक या ब्लैकमेल व महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कर सकता है। इसमें खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में गुमनाम शिकायत भी की जा सकती है।
साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल
— Akashvani आकाशवाणी (@AkashvaniAIR) February 24, 2026
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भारत सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल है जहाँ कोई भी व्यक्ति साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कर सकता है।
यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल है।
इस पोर्टल पर आप ऑनलाइन साइबर अपराध… pic.twitter.com/1iP3aMxJyH
पोर्टल की खासियत
यह पोर्टल सिर्फ शिकायत दर्ज करने का जरिया नहीं है, बल्कि अपराधियों का डेटाबेस भी है:
- संदिग्ध रिपॉजिटरी: यहां आप संदिग्ध फोन नंबर, ईमेल और बैंक अकाउंट चेक कर सकते हैं।
- रिपोर्ट सस्पेक्ट: अगर आपको किसी व्हाट्सएप नंबर या टेलीग्राम हैंडल पर शक है, तो उसे यहां रिपोर्ट कर सकते हैं।
- गुमनाम रिपोर्टिंग: महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों में पहचान उजागर किए बिना शिकायत संभव है।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग: शिकायत दर्ज होते ही स्थानीय पुलिस को भेजी जाती है और आप ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं।
- लर्निंग कॉर्नर: नए तरह के फ्रॉड (जैसे डिजिटल अरेस्ट, डीपफेक) से बचने के टिप्स यहां उपलब्ध हैं।
क्या कहते हैं आंकड़ें?
पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधों का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ा है, जोकि काफी चिंताजनक माना जा रहा है:
- 2024 में: कुल 23 लाख शिकायतें दर्ज हुईं (2021 की तुलना में 5 गुना ज्यादा)।
- 2025 (जून तक): केवल 6 महीनों में 12.5 लाख मामले सामने आ चुके हैं।
- प्रभावित राज्य: महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और दिल्ली साइबर ठगों के रडार पर सबसे ऊपर हैं।
साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट ने ठगी पीड़ित होने की स्थिति में कुछ उपाय बताए हैं, जैसे:
- वेबसाइट पर जाएं: पोर्टल आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉगिन करें।
- कैटेगरी चुनें: रिपाेर्ट साइबर क्राइम पर क्लिक कर अपराध का प्रकार (फाइनेंसियल या अन्य) चुनें।
- सबूत दें: स्क्रीनशॉट, ट्रांजेक्शन आईडी या कॉल रिकॉर्ड अपलोड कर सबमिट करें।
- अगर वित्तीय धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। शुरुआती 1-2 घंटों (Golden Hour) में रिपोर्ट करने पर पैसे फ्रीज होने की संभावना बढ़ जाती है।
एक्सपर्ट कहते हैं कि आज एआई आधारित टूल्स, डीपफेक, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और फिशिंग हमले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल के समय में जियोस्पाई जैसे इमेज-एनालिसिस टूल्स और सोशल इंंजीनियरिंग फ्रॉड ने प्राइवेसी को नया खतरा दिया है। ऐसे समय में एनसीपीआर पोर्टल सिर्फ शिकायत नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा की पहली कानूनी ढाल बन सकते हैं।