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Alert: क्या आपके पास भी आया है लॉकडाउन का नोटिस? खोलते ही खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट! बिल्कुल भी न करें ये काम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Wed, 20 May 2026 03:47 PM IST
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सार
Fake Lockdown Notice PDF: क्या फिर लगने वाला है लॉकडाउन? सोशल मीडिया पर वायरल हो रही WAR LOCKDOWN NOTICE.pdf और Emergency Lockdown Order जैसी फाइलों को लेकर साइबर एक्सपर्ट्स ने अलर्ट जारी किया है। आखिर ये फाइलें कैसे लोगों के फोन और बैंक डिटेल्स तक पहुंच बना लेती हैं और इनसे किस तरह का स्कैम किया जाता है? जानिए पूरा मामला...
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
War Lockdown Notice Malware: दुनिया भर में वायरस के खतरों और जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच भारत में लॉकडाउन को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें तेज हो गई हैं। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर फेक PDF और मैसेज वायरल हो रहे हैं। ऐसे में साइबर एक्सपर्ट्स ने चेतावनी जारी की है अगर किसी के फोन पर ऐसे WAR LOCKDOWN NOTICE.pdf जैसे पीडीएफ या इससे संबंधित कुछ भी आता है, तो उसे बिल्कुल भी डाउनलोड न करें।
एक्सपर्ट्स के अनुसार हाल ही में प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मोदी ने वर्क फ्रॉम होम संस्कृति और ईंधन बचाने की जरूरत पर जोर दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक मैसेज वायरल हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि पीएम के इस बयान के बाद स्कैमर्स एक्टिव हो गए हैं और वो इन संदेशों के साथ फेक सरकारी नोटिस और पीडीएफ फाइल शेयर करके लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
यह नया साइबर स्कैम कैसे काम कर रहा है ?
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्कैमर्स सरकारी आदेश जैसे दिखने वाले नकली PDF तैयार कर रहे हैं। इनमें फर्जी सरकारी भाषा, नकली आदेश और सरकारी प्रतीकों जैसी तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि वे असली लगें। इसके बाद यूजर के पीडीएफ डाउनलोड करते या एम्बेडेड लिंक पर क्लिक करते ही जैसे फाइल ओपन होगी, वैसे ही डिवाइस मैलवेयर या फिशिंग अटैक का शिकार हो सकता है।
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बैंक डिटेल्स और OTP तक पहुंचने की कोशिश
कई मामलों में देखा गया है कि इस पीडीएफ के जरिए स्कैमर्स यूजर्स को फेक वेबसाइट्स पर भेज देते हैं। जहां उनसे बैंक डिटेल्स, OTP, कार्ड जानकारी या पर्सनल डेटा मांगा जाता है। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि आजकल ऑनलाइन फ्रॉड पहले से ज्यादा एडवांस और खतरनाक हो चुके हैं। अब साइबर ठग सिर्फ फेक SMS तक सीमित नहीं हैं। वे लोगों की भावनाओं और डर का फायदा उठा रहे हैं।
कोविड लॉकडाउन की पुरानी यादों की वजह से ऐसे मैसेज बहुत तेजी से वायरल हो जाते हैं। कई केस में लोगों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने, बैंक फ्रॉड होने, निजी डेटा चोरी हाेने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इतना ही नहीं वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराकर पैसे तक ट्रांसफर करवाए गए है।
PDF हमेशा सुरक्षित नहीं होती
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर PDF खतरनाक नहीं होती, लेकिन कई फाइलों में संदिग्ध लिंक, हिडन स्क्रिप्ट और मैलवेयर कोड छिपे हो सकते हैं। अगर फोन अपडेट नहीं है, तो यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सुरक्षा के लिए क्या करें यूजर्स?
ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इससे बचने के लिए नीचे बताई गई इन गाइडलाइंस को फॉलो जरूर करें...
एक्सपर्ट्स के अनुसार हाल ही में प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मोदी ने वर्क फ्रॉम होम संस्कृति और ईंधन बचाने की जरूरत पर जोर दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक मैसेज वायरल हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि पीएम के इस बयान के बाद स्कैमर्स एक्टिव हो गए हैं और वो इन संदेशों के साथ फेक सरकारी नोटिस और पीडीएफ फाइल शेयर करके लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
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यह नया साइबर स्कैम कैसे काम कर रहा है ?
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्कैमर्स सरकारी आदेश जैसे दिखने वाले नकली PDF तैयार कर रहे हैं। इनमें फर्जी सरकारी भाषा, नकली आदेश और सरकारी प्रतीकों जैसी तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि वे असली लगें। इसके बाद यूजर के पीडीएफ डाउनलोड करते या एम्बेडेड लिंक पर क्लिक करते ही जैसे फाइल ओपन होगी, वैसे ही डिवाइस मैलवेयर या फिशिंग अटैक का शिकार हो सकता है।
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बैंक डिटेल्स और OTP तक पहुंचने की कोशिश
कई मामलों में देखा गया है कि इस पीडीएफ के जरिए स्कैमर्स यूजर्स को फेक वेबसाइट्स पर भेज देते हैं। जहां उनसे बैंक डिटेल्स, OTP, कार्ड जानकारी या पर्सनल डेटा मांगा जाता है। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि आजकल ऑनलाइन फ्रॉड पहले से ज्यादा एडवांस और खतरनाक हो चुके हैं। अब साइबर ठग सिर्फ फेक SMS तक सीमित नहीं हैं। वे लोगों की भावनाओं और डर का फायदा उठा रहे हैं।
कोविड लॉकडाउन की पुरानी यादों की वजह से ऐसे मैसेज बहुत तेजी से वायरल हो जाते हैं। कई केस में लोगों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने, बैंक फ्रॉड होने, निजी डेटा चोरी हाेने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इतना ही नहीं वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराकर पैसे तक ट्रांसफर करवाए गए है।
PDF हमेशा सुरक्षित नहीं होती
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर PDF खतरनाक नहीं होती, लेकिन कई फाइलों में संदिग्ध लिंक, हिडन स्क्रिप्ट और मैलवेयर कोड छिपे हो सकते हैं। अगर फोन अपडेट नहीं है, तो यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सुरक्षा के लिए क्या करें यूजर्स?
ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इससे बचने के लिए नीचे बताई गई इन गाइडलाइंस को फॉलो जरूर करें...
- बिना वेरिफिकेशन डाउनलोड न करें: व्हाट्सएप या किसी भी अन्य प्लेटफॉर्म पर आने वाले किसी भी लॉकडाउन संबंधी PDF या नोटिस को बिना जांचे न तो डाउनलोड करें, न ओपन करें और न ही आगे फॉरवर्ड करें।
- आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें: सरकार का कोई भी आदेश या एडवाइजरी हमेशा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट्स या विश्वसनीय समाचार चैनलों पर ही कंफर्म करें।
- सुरक्षित रहें: याद रखें कि स्कैमर्स आपके डर और भावनाओं का इस्तेमाल करके आपको ठगना चाहते हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपने डिवाइस को हमेशा अपडेट रखें।