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Grok Controversy: एलन मस्क के Grok AI पर अब ब्रिटेन में भी गिरी गाज, भारत के बाद अब यूके ने शुरू की जांच
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 13 Jan 2026 10:37 AM IST
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सार
Grok AI Controversy: अश्लील तस्वीरों को बनाने के मामले में एलन मस्क के Grok AI पर अब ब्रिटेन में भी जांच के घेरे में आ गया है। भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बाद अब यूके ने इस एआई टूल द्वारा बनाई जा रही आपत्तिजनक डीपफेक तस्वीरों की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि यह टूल नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
ग्रोक एआई
- फोटो : X
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विस्तार
एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) और उनके एआई चैटबॉट ग्रोक (Grok) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भारत, इंडोनेशिया और मलेशिया के बाद अब ब्रिटेन (UK) ने भी इस चैटबॉट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ब्रिटेन के मीडिया रेगुलेटर ऑफकॉम (Ofcom) ने आधिकारिक तौर पर जांच शुरू कर दी है कि क्या Grok AI अश्लील और आपत्तिजनक डीपफेक तस्वीरें बनाकर सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने बताया "घिनौना"
यह मामला तब गरमाया जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इन एआई-जनरेटेड तस्वीरों को "घिनौना" और "गैरकानूनी" करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि X को अपने AI टूल पर कड़ी पकड़ बनानी होगी और जरूरत पड़ने पर Ofcom को कार्रवाई के लिए सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। रेगुलेटर ऑफकॉम अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या X ने ब्रिटिश यूजर्स, खासकर बच्चों को इस तरह के अवैध कंटेंट से बचाने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। नियमों के मुताबिक, किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अवैध कंटेंट दिखने से रोकना और जानकारी मिलते ही उसे हटाना अनिवार्य है।
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ब्रिटेन की टेक्नोलॉजी मंत्री लिज केंडल ने ऑफकॉम की जांच का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने हालिया कंटेंट को “बेहद परेशान करने वाला” बताया।
X पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई
ऑफकॉम ने संकेत दिया है कि नियमों के गंभीर उल्लंघन की स्थिति में X पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इसमें भुगतान सेवाओं और विज्ञापन रोकने से लेकर ब्रिटेन में प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
कई देशों में Grok AI पर सवाल
Grok AI की इमेज जेनरेशन क्षमता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं। फ्रांस ने X के खिलाफ अभियोजकों और रेगुलेटर्स से शिकायत की है और कंटेंट को स्पष्ट रूप से गैरकानूनी बताया है। भारत में भी सरकार ने X से जवाब मांगा था। हाल ही में इंडोनेशिया और मलेशिया ने Grok तक पहुंच को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया। इन देशों में गैर-सहमति से बनाई गई अश्लील AI तस्वीरों के वायरल होने के बाद जनता में भारी नाराजगी देखने को मिली। यह पहला मौका है जब किसी सरकार ने Grok AI पर सीधा प्रतिबंध लगाया है।
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भारत में X ने मानी गलती
भारतीय सरकारी सूत्रों के मुताबिक, IT मंत्रालय की चेतावनी के बाद X ने अपनी गलती स्वीकार की और भारतीय कानूनों का पालन करने का आश्वासन दिया। X ने कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 3,500 आपत्तिजनक कंटेंट हटाए हैं और 600 से ज्यादा अकाउंट्स डिलीट किए हैं। X की सेफ्टी टीम का कहना है कि प्लेटफॉर्म बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले कंटेंट को तुरंत हटाता है, ऐसे अकाउंट्स को हमेशा के लिए सस्पेंड करता है और कानून एजेंसियों के साथ सहयोग करता है।
X अपनाता है 'जीरो टॉलरेंस' पॉलिसी
मस्क की कंपनी X का दावा है कि वे अवैध कंटेंट को तुरंत हटाते हैं और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक मटेरियल (CSAM) पर उनकी 'जीरो टॉलरेंस' पॉलिसी है। उन्होंने हाल ही में Grok के फोटो बनाने वाले फीचर को केवल पैसे देने वाले यूजर्स तक सीमित कर दिया है। हालांकि, जब इस जांच के बारे में मस्क की कंपनी xAI से पूछा गया, तो उन्होंने इसे "पुराने मीडिया का झूठ" कहकर टाल दिया।
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने बताया "घिनौना"
यह मामला तब गरमाया जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इन एआई-जनरेटेड तस्वीरों को "घिनौना" और "गैरकानूनी" करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि X को अपने AI टूल पर कड़ी पकड़ बनानी होगी और जरूरत पड़ने पर Ofcom को कार्रवाई के लिए सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। रेगुलेटर ऑफकॉम अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या X ने ब्रिटिश यूजर्स, खासकर बच्चों को इस तरह के अवैध कंटेंट से बचाने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। नियमों के मुताबिक, किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अवैध कंटेंट दिखने से रोकना और जानकारी मिलते ही उसे हटाना अनिवार्य है।
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ब्रिटेन की टेक्नोलॉजी मंत्री लिज केंडल ने ऑफकॉम की जांच का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने हालिया कंटेंट को “बेहद परेशान करने वाला” बताया।
X पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई
ऑफकॉम ने संकेत दिया है कि नियमों के गंभीर उल्लंघन की स्थिति में X पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इसमें भुगतान सेवाओं और विज्ञापन रोकने से लेकर ब्रिटेन में प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
कई देशों में Grok AI पर सवाल
Grok AI की इमेज जेनरेशन क्षमता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं। फ्रांस ने X के खिलाफ अभियोजकों और रेगुलेटर्स से शिकायत की है और कंटेंट को स्पष्ट रूप से गैरकानूनी बताया है। भारत में भी सरकार ने X से जवाब मांगा था। हाल ही में इंडोनेशिया और मलेशिया ने Grok तक पहुंच को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया। इन देशों में गैर-सहमति से बनाई गई अश्लील AI तस्वीरों के वायरल होने के बाद जनता में भारी नाराजगी देखने को मिली। यह पहला मौका है जब किसी सरकार ने Grok AI पर सीधा प्रतिबंध लगाया है।
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भारत में X ने मानी गलती
भारतीय सरकारी सूत्रों के मुताबिक, IT मंत्रालय की चेतावनी के बाद X ने अपनी गलती स्वीकार की और भारतीय कानूनों का पालन करने का आश्वासन दिया। X ने कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 3,500 आपत्तिजनक कंटेंट हटाए हैं और 600 से ज्यादा अकाउंट्स डिलीट किए हैं। X की सेफ्टी टीम का कहना है कि प्लेटफॉर्म बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले कंटेंट को तुरंत हटाता है, ऐसे अकाउंट्स को हमेशा के लिए सस्पेंड करता है और कानून एजेंसियों के साथ सहयोग करता है।
X अपनाता है 'जीरो टॉलरेंस' पॉलिसी
मस्क की कंपनी X का दावा है कि वे अवैध कंटेंट को तुरंत हटाते हैं और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक मटेरियल (CSAM) पर उनकी 'जीरो टॉलरेंस' पॉलिसी है। उन्होंने हाल ही में Grok के फोटो बनाने वाले फीचर को केवल पैसे देने वाले यूजर्स तक सीमित कर दिया है। हालांकि, जब इस जांच के बारे में मस्क की कंपनी xAI से पूछा गया, तो उन्होंने इसे "पुराने मीडिया का झूठ" कहकर टाल दिया।