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Cell Broadcast: कौन-सी है वह तकनीक, जिससे अलर्ट आने पर एक साथ बज उठते हैं सबके मोबाइल, जानें कैसे करती है काम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Sat, 30 May 2026 06:30 PM IST
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सार
Emergency Alert System: शनिवार शाम 5:18 बजे लाखों लोगों के मोबाइल फोन एक साथ बजने लगे। कई लोग घबरा गए, लेकिन बाद में पता चला कि यह भारी आंधी, तूफान और ओलावृष्टि को लेकर जारी किया गया आपातकालीन अलर्ट था। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर कुछ ही सेकंड में एक ही समय पर इतने लोगों के फोन तक यह संदेश कैसे पहुंच गया? इसके पीछे कौन-सी तकनीक काम करती है? आइए समझते हैं विस्तार से...
सेल ब्रॉडकॉस्टिंग सिस्टम
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Cell Broadcast Technology: शनिवार की शाम, लोगों के हाथ और पास में रखे मोबाइल फोन एक साथ बजने लगे। स्क्रीन पर लाल रंग की चेतावनी के साथ अंग्रेजी और हिंदी में “Extremely Severe Alert” लिखा संदेश मिला। जिन लोगों के फोन साइलेंट या डू-नॉट-डिस्टर्ब (DND) मोड पर थे, वे भी इस तेज आवाज को नहीं रोक पाए। शुरुआती समय में लोग डर गए कि कहीं यह कोई खतरनाक साइबर अटैक या स्कैम तो नहीं है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं थी, यह असल में सरकार का 'सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट' था, जो बिना इंटरनेट और नेटवर्क जाम के भी आप तक पहुंचता है.
इस तकनीक की मदद से पहुंचाया गया संदेश
आज लोगों के फोन पर जो चेतावनी संदेश पहुंचा, वह Cell Broadcast Technology की मदद से भेजा गया है। इस तकनीक में किसी व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर अलग-अलग मैसेज भेजने की जरूरत नहीं होती। इसके बजाय मोबाइल टावर सीधे अपने क्षेत्र में मौजूद सभी फोन पर एक साथ अलर्ट प्रसारित कर देता है। यही वजह है कि कुछ ही सेकंड में लाखों लोगों के फोन पर आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी पहुंच गई। इस सिस्टम की खास बात यह है कि नेटवर्क व्यस्त होने या कॉल ट्रैफिक ज्यादा होने पर भी अलर्ट तेजी से लोगों तक पहुंच जाता है, ताकि आपात स्थिति में समय रहते जरूरी जानकारी मिल सके।
Cell Broadcast Technology क्या है?
सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी आपातकालीन संचार तकनीक है, जो मोबाइल नेटवर्क के जरिए किसी क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोनों तक एक साथ संदेश पहुंचा सकती है। यह सामान्य SMS की तरह एक-एक नंबर पर मैसेज भेजने के बजाय सीधे मोबाइल टावर से पूरे इलाके में अलर्ट प्रसारित करती है। यही वजह है कि लाखों लोगों के फोन पर एक ही समय में चेतावनी संदेश दिखाई देता है और इसके लिए नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता।
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एसएमएस से कैसे अलग है यह सिस्टम?
सामान्य SMS में हर मोबाइल नंबर पर अलग-अलग संदेश भेजा जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों को संदेश भेजने पर नेटवर्क धीमा पड़ सकता है। वहीं, सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम में मोबाइल टावर एक साथ अपने कवरेज क्षेत्र में मौजूद सभी डिवाइसों को संदेश प्रसारित कर देता है, इसलिए यह तकनीक नेटवर्क जाम होने की स्थिति में भी प्रभावी तरीके से काम करती है।
भारत में कौन चला रहा है यह सिस्टम?
देश में इस तकनीक को दूरसंचार विभाग (DoT), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और C-DOT के सहयोग से विकसित किया गया है। इसके लिए स्वेदशी सचेत (SACHET ) प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है। यह सिस्टम 4G और 5G नेटवर्क पर काम करता है और जरूरत पड़ने पर किसी खास राज्य, जिले या शहर के लोगों को ही अलर्ट भेज सकता है।
फोन साइलेंट होने पर भी कैसे बज जाता है अलर्ट?
सेल ब्रॉडकास्ट आपातकालीन अलर्ट सामान्य नोटिफिकेशन से अलग होते हैं। इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि गंभीर स्थिति में लोगों का ध्यान तुरंत चला जाए। इसी वजह से कई बार फोन Silent या Do Not Disturb (DND) मोड में होने के बावजूद उनमें तेज अलार्म बजता है और स्क्रीन पर चेतावनी संदेश दिखाई देता है।
किन परिस्थितियों में भेजे जाते हैं ऐसे अलर्ट?
सरकार इस तकनीक का उपयोग कई तरह की आपातकालीन स्थितियों में करती है, जैसे भारी आंधी और तूफान, ओलावृष्टि, बाढ़, चक्रवात, भूकंप और सुनामी जैसे बड़े सार्वजनिक सुरक्षा खतरों से पहले ऐसे संदेश भेजे जाते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को समय रहते चेतावनी देकर जान-माल के नुकसान को कम करना है।
इस तकनीक की मदद से पहुंचाया गया संदेश
आज लोगों के फोन पर जो चेतावनी संदेश पहुंचा, वह Cell Broadcast Technology की मदद से भेजा गया है। इस तकनीक में किसी व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर अलग-अलग मैसेज भेजने की जरूरत नहीं होती। इसके बजाय मोबाइल टावर सीधे अपने क्षेत्र में मौजूद सभी फोन पर एक साथ अलर्ट प्रसारित कर देता है। यही वजह है कि कुछ ही सेकंड में लाखों लोगों के फोन पर आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी पहुंच गई। इस सिस्टम की खास बात यह है कि नेटवर्क व्यस्त होने या कॉल ट्रैफिक ज्यादा होने पर भी अलर्ट तेजी से लोगों तक पहुंच जाता है, ताकि आपात स्थिति में समय रहते जरूरी जानकारी मिल सके।
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Cell Broadcast Technology क्या है?
सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी आपातकालीन संचार तकनीक है, जो मोबाइल नेटवर्क के जरिए किसी क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोनों तक एक साथ संदेश पहुंचा सकती है। यह सामान्य SMS की तरह एक-एक नंबर पर मैसेज भेजने के बजाय सीधे मोबाइल टावर से पूरे इलाके में अलर्ट प्रसारित करती है। यही वजह है कि लाखों लोगों के फोन पर एक ही समय में चेतावनी संदेश दिखाई देता है और इसके लिए नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता।
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एसएमएस से कैसे अलग है यह सिस्टम?
सामान्य SMS में हर मोबाइल नंबर पर अलग-अलग संदेश भेजा जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों को संदेश भेजने पर नेटवर्क धीमा पड़ सकता है। वहीं, सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम में मोबाइल टावर एक साथ अपने कवरेज क्षेत्र में मौजूद सभी डिवाइसों को संदेश प्रसारित कर देता है, इसलिए यह तकनीक नेटवर्क जाम होने की स्थिति में भी प्रभावी तरीके से काम करती है।
भारत में कौन चला रहा है यह सिस्टम?
देश में इस तकनीक को दूरसंचार विभाग (DoT), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और C-DOT के सहयोग से विकसित किया गया है। इसके लिए स्वेदशी सचेत (SACHET ) प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है। यह सिस्टम 4G और 5G नेटवर्क पर काम करता है और जरूरत पड़ने पर किसी खास राज्य, जिले या शहर के लोगों को ही अलर्ट भेज सकता है।
फोन साइलेंट होने पर भी कैसे बज जाता है अलर्ट?
सेल ब्रॉडकास्ट आपातकालीन अलर्ट सामान्य नोटिफिकेशन से अलग होते हैं। इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि गंभीर स्थिति में लोगों का ध्यान तुरंत चला जाए। इसी वजह से कई बार फोन Silent या Do Not Disturb (DND) मोड में होने के बावजूद उनमें तेज अलार्म बजता है और स्क्रीन पर चेतावनी संदेश दिखाई देता है।
किन परिस्थितियों में भेजे जाते हैं ऐसे अलर्ट?
सरकार इस तकनीक का उपयोग कई तरह की आपातकालीन स्थितियों में करती है, जैसे भारी आंधी और तूफान, ओलावृष्टि, बाढ़, चक्रवात, भूकंप और सुनामी जैसे बड़े सार्वजनिक सुरक्षा खतरों से पहले ऐसे संदेश भेजे जाते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को समय रहते चेतावनी देकर जान-माल के नुकसान को कम करना है।