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AI Risks: ऑफिस में AI टूल्स के इस्तेमाल में छिपा है ये रिस्क, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इग्नोर?

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Sun, 31 May 2026 05:04 PM IST
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सार

Paul Graham AI email tweet: एआई अब ईमेल लिख रहा है, लेकिन हर कोई इसमें खुश नहीं है...यह मानना है Y Combinator (वाई कॉम्बिनेटर) के को-फाउंडर Paul Graham का। इस बयान ने एआई बनाम मानवीय संवाद की बहस फिर से तेज हो गई है। आइए जानते हैं कि ग्राहम को AI ईमेल क्यों इतने बुरे लगते हैं और इसके पीछे का असली खतरा क्या है।
 

Investor Paul Graham Says He Ignores Them Moment He Spots
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार

Artificial Intelligence communication risks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ चैटबॉट या इमेज जनरेशन तक सीमित नहीं रहा है। लोग अब ईमेल, बिजनेस पिच, रिपोर्ट और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन तक एआई से ही लिखवाने लगे हैं। इसी ट्रेंड को देखते दुनिया के जाने-माने निवेशक और वाई कॉम्बिनेटर के को-फाउंडर पॉल ग्राहम ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि एआई से लिखे गए ईमेल्स में मानवीय पहचान और असली भावना गायब होती जा रही है। यही उन्हें सबसे ज्यादा परेशान भी करती है।


AI से लिखे ईमेल क्यों खटक रहे हैं?
  • वेटरन इन्वेस्टर पॉल ग्राहम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें अब कई फाउंउर्स के ईमेल एक जैसे लगने लगे हैं। यह ईमेल एक hard-hitting journalistic style में लिखे होते हैं, जो पहले स्टार्टअप फाउंडर्स की भाषा नहीं होती थी।
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  • यही वजह है कि इन एआई ईमेल देखते ही वो उसे तुरंत इग्नोर कर देते हैं। उन्होंने साफ कहा कि जैसे ही एहसास होता है कि ईमेल किसी इंसान के नाम से भेजा गया है लेकिन लिखा AI ने है, उनका मन भटक जाता है और वे उन्हें पढ़ना तुरंत बंद कर देते हैं।
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झूठा महसूस कराते हैं ये ईमेल्स

ऐसा लगता है जैसे कोई झूठ बोल रहा हो...पॉल ग्राहम का यह बयान काफी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि एआई की ओर से लिखे गए ईमेल उन्हें बिइंग लाइड टू (being lied to) यानी झूठ बोले जाने जैसा महसूस कराते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी भी जानबूझकर ऐसा ईमेल पूरा नहीं पढ़ा, जो किसी व्यक्ति के नाम से भेजा गया हो लेकिन पूरी तरह AI की ओर से लिखा गया हो। यानी उनके लिए समस्या एआई नहीं, बल्कि एआर् के जरिए मानवीय पहचान गायब हो जाना है। मतलब उसमें ह्यूमन टच खत्म हो गया है।

टेक इंडस्ट्री में बहत तेज
  • Paul Graham की टिप्पणी के बाद टेक इंडस्ट्री में बड़ी बहस शुरू हो गई है। कई निवेशकों, संस्थापकों और टेक लीडर्स का कहना है कि एआई से लिखे गए संदेश अक्सर जरूरत से ज्यादा पॉलिश्ड, औपचारिक और एक जैसे लगते हैं।
  • कई एक्सपर्ट्स तो मानते हैं कि बिजनेस और प्रोफेशनल दुनिया में भरोसा केवल जानकारी से नहीं, बल्कि व्यक्ति की वास्तविक आवाज और सोच से बनता है। 

क्या AI लिखने और सोचने की क्षमता कम कर रहा है?
  • इसी के साथ अब एक सवाल और जुड़ रहा है, जो अक्सर लोगों के दिमाग में रहता है कि क्या आज जो एआई समय बचाता है, वो हमारो ल खने, सोचने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है।
  • कई एक्सपर्ट्स इसे सही मानते हैं। तो कई पहले ही इस विषय में राय दे चुके हैं कि एआई केवल सहायक टूल होना चाहिए, इंसानी सोच का विकल्प नहीं। अगर हर ईमेल, रिपोर्ट और बातचीत मशीन तैयार करने लगेगी, तो लंबे समय में लोगों की अपनी रचनात्मकता कमजोर पड़ सकती है।

 
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