रोबोट्स का कमाल: 8.86 सेकंड में 100 मीटर दौड़ा एक, तो दूसरे ने लगाई कमाल की छलांग; तीसरे ने ऐसे किया हैरान
चीन के बीजिंग में आयोजित विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में रोबोटिक्स की दुनिया में इतिहास रच दिया है। प्रतियोगिता में अलग-अलग रोबोट्स ने इंसानी क्षमताओं को पीछे छोड़ दिया है। जिनका वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है। आइए जानते हैं इन रोबोट्स के वाकये के बारे में विस्तार से।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इस प्रतियोगिता में एक रोबोट ने 100 मीटर की दौड़ 8.86 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड बनाया, दूसरे ने खड़े-खड़े 3.4 मीटर की छलांग लगाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जबकि गेम्स में इससे पहले एक अन्य रोबोट 9.39 सेकंड में 100 मीटर पूरा कर सुर्खियां बटोर चुका था।
पहले रोबोट ने 8.86 सेकंड में दौड़ा 100 मीटर
- सबसे ज्यादा चर्चा तियांगोंग रोबोट की हो रही है। इस ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर स्प्रिंट में 8.86 सेकंड का समय दर्ज किया और नया रोबोट रिकॉर्ड बना दिया।
- खास बात यह है कि यह रिकॉर्ड कुछ ही दिनों में कई बार टूटा है। गेम्स की ओपनिंग नाइट पर एक रोबोट ने 100 मीटर की दौड़ 9.39 सेकंड में पूरी की थी। इसके बाद यह समय 9.32 सेकंड तक पहुंचा और अब तियांगोंग ने 8.86 सेकंड के साथ इसे और बेहतर कर दिया। यानी रोबोट्स ने पहली बार 100 मीटर की दौड़ में 9 सेकंड का आंकड़ा पार कर लिया है।
8.86 seconds…🤯
— Humanoid Intelligence (@HumanoidsHQ) August 25, 2026
The 100m record has fallen once again.
It started at 9.39 seconds on the opening night, dropped to 9.32, and now Tiangong has clocked an incredible 8.86 seconds in the first semi-final heat.
Sub-9 seconds.
And the final is still to come. pic.twitter.com/uhbd7zKMmD
इंसानों के रिकॉर्ड से भी तेज
- सबसे ज्यादा चौंकाने वाला वाकया रहा कि तियांगोंग का 8.86 सेकंड का समय इंसानों के 100 मीटर विश्व रिकॉर्ड 9.58 सेकंड से भी तेज था। यह रिकॉर्ड महान धावक उसेन बोल्ट के नाम है।
- हालांकि रोबोट और इंसानों की दौड़ की परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं, लेकिन दो पैरों पर चलने वाली मशीन के लिए इतनी तेज गति हासिल करना इंजीनियरिंग के लिहाज से बड़ी उपलब्धि है।
- यहां पर ध्यान देना है कि तियांगोंग ने भले ही रिकॉर्ड बना दिया, लेकिन फिनिश लाइन पर उसका प्रदर्शन पूरी तरह सहज नहीं रहा। तेज दौड़ पूरी करने के बाद रोबोट फिनिश लाइन पर गिर गया।
- इतना ही नहीं, उसकी कमर के हिस्से से चिंगारियां निकलती हुई भी दिखाई दीं। यह घटना बताती है कि ह्यूमनॉइड रोबोट को इतनी तेज गति से दौड़ाने में केवल मोटर की ताकत ही नहीं, बल्कि बैलेंस, कंट्रोल और मैकेनिकल मजबूती भी बड़ी चुनौती है।
दूसरे रोबोट ने खड़े-खड़े लगाई 3.4 मीटर की छलांग
- दूसरे रोबोट का प्रदर्शन देखने के बाद तो लोगों के होश ही उड़ गए। यह प्रदर्शन भी किसी और का नहीं, बल्कि प्रतियोगिता में दर्शकों का दिल जीतने वाले तियांगोंग से जुड़ा है। इसी इवेंट में एक्स-ह्यूमनॉइड तियानगोंग ने स्टैंडिंग पोजीशन से 3.4 मीटर की छलांग लगाई।
- इस प्रदर्शन में रोबोट ने बिना दौड़ लगाए खड़े होने की स्थिति से ही इतनी लंबी छलांग लगाई। आयोजकों ने इसे नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बताया है। इस प्रदर्शन में रोबोट के मजबूत टॉर्क और पैरों की ताकत अहम मानी जा रही है। यह उपलब्धि दिखाती है कि ह्यूमनॉइड रोबोट सिर्फ तेजी से दौड़ने ही नहीं, बल्कि तेज जंप और लैंडिंग जैसी मुश्किल गतिविधियां करने में भी सक्षम हो रहे हैं।
तीसरे रोबोट ने 9.39 सेकंड में मचाई थी सनसनी
- इन रिकॉर्ड्स से पहले इसी प्रतियोगिता में एक अन्य ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर की दौड़ 9.39 सेकंड में पूरी करके नया रोबोट रिकॉर्ड बनाया था।
- उस समय यह उपलब्धि इसलिए खास थी क्योंकि रोबोट ने पहली बार 100 मीटर की दूरी को 9.5 सेकंड से भी कम समय में पूरा किया था। लेकिन इसके सिर्फ कुछ दिनों बाद रिकॉर्ड फिर बेहतर हो गया।
- पहले 9.39 सेकंड, फिर 9.32 सेकंड और अब 8.86 सेकंड रोबोट स्प्रिंट में रिकॉर्ड तेजी से बदल रहा है।
8.86 seconds…🤯
The 100m record has fallen once again.
It started at 9.39 seconds on the opening night, dropped to 9.32, and now Tiangong has clocked an incredible 8.86 seconds in the first semi-final heat.
Sub-9 seconds.
And the final is still to come. pic.twitter.com/uhbd7zKMmD — Humanoid Intelligence (@HumanoidsHQ) August 25, 2026
2000 से ज्यादा रोबोट्स ले रहे हैं हिस्सा
बीजिंग में आयोजित विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में 2000 से ज्यादा ह्यूमनॉइड रोबोट हिस्सा ले रहे हैं। यहां रोबोट्स को सिर्फ दौड़ में नहीं परखा जा रहा है। प्रतियोगिता में रनिंग, लॉन्ग जंप, टेबल टेनिस और डांसिंग जैसे मुकाबले शामिल हैं। इसके अलावा रोबोट्स को वास्तविक दुनिया के कामों में भी टेस्ट किया जा रहा है।
खेल के साथ असली दुनिया के काम भी
इन गेम्स में ह्यूमनॉइड रोबोट्स को घरेलू काम, होटल सर्विस और इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसे रियल-वर्ल्ड टास्क भी दिए जा रहे हैं। इसका मकसद सिर्फ यह देखना नहीं है कि रोबोट कितनी तेज दौड़ सकता है, बल्कि यह भी जांचना है कि वह इंसानों के आसपास वास्तविक परिस्थितियों में कितनी अच्छी तरह काम कर सकता है।