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Mobile Data: क्या मोबाइल डेटा होगा महंगा? हर 1GB पर लग सकता है ₹1 का टैक्स, जानिए क्या है मामला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Fri, 13 Mar 2026 06:12 PM IST
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सार
भारत में मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल जल्द महंगा हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार मोबाइल डेटा पर प्रति GB टैक्स लगाने की संभावना का अध्ययन करा रही है। अगर यह लागू हुआ तो यूजर्स को मौजूदा GST के अलावा अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है।
सरकार के इस फैसले से महंगा हो सकता है डेटा
- फोटो : AI जनरेटेड
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विस्तार
भारत में मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए आने वाले समय में डेटा महंगा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार मोबाइल डेटा उपयोग पर नया टैक्स लगाने के विकल्प की जांच कर रही है। इस संबंध में दूरसंचार विभाग (DoT) से विस्तृत अध्ययन करने को कहा गया है।
कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी एक समीक्षा बैठक के दौरान यह मुद्दा सामने आया। इसके बाद दूरसंचार विभाग को यह जांचने का निर्देश दिया गया कि क्या मोबाइल डेटा इस्तेमाल पर टैक्स लगाया जा सकता है और अगर लगाया जाए तो उसका ढांचा कैसा होगा।
हर GB डेटा पर लग सकता है अतिरिक्त चार्ज
रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार जिन विकल्पों पर विचार कर रही है, उनमें प्रति GB डेटा पर लगभग ₹1 टैक्स लगाने का प्रस्ताव शामिल है। यदि ऐसा होता है तो जब भी कोई यूजर मोबाइल इंटरनेट का उपयोग करेगा, उस पर यह अतिरिक्त शुल्क जुड़ सकता है।
यह भी पढ़ें: एक तरफ रसोई गैस की किल्लत, दूसरी ओर से ठगों ने ऑनलाइन बिछाया जाल, जानिए 'एलपीजी स्कैम' से कैसे बचें
अनुमान है कि यदि यह मॉडल लागू किया जाता है तो सरकार को इससे हर साल लगभग ₹22,900 करोड़ तक की अतिरिक्त आय हो सकती है।
पहले से लग रहा है 18% GST
गौरतलब है कि भारत में मोबाइल रिचार्ज और पोस्टपेड बिल पर पहले से 18% जीएसटी लगाया जाता है। यानी यूजर्स पहले ही टेलीकॉम सेवाओं पर टैक्स दे रहे हैं। अगर डेटा उपयोग पर अलग से टैक्स लागू होता है, तो यह मौजूदा कर के अलावा एक अतिरिक्त शुल्क होगा।
यह भी पढ़ें: एपल ने 10 साल पुराने iPhone के लिए जारी किया इमरजेंसी अपडेट, हैक होने का मंडरा रहा था खतरा
सरकार ने आधारिक सूचना जारी नहीं की
भारत उन देशों में शामिल है जहां मोबाइल इंटरनेट तुलनात्मक रूप से सस्ता है। कम कीमतों के कारण वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स के चलते डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। बताया जा रहा है कि फिलहाल सरकार ने दूरसंचार विभाग को प्रस्ताव के फायदे और नुकसान का अध्ययन करने के लिए कहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अभी तक सरकार की ओर से इस विषय में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
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कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी एक समीक्षा बैठक के दौरान यह मुद्दा सामने आया। इसके बाद दूरसंचार विभाग को यह जांचने का निर्देश दिया गया कि क्या मोबाइल डेटा इस्तेमाल पर टैक्स लगाया जा सकता है और अगर लगाया जाए तो उसका ढांचा कैसा होगा।
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हर GB डेटा पर लग सकता है अतिरिक्त चार्ज
रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार जिन विकल्पों पर विचार कर रही है, उनमें प्रति GB डेटा पर लगभग ₹1 टैक्स लगाने का प्रस्ताव शामिल है। यदि ऐसा होता है तो जब भी कोई यूजर मोबाइल इंटरनेट का उपयोग करेगा, उस पर यह अतिरिक्त शुल्क जुड़ सकता है।
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अनुमान है कि यदि यह मॉडल लागू किया जाता है तो सरकार को इससे हर साल लगभग ₹22,900 करोड़ तक की अतिरिक्त आय हो सकती है।
पहले से लग रहा है 18% GST
गौरतलब है कि भारत में मोबाइल रिचार्ज और पोस्टपेड बिल पर पहले से 18% जीएसटी लगाया जाता है। यानी यूजर्स पहले ही टेलीकॉम सेवाओं पर टैक्स दे रहे हैं। अगर डेटा उपयोग पर अलग से टैक्स लागू होता है, तो यह मौजूदा कर के अलावा एक अतिरिक्त शुल्क होगा।
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सरकार ने आधारिक सूचना जारी नहीं की
भारत उन देशों में शामिल है जहां मोबाइल इंटरनेट तुलनात्मक रूप से सस्ता है। कम कीमतों के कारण वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स के चलते डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। बताया जा रहा है कि फिलहाल सरकार ने दूरसंचार विभाग को प्रस्ताव के फायदे और नुकसान का अध्ययन करने के लिए कहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अभी तक सरकार की ओर से इस विषय में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
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