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टाटा और OpenAI के बीच साझेदारी का एलान: भारत में तैयार होगा 1 गीगावाट का 'हाइपरवॉल्ट' डेटा सेंटर
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 20 Feb 2026 03:47 PM IST
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सार
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में भारत ने अपनी तकनीकी ताकत का लोहा मनवाया है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस आयोजन को शानदार बताते हुए ओपनएआई के साथ एक ऐतिहासिक साझेदारी का ऐलान किया, जिससे भारत एआई की दुनिया में ग्लोबल लीडर बनेगा।
एन. चंद्रशेखरन, चेररमैन, टाटा संस
- फोटो : आईएएनएस
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विस्तार
नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में टेक लीडर्स ने दुनिया को एआई के भविष्य की झलक दिखाई। खास बात ये रही की दुनियाभर के दिग्गजों ने माना कि आने वाले समय में भारत एआई में नवाचारों का केंद्र बनकर उभरेगा। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने समिट की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि इस मंच ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर कितना गंभीर है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भारत ने अपनी योजनाओं और विजन को दुनिया के बड़े नेताओं के सामने मजबूती से रखा है।
इस समिट की सबसे बड़ी खबर टाटा ग्रुप और चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) के बीच हुई साझेदारी रही। दोनों दिग्गज मिलकर भारत में ही एआई-आधारित डेटा सेंटर बनाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारा डेटा भारत में ही सुरक्षित रहेगा और सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद मजबूत होगा।
इस प्रोजेक्ट की खास बातें:
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इस समिट की सबसे बड़ी खबर टाटा ग्रुप और चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) के बीच हुई साझेदारी रही। दोनों दिग्गज मिलकर भारत में ही एआई-आधारित डेटा सेंटर बनाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारा डेटा भारत में ही सुरक्षित रहेगा और सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद मजबूत होगा।
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इस प्रोजेक्ट की खास बातें:
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के 'हाइपरवॉल्ट डेटा सेंटर' का पहला ग्राहक ओपनएआई होगा।
- यह काम 100 मेगावाट से शुरू होगा, जिसे भविष्य में 1 गीगावाट (1000 मेगावाट) तक बढ़ाया जा सकेगा।
- इससे एआई मॉडल्स भारत में बहुत तेज और सुरक्षित तरीके से चलेंगे, जो सरकारी और जरूरी कामों के लिए बहुत फायदेमंद है।
लाखों कर्मचारियों को मिलेगा 'चैटजीपीटी' का साथ
टाटा ग्रुप केवल तकनीक बना ही नहीं रहा, बल्कि उसे अपना भी रहा है। कंपनी की योजना है कि वह अपने लाखों कर्मचारियों को 'चैटजीपीटी एंटरप्राइज' का एक्सेस देगी। इसकी शुरुआत टीसीएस के कर्मचारियों से होगी। यह दुनिया में किसी भी कंपनी द्वारा एआई का अब तक का सबसे बड़ा इस्तेमाल होगा।
चंद्रशेखरन ने जोर देकर कहा कि ओपनएआई के साथ यह तालमेल उद्योगों को पूरी तरह बदल देगा। उन्होंने कहा, "हम भारत के युवाओं को एआई के दौर के लिए तैयार करेंगे। उन्हें नई स्किल सिखाकर सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।" यह साझेदारी भारत को एआई के क्षेत्र में 'विश्व गुरु' बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
एआई इम्पैक्ट समिट का आज आखिरी दिन
नई दिल्ली में चल रहे पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट (2026) का आज आखिरी दिन है। इस ग्लोबल इवेंट का आयोजन 16 से 20 फरवरी के बीच किया जा रहा है। समिट में गुरुवार को दिग्गज टेक्नोलॉजी और एआई कंपनियों के लीडर्स ने एआई के भविष्य, मानवता के लिए उपयोग और चिंताओं के बारे में चर्चा की। इस दौरान गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई समेत कई लीडर्स पीएम मोदी के एक साथ मंच पर आए।
टाटा ग्रुप केवल तकनीक बना ही नहीं रहा, बल्कि उसे अपना भी रहा है। कंपनी की योजना है कि वह अपने लाखों कर्मचारियों को 'चैटजीपीटी एंटरप्राइज' का एक्सेस देगी। इसकी शुरुआत टीसीएस के कर्मचारियों से होगी। यह दुनिया में किसी भी कंपनी द्वारा एआई का अब तक का सबसे बड़ा इस्तेमाल होगा।
चंद्रशेखरन ने जोर देकर कहा कि ओपनएआई के साथ यह तालमेल उद्योगों को पूरी तरह बदल देगा। उन्होंने कहा, "हम भारत के युवाओं को एआई के दौर के लिए तैयार करेंगे। उन्हें नई स्किल सिखाकर सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।" यह साझेदारी भारत को एआई के क्षेत्र में 'विश्व गुरु' बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
एआई इम्पैक्ट समिट का आज आखिरी दिन
नई दिल्ली में चल रहे पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट (2026) का आज आखिरी दिन है। इस ग्लोबल इवेंट का आयोजन 16 से 20 फरवरी के बीच किया जा रहा है। समिट में गुरुवार को दिग्गज टेक्नोलॉजी और एआई कंपनियों के लीडर्स ने एआई के भविष्य, मानवता के लिए उपयोग और चिंताओं के बारे में चर्चा की। इस दौरान गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई समेत कई लीडर्स पीएम मोदी के एक साथ मंच पर आए।