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पीएम फेसबुक पोस्ट मामला: मेटा की सफाई से सरकार असंतुष्ट, कहा- ऐसी घटना बड़ी चूक, देना होगा विस्तृत जवाब
Thu, 30 Jul 2026 03:37 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 30 Jul 2026 03:37 PM IST
सार
PM Modi Facebook Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट पर अस्थायी रोक लगने के मामले में केंद्र सरकार ने मेटा से विस्तृत जवाब तलब किया है। सरकार केवल तकनीकी वजह ही नहीं, बल्कि कंपनी की नीतियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की तैयारियों की भी जानकारी चाहती है।
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मेटा से सरकार ने मांगा वीडियो मामले पर पूरा ब्योरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए 'प्रतिबंधित' करना सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) को भारी पड़ गया है। केवल एक माफीनामे से असंतुष्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने अब इस मामले में कड़ा कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे केवल खेद नहीं, बल्कि इस बड़ी चूक का विस्तृत तकनीकी और नीतिगत स्पष्टीकरण चाहिए।
7 से 10 दिनों के भीतर पेश होंगे मेटा के अधिकारी
युवाओं और पेपर लीक पर था प्रधानमंत्री का संदेश
यह मामला उस फेसबुक वीडियो से जुड़ा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को साझा किया था। वीडियो में उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए नीट (NEET) परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। इसी पोस्ट पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लग गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।
यह भी पढ़ें: रूस के बाद ऑस्ट्रेलिया ने भी टेलीग्राम पर दिखाए सख्त तेवर, करोड़ों के जुर्माने की दी चेतावनी
'तकनीकी खराबी' का स्पष्टीकरण सरकार का नामंजूर
यह भी पढ़ें: एआई पर नरम पड़े सैम ऑल्टमैन: बोले- समाज की सुरक्षा के लिए रफ्तार धीमी करनी होगी, साइबर हमले के बाद बदला रुख
मेटा ने लागू किया नया प्रोटोकॉल
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7 से 10 दिनों के भीतर पेश होंगे मेटा के अधिकारी
- इस विवाद के गहराने के बाद, मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने के लिए तलब किया है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने जानकारी दी कि यह महत्वपूर्ण बैठक अगले सात से 10 दिनों के भीतर होने की उम्मीद है। यह कदम तब उठाया गया है जब ठीक एक दिन पहले ही सरकार ने एक वरिष्ठ मेटा कार्यकारी को तलब कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
- उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "भारत सरकार अपनी चिंताओं को सीधे मेटा के सामने रखना चाहती है। हम जानना चाहते हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री की पोस्ट को ब्लॉक किया गया। इसके पीछे की तकनीकी और नीतिगत वजहें क्या थीं, इसका पूरा ब्यौरा हमें चाहिए।"
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युवाओं और पेपर लीक पर था प्रधानमंत्री का संदेश
यह मामला उस फेसबुक वीडियो से जुड़ा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को साझा किया था। वीडियो में उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए नीट (NEET) परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। इसी पोस्ट पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लग गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।
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'तकनीकी खराबी' का स्पष्टीकरण सरकार का नामंजूर
- मेटा ने इस घटना के तुरंत बाद सरकार को प्रारंभिक स्पष्टीकरण देते हुए अपनी गलती पर खेद जताया था और इसे एक 'तकनीकी खराबी' करार दिया था। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस जवाब को अपर्याप्त बताते हुए खारिज कर दिया।
- सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री जैसे शीर्ष पद की पोस्ट के साथ ऐसी घटना होना सामान्य बात नहीं है, इसलिए इसकी गहन जांच जरूरी है। सरकार ने मेटा से यह भी पूछा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कंपनी क्या ठोस कदम उठा रही है।
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मेटा ने लागू किया नया प्रोटोकॉल
- भारत सरकार की इस सख्ती के बाद मेटा बैकफुट पर नजर आ रहा है। एस. कृष्णन के अनुसार, मेटा ने सरकार को सूचित किया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कंपनी ने 28 जुलाई से एक नया प्रोटोकॉल लागू कर दिया है।
- इस नए सिस्टम के तहत प्रधानमंत्री और अन्य हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स से पब्लिश होने वाले कंटेंट की अतिरिक्त निगरानी की जाएगी। इसका सीधा मकसद यह है कि अनजाने में या किसी तकनीकी खामी की वजह से कोई भी महत्वपूर्ण पोस्ट दोबारा ब्लॉक न हो सके।